सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
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केवीआईसी ने रोहिणी, दिल्ली में ‘खादी की विशेष प्रदर्शनी’ का उद्घाटन किया जो 31 मार्च तक जारी रहेगी


ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत, दिल्ली के कारीगरों को 120 उपकरण और टूलकिट वितरित किए गए

मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर, दिल्ली के 115 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए

केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार के साथ उत्तर क्षेत्र के सदस्य श्री नागेंद्र रघुवंशी और पूर्वी क्षेत्र के सदस्य श्री मनोज कुमार सिंह उद्घाटन समारोह में मौजूद थे

Posted On: 22 MAR 2025 8:56PM by PIB Delhi

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने शनिवार को दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-3 स्थित ‘खादी एवं ग्रामोद्योग भवन’ शाखा में एक विशेष प्रदर्शनी एवं टूलकिट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर केवीआईसी के उत्तरी क्षेत्र के सदस्य श्री नागेंद्र रघुवंशी और पूर्वी क्षेत्र के सदस्य श्री मनोज कुमार सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति एवं अधिकारी भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में तीन महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:

खादी की विशेष प्रदर्शनी - जिसमें बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली सहित विभिन्न शहरों के 45 स्टॉलों पर 11 खादी उद्यमियों और 30 पीएमईजीपी उद्यमियों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए।

ग्रामोद्योग विकास योजना के अन्तर्गत टूलकिट वितरण – 40 कुम्हारों को विद्युत चालित चाक, 20 कारीगरों को इलेक्ट्रीशियन टूलकिट, 20 कारीगरों को प्लम्बर टूलकिट, 20 लाभार्थियों को मोबाइल रिपेयरिंग टूलकिट, 10 कारीगरों को चमड़ा मशीन तथा 10 कारीगरों को मसाला बनाने का टूलकिट प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण प्रमाण-पत्रों का वितरण – बहु-विषयक प्रशिक्षण केन्द्र (एमडीटीसी), दिल्ली द्वारा प्रशिक्षित 115 लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने दोहराया, "प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से 'नए भारत की नई खादी' वैश्विक पहचान बन रही है। उन्होंने खादी को 'खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन, खादी फॉर ट्रांसफॉर्मेशन' के रूप में विशिष्ट पहचान देकर इसे आत्मनिर्भर भारत की जीवन रेखा बना दिया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 'ब्रांड शक्ति' से खादी की बिक्री और उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है, साथ ही कारीगरों के वेतन में 275% की वृद्धि हुई है।

खादी कारीगरों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2025 से खादी कारीगरों के वेतन में 20 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने खादी कारीगरों के वेतन में 275 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की है। अब कातने वालों को प्रति चरखा कताई के लिए 15 रुपये मिलेंगे।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स-2025 के दौरान ‘खादी पुनर्जागरण’ के लिए ‘खादी फॉर फैशन’ का मंत्र दिया है। इस मंत्र को जन-जन तक पहुंचाने और खादी को आधुनिक परिधान के रूप में लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से केवीआईसी ने हाल ही में नागपुर, पुणे, वडोदरा, चेन्नई, जयपुर, प्रयागराज समेत देश के प्रमुख शहरों में भव्य खादी फैशन शो आयोजित किए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से आयोजित इन फैशन शो के जरिए ‘नए भारत की नई खादी’ को खासकर युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, जो बेहद सफल रहा है। इससे खादी को नया आयाम मिला है और यह आधुनिक परिधान के रूप में अपनी पहचान बना रही है।

खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियों की चर्चा करते हुए केवीआईसी के अध्यक्ष ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में 12.02 करोड़ रुपये के खादी उत्पाद बेचे गए। पिछले वित्त वर्ष में खादी एवं ग्रामोद्योग का कुल उत्पादन 1,08,297 करोड़ रुपये तथा बिक्री 1,55,673 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। 10 वर्षों में 1.87 करोड़ रोजगार सृजित हुए, जिनमें पिछले वर्ष 10.17 लाख नए रोजगार सृजित हुए। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 10 लाख से अधिक नई परियोजनाएं स्थापित की गईं तथा 88 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला। कार्यक्रम में खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्रामोद्योग विकास योजना के लाभार्थी, खादी कारीगर, दिल्ली सरकार तथा केवीआईसी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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एमजी/केसी/वीएस


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