वस्‍त्र मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

संसद प्रश्न: एनसीडीपीडी के अंतर्गत क्रियान्वित कार्यक्रम

Posted On: 21 MAR 2025 12:18PM by PIB Delhi

वस्त्र मंत्रालय के तत्वावधान में विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) का कार्यालय राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) और व्यापक हस्तशिल्प क्लस्टर विकास योजना (सीएचसीडीएस) नामक दो योजनाओं को क्रियान्वित करता है। इन योजनाओं के अंतर्गत कारीगरों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए गुरु शिष्य हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम (जीएसएचपीपी), व्यापक कौशल उन्नयन कार्यक्रम (सीएसयूपी), डिजाइन और प्रौद्योगिकी विकास कार्यशाला (डीडीडब्ल्यू) जैसे विभिन्न प्रकार के कौशल कार्यक्रम कार्यान्वित किए जाते हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से बुनियादी कौशल, डिजाइन विकास और कौशल उन्नयन किया जाता है। इसके अलावा, घरेलू और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए कारीगरों/शिल्पकारों को टूल किट भी प्रदान किए जाते हैं।

राष्ट्रीय डिजाइन केंद्र (एनडीसी), जिसे पहले राष्ट्रीय डिजाइन एवं उत्पाद विकास केंद्र (एनसीडीपीडी) के नाम से जाना जाता था, द्वारा चालू वर्ष सहित पिछले पांच वर्षों के दौरान क्रियान्वित कार्यक्रमों और लाभान्वित कारीगरों की संख्या निम्नानुसार है:

वर्ष

कार्यक्रमों की संख्या

लाभार्थियों की संख्या

2020-21

02 कार्यक्रम: इडुक्की, केरल में उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी)

40

5 डिज़ाइन विकास कार्यशाला

250

5 उन्नत टूल किट वितरण कार्यक्रम

150

कुल

440

2021-22

40 कार्यक्रम: आगरा, फिरोजाबाद, जोधपुर, कन्या कुमारी और सहारनपुर में ईडीपी

800

22 डिज़ाइन विकास कार्यशाला

540

1 उन्नत टूल किट वितरण कार्यक्रम

45

कुल

1,385

2022-23

उन्नत टूलकिट वितरण कार्यक्रम

79

2023-24

15 कार्यक्रम: जयपुर, इंदौर, वाराणसी, चित्रकूट, अशरिकांडी, कोंडापल्ली, किन्हाल, कोप्पल, एटिकोपक्का कुडप्पा में ईडीपी

300

5 डिज़ाइन विकास कार्यशाला

150

4 बेहतर टूल किट वितरण कार्यक्रम

400

कुल

850

2024-25

11 डिज़ाइन विकास कार्यशाला

330

1 उन्नत टूल किट वितरण कार्यक्रम

50

6 व्यापक कौशल उन्नयन कार्यक्रम

180

कुल

560

 

वस्त्र मंत्रालय राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एनटीटीएम) और समर्थ योजना के माध्यम से वस्त्र क्षेत्र में मानव संसाधन विकास प्रदान करता है। एनटीटीएम (घटक IV) का उद्देश्य स्नातक, अकुशल श्रमिकों, कौशल उनयन्न या नए कौशल सीखने के इच्छुक पेशेवरों और तकनीकी वस्त्रों के विभिन्न अनुप्रयोग क्षेत्रों में लगे कर्मियों सहित 50,000 व्यक्तियों को प्रशिक्षण प्रदान करना है। समर्थ योजना का उद्देश्य संगठित वस्त्र और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार सृजन में उद्योग के प्रयासों को प्रोत्साहित करने और पूरक बनाने के लिए मांग आधारित, उन्मुख राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा (एनएसक्यूएफ) अनुरूप कौशल कार्यक्रम प्रदान करना है, जिसमें कताई और बुनाई के अतिरिक्त वस्त्रों की पूरी मूल्य श्रृंखला शामिल है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के अंतर्गत 330 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है।

यह जानकारी आज लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वस्त्र राज्य मंत्री श्री पाबित्रा मार्गेरिटा द्वारा दी गई।

****

एमजी/केसी/जेके/एनजे


(Release ID: 2113577) Visitor Counter : 85


Read this release in: English , Urdu , Tamil