रेल मंत्रालय
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भारतीय रेलवे 60 स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग क्षेत्र के साथ एक्सेस कंट्रोल सिस्टम लागू करेगा


भारतीय रेलवे ने चौड़े फुट-ओवर-ब्रिज, सीसीटीवी निगरानी और वॉर रूम के साथ भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाया

Posted On: 26 MAR 2025 8:11PM by PIB Delhi

त्यौहार/मेला अवधि के दौरान स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के उद्देश्य से रेलवे द्वारा सीमित प्रवेश नियंत्रण प्रणाली का प्रयोग किया गया है, जहां ऐसी अवधि के दौरान स्टेशनों के बाहर होल्डिंग क्षेत्र बनाए गए और यात्रियों को केवल तभी अनुमति दी गई जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आ गई।

इसके अलावा, स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए रेलवे द्वारा निम्नलिखित निर्णय लिए गए हैं-

1. 60 स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग क्षेत्र:

  1. 2024 के त्यौहारी सीजन के दौरान स्टेशनों के बाहर होल्डिंग क्षेत्र बनाए गए थे। सूरत, उधना, पटना और नई दिल्ली में ये प्रतीक्षा क्षेत्र बड़ी भीड़ को संभालने में सक्षम थे। यात्रियों को तभी अनुमति दी गई, जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आई।
  2. महाकुंभ के दौरान प्रयाग क्षेत्र के नौ स्टेशनों पर इसी तरह की व्यवस्था की गई थी।
  3. इन स्टेशनों के अनुभव के आधार पर, देश भर के 60 स्टेशनों पर, जहां समय-समय पर भारी भीड़ होती है, स्टेशनों के बाहर स्थायी प्रतीक्षा क्षेत्र बनाने का निर्णय लिया गया है।
  4. नई दिल्ली, आनंद विहार, वाराणसी, अयोध्या और गाजियाबाद स्टेशनों पर पायलट परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं।
  5. इस अवधारणा से अचानक आने वाली भीड़ को प्रतीक्षा क्षेत्र में ही सीमित रखा जा सकेगा। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर तभी जाने की अनुमति होगी, जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आएगी। इससे स्टेशनों पर भीड़ कम होगी।

2. प्रवेश नियंत्रण:

  1. 60 स्टेशनों पर पूर्ण प्रवेश नियंत्रण शुरू किया जाएगा।
  2. कन्फर्म रिजर्व टिकट वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक सीधे पहुंच दी जाएगी।
  3. बिना टिकट या प्रतीक्षा सूची वाले यात्री बाहरी प्रतीक्षा क्षेत्र में प्रतीक्षा करेंगे।
  4. सभी अनाधिकृत प्रवेश द्वार सील कर दिए जाएंगे।

3. चौड़े फुट-ओवर-ब्रिज (एफओबी):

  1. 12 मीटर चौड़े (40 फीट) और 6 मीटर चौड़े (20 फीट) मानक वाले एफओबी के दो नए डिजाइन विकसित किए गए हैं। रैंप वाले ये चौड़े एफओबी महाकुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन में बहुत कारगर रहे। ये नए मानक वाले चौड़े एफओबी सभी स्टेशनों पर लगाए जाएंगे।

4. कैमरा:

i.  महाकुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन में कैमरों ने बड़ी मदद की। सभी स्टेशनों और आस-पास के इलाकों में कड़ी निगरानी के लिए बड़ी संख्या में कैमरे लगाए जाएंगे।

5. वॉर रूम:

i.    बड़े स्टेशनों पर वॉर रूम बनाए जाएंगे। भीड़भाड़ की स्थिति में सभी विभागों के अधिकारी वॉर रूम में काम करेंगे।

6. नई पीढ़ी के संचार उपकरण:

i.    सभी भारी भीड़ वाले स्टेशनों पर वॉकी-टॉकी, उद्घोषणा प्रणाली, कॉलिंग सिस्टम जैसे नवीनतम डिजाइन के डिजिटल संचार उपकरण लगाए जाएंगे।

7. नए डिजाइन का आईडी कार्ड:

i.    सभी कर्मचारियों और सेवाकर्मियों को नए डिजाइन का आईडी कार्ड दिया जाएगा, ताकि केवल अधिकृत व्यक्ति ही स्टेशन में प्रवेश कर सकें।

8. कर्मचारियों के लिए नई डिजाइन की वर्दी:

i.    सभी स्टाफ सदस्यों को नई डिजाइन की वर्दी दी जाएगी, ताकि संकट की स्थिति में उन्हें आसानी से पहचाना जा सके।

9. स्टेशन निदेशक पद का उन्नयन:

  1. सभी प्रमुख स्टेशनों पर स्टेशन निदेशक के रूप में एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। अन्य सभी विभाग स्टेशन निदेशक को रिपोर्ट करेंगे।
  2. स्टेशन निदेशक को वित्तीय अधिकार मिलेंगे, ताकि वह स्टेशन में सुधार के लिए तत्काल निर्णय ले सकें।

10. क्षमता के अनुसार टिकटों की बिक्री:

i.    स्टेशन निदेशक को स्टेशन की क्षमता और उपलब्ध ट्रेनों के अनुसार टिकटों की बिक्री को नियंत्रित करने का अधिकार दिया जाएगा।

इसके अलावा, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री प्रवाह को सुव्यवस्थित करने के लिए, सभी हितधारकों जिसमें सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी), स्थानीय पुलिस और स्थानीय नागरिक प्रशासन शामिल हैं, को शामिल करते हुए स्टेशन-विशिष्ट योजनाएँ बनाई जाती हैं और तदनुसार यात्रियों की आमद को प्रबंधित करने के लिए कार्रवाई की जाती है। आरंभिक स्टेशनों पर महत्वपूर्ण ट्रेनों में परेशानी मुक्त तरीके से चढ़ने के लिए कतार प्रणाली बनाए रखी जाती है।

भारी भीड़ के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति से बचने और यात्रियों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ कर्मचारियों को फुट-ओवर ब्रिज पर भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित करने के लिए तैनात किया जाता है। भीड़ के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए खुफिया इकाइयों (सीआईबी/एसआईबी) और सादे कपड़ों में कर्मचारियों को तैनात किया जाता है और तदनुसार जीआरपी/पुलिस को शामिल करके व्यवस्था की जाती है।

व्यस्ततम अवधि के दौरान, जब यात्रियों की भारी आवाजाही की संभावना होती है, जोनल रेलवे को प्लेटफॉर्म टिकट जारी करना बंद करके स्टेशनों पर प्रवेश प्रतिबंधित करने का अधिकार है, सिवाय उन लोगों के जो स्टेशन पर केवल वृद्ध, अशिक्षित और महिला यात्रियों की सहायता के लिए आते हैं, जो रेलवे स्टेशनों पर स्वयं की देखभाल करने की स्थिति में नहीं होते हैं।

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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