वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
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एडीबी द्वारा वित्तपोषित स्माइल कार्यक्रम भारत की साजो-सामान दक्षता को बढ़ाएगा, लागत में कटौती और मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा

Posted On: 28 MAR 2025 4:43PM by PIB Delhi

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) द्वारा वित्तपोषित मल्टीमॉडल और एकीकृत लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम (स्माईल) कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के साजो-सामान रसद ढांचे में सुधार, लागत को कम करना और दक्षता बढ़ाना है। यह मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को मजबूत करके, वेयरहाउसिंग को मानकीकृत करके और व्यापार लॉजिस्टिक्स में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के कार्यान्वयन का समर्थन करता है।

स्माईल कार्यक्रम का उद्देश्य (i) राष्ट्रीय, राज्य और शहर के स्तर पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए संस्थागत आधार को मजबूत करने; (ii) आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और निजी क्षेत्र के अधिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए वेयरहाउसिंग और अन्य लॉजिस्टिक्स परिसंपत्तियों को मानकीकृत करने; (iii) बाहरी व्यापार लॉजिस्टिक्स में दक्षता में सुधार करने; और (iv) कुशल और कम कार्बन उत्सर्जन वाले लॉजिस्टिक्स के लिए स्मार्ट सिस्टम को अपनाने के माध्यम से लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने के लिए व्यापक नीति ढांचा स्थापित करना और उसे क्रियान्वित करना है। इससे खासकर भारत के विनिर्माण क्षेत्र के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं के लचीलेपन में सुधार होगा

स्माइल कार्यक्रम को विभिन्न प्रक्रियाओं में नीति, बुनियादी ढांचे और डिजिटल हस्तक्षेप का अध्ययन और पहचान करने के लिए तैयार किया गया है, जो लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने और परिणामस्वरूप रोजगार के अवसरों में वृद्धि करने में सहायक हैं।

स्माइल कार्यक्रम में लैंगिक समावेशन के लिए समर्पित उपाय शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय व्यापार सुविधा कार्य योजना (2020-23) के "व्यापार में लैंगिक समावेशन" अधिदेश के हिस्से के रूप में भूमि बंदरगाहों के लैंगिक ऑडिट के लिए एक तंत्र विकसित करना है, और देश में परिचालन एकीकृत चेक पोस्टों का आकलन करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे लैंगिक जवाबदेही की न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

स्माइल कार्यक्रम घरेलू विनिर्माण को मजबूत करके, साजो-सामान रसद दक्षता में सुधार करके और वैश्विक व्यापार नेटवर्क में बेहतर एकीकरण को सक्षम करके आत्मनिर्भर भारत (आत्म-निर्भर भारत) पहल के साथ संरेखित है। इससे भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, अकुशल साजो-सामान पर निर्भरता कम होगी और भारत को वैश्विक विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला केंद्र बनाने के दृष्टिकोण का समर्थन प्राप्त होगा। निजी निवेश और डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देकर, कार्यक्रम दीर्घकालिक आर्थिक लचीलापन और विकास में योगदान देता है।

वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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