अणु ऊर्जा विभाग
संसद प्रश्न: कैंसर उपचार के संबंध में परमाणु ऊर्जा विभाग की पहल
Posted On:
20 MAR 2025 4:19PM by PIB Delhi
परमाणु ऊर्जा विभाग ने कई रेडियो-फार्मा उत्पाद विकसित और लॉन्च किए हैं। बीएआरसी अपने अनुसंधान रिएक्टरों के माध्यम से देश में रेडियोआइसोटोप और रेडियोफार्मास्युटिकल्स की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। बीएआरसी कैंसर देखभाल के लिए नई रेडियोफार्मास्युटिकल्स विकसित करने के लिए लगातार अनुसंधान कर रहा है और किफायती लागत पर चिकित्सकीय रूप से स्थापित रेडियोफार्मास्युटिकल्स और संबद्ध उत्पादों का स्वदेशीकरण हासिल किया है। स्वदेशी रूप से विकसित रेडियो फार्मास्यूटिकल्स की सूची नीचे दी गई है। ये रेडियो फार्मा उत्पाद बोर्ड ऑफ रेडिएशन एंड आइसोटोप टेक्नोलॉजी (बीआरआईटी) के माध्यम से मांग पर उपलब्ध हैं।
स्वदेशी रूप से विकसित रेडियो-फार्मास्युटिकल्स की सूची
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क्रमांक
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उत्पाद का विवरण
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उपयोग/ अनुप्रयोग
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1
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90Y-labeled hydroxyapatite (HA)
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रेडिएशन सिनोवेक्टोमी
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2
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177Lu-labeled hydroxyapatite (HA)
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रेडिएशन सिनोवेक्टोमी
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3
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177Lu-DOTA TATE
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न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर की चिकित्सा
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4
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177Lu-DOTA-TRASTUZUMAB
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HER-2 रिसेप्टर्स को व्यक्त करने वाला स्तन कैंसर
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5
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Clinical grade NCA Radio chemical copper-64 chloride (64CuCl2)
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कैंसर की पीईटी इमेजिंग/ 64Cu-RPh तैयारी के लिए रेडियोकेमिकल
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6
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177Lu-DOTMP
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हड्डी के दर्द का निवारण
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7
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90Y-GLASSMICROSPHERES
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यकृत कैंसर चिकित्सा
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8
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188ReN-DEDC/Lipiodol (improved method)
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यकृत कैंसर चिकित्सा
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9
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177Lu-CHX-A"-DTPA-Rituximab
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नॉन-हॉजकिन लिंफोमा का उपचार
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10
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Copper-64chloride(64CuCl2)
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कैंसर की पी.ई.टी. इमेजिंग
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11
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99mTc-HYNIC-[cycle(RGDfk)]2
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मैलिग्नैंट ट्यूमर की इमेजिंग
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12
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188ReN-DEDC/Lipiodol
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यकृत कैंसर चिकित्सा
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13
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99mTc-HYNIC-TATE
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न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर की इमेजिंग
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14
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188Re-HEDP
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हड्डी के दर्द का निवारण
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15
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131I-lipiodol
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यकृत कैंसर चिकित्सा
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16
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68Ga-PSMA-11
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प्रोस्टेट कैंसर की इमेजिंग
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17
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99mTc-UBI(29-41)
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संक्रमण इमेजिंग
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18
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68Ga-DOTATATE
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न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर की इमेजिंग
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राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड की स्थापना परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के सहयोग से की गई थी। परमाणु ऊर्जा विभाग ने 2013-2023 तक एनसीजी की सभी गतिविधियों के लिए 72 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए। इसके बाद, एनसीजी के तहत कई परियोजनाओं के दायरे का विस्तार करने के लिए डीएई ने अगले 5 वर्षों के लिए 177.05 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है।
एनसीजी ने कैंसर देखभाल के समान मानकों की दिशा में काम किया है, ऑन्कोलॉजी में प्रशिक्षित कार्यबल विकसित किया है और कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए लागत प्रभावी समाधान विकसित करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बहु-केंद्रित कैंसर अनुसंधान का समर्थन किया है। अपनी अनेक पहलों के माध्यम से, एनसीजी सभी लोगों को उनकी भौगोलिक स्थिति या सामाजिक-आर्थिक स्थिति से परे एक समान कैंसर देखभाल उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। एनसीजी में 362 सदस्य संगठन हैं। पिछले दो वर्षों में एनसीजी में कुल 70 कैंसर केंद्र जोड़े गए हैं। इन केन्द्रों पर प्रतिवर्ष कुल 800,000 नए कैंसर मामलों का उपचार किया जाता है।
भारत में कैंसर निदान, उपचार प्रोटोकॉल और अनुसंधान में सुधार के लिए एनसीजी द्वारा की गई प्रमुख पहल
- लागत प्रभावशीलता और बुनियादी ढांचे की उपलब्धता के आधार पर कैंसर के प्रबंधन के लिए संसाधन स्तरीकृत दिशानिर्देश।
- ये दिशानिर्देश एबी पीएम-जेएवाई से जुड़े हुए हैं, ताकि एबी पीएम-जेएवाई लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान की जा सके।
- स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन करने के लिए क्षमता निर्माण, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऑन्कोलॉजी पैकेज और उपचार मूल्य-आधारित देखभाल को बढ़ावा दें।
- सभी उच्च-मूल्य वाली कैंसर रोधी दवाओं के लिए समूह वार्ता, जिसके परिणामस्वरूप औसतन 82 प्रतिशत मूल्य में कमी आई, जिससे पहुंच और सामर्थ्य में सुधार हुआ।
- एनसीजी-सर्जिकल पैथोलॉजी गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम द्वारा निदान का मानकीकरण, जो सभी भाग लेने वाले केंद्रों पर सही निदान सुनिश्चित करने में मदद करता है।
- गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम जो केंद्र को सभी कैंसर देखभाल की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए प्रशिक्षित करते हैं।
- देश भर के नर्सों, पैथोलॉजिस्ट और तकनीशियनों सहित स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उच्च गुणवत्ता वाली कैंसर देखभाल प्रदान की जा सके।
- वर्चुअल ट्यूमर बोर्ड किसी भी स्थान पर किसी भी कैंसर केंद्र में सभी जटिल कैंसर मामलों के लिए कैंसर विशेषज्ञों की एक बहु-विषयक टीम से निदान और उपचार पर इनपुट प्रदान करते हैं।
- अंतर-संचालनीय ऑन्कोलॉजी विशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड समाधान का विकास
- कैंसर की रोकथाम से लेकर उपचार तक की देखभाल में सुधार के लिए डिजिटल तकनीकों का लाभ उठाने के लिए कोइता डिजिटल ऑन्कोलॉजी केंद्र की स्थापना। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के साथ पूरी तरह से जुडा है।
- एकीकृत डेटा संग्रहण एवं एकत्रीकरण - सभी कैंसर देखभाल नीतियों और राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण योजना का मार्गदर्शन करने के लिए एक राष्ट्रीय कैंसर डेटाबेस। पांच सामान्य कैंसरों के लिए प्रारंभिक डाटाबेस स्थापित किया गया।
- मरीजों के घर के नजदीक कैंसर देखभाल उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल तकनीक एवं कंपनियों के साथ साझेदारी।
- कैंसर के कारणों की पहचान करने तथा नए कैंसर रोधी उपचार और निवारक प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए एनसीजी में राष्ट्रीय ट्यूमर बायोबैंक की शुरुआत।
- बचपन में होने वाले लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया के उपचार के अनुकूलन इलाज में वृद्धि करने के लिए - दुनिया में कहीं भी अब तक किया गया सबसे बड़ा परीक्षण।
- दवाओं (एस्पिरिन, मेटफॉर्मिन और कर्क्यूमिन) का पुनः उपयोग, सामान्य कैंसर के लिए लागत प्रभावी उपचार विकल्प प्रदान करना।
- उच्च गुणवत्ता वाले कैंसर अनुसंधान के संचालन में शुरुआती करियर वाले ऑन्कोलॉजिस्टों को प्रशिक्षित करना। अब तक 400 से अधिक ऑन्कोलॉजिस्टों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
- कैंसर अनुसंधान के लिए प्राथमिकता एजेंडा निर्धारित करना तथा देश-प्रासंगिक अनुसंधान प्रश्नों के वित्तपोषण के लिए आईसीएमआर के साथ सहयोग करना (संयुक्त मिलान वित्तपोषण के साथ)। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं
- गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के बोझ को कम करना
- समाधान-उन्मुख अनुसंधान के माध्यम से कैंसर देखभाल में पहुँच, सामर्थ्य और परिणामों में सुधार करना
- कैंसर में सहायता और प्रौद्योगिकियों का देश-स्तरीय स्वास्थ्य आर्थिक मूल्यांकन
- गुणवत्ता सुधार और कार्यान्वयन अनुसंधान
- मजबूत वैज्ञानिक प्रमाणों द्वारा समर्थित कैंसर नियंत्रण में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना
होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, पंजाब, टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई की एक इकाई है, जो परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार के तत्वावधान में काम करती है। इसके 2 केंद्र हैं। होमी भाभा कैंसर अस्पताल, संगरूर की स्थापना 2015 में की गई थी और होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, न्यू चंडीगढ़ की स्थापना 50 एकड़ भूमि पर की गई है और यह अगस्त, 2022 से कार्यरत है। अस्पताल चौबीसों घंटे इमरजेंसी, आईपीडी, आईसीयू, प्रयोगशाला, ब्लड बैंक और फार्मेसी सेवाएं प्रदान कर रहा है। अस्पताल पूरी तरह कार्या कर रहा है और मेडिकल ऑन्कोलॉजी (डेकेयर में कीमोथेरेपी सहित), सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, बाल चिकित्सा ऑन्कोलॉजी, निवारक ऑन्कोलॉजी, प्रशामक ऑन्कोलॉजी, ऑन्कोपैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, इमेजिंग सेवाएं, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, ब्लड बैंक और बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेवाओं सहित सभी प्रकार की कैंसर देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहा है। प्रयोगशालाएँ और निदान विभाग 3 टेस्ला एमआरआई, सीटी स्कैन, डेक्सा स्कैनर, मैमोग्राफी मशीन, फ्लोरोस्कोपी मशीन, पीईटी स्कैनर, एसपीईसीटी आदि सहित उच्च स्तरीय मशीनों और उपकरणों से सुसज्जित हैं, जो कैंसर के शुरुआती निदान में मदद करते हैं। एलआईएनएसी जैसी उन्नत मशीनें केवल कैंसरग्रस्त क्षेत्र को लक्षित करके सटीक उपचार प्रदान करने के लिए उपलब्ध हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आस-पास के सामान्य नरम टिश्यू प्रभावित या क्षतिग्रस्त न हों; 3डी सीआरटी, आईएमआरटी, आईजीआरटी, आईजीबीटी, स्टीरियोटैक्टिक बॉडी रेडियो थेरेपी (एसबीआरटी) और स्टीरियोटैक्टिक रेडियो सर्जरी (एसआरएस) जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से उन्नत मशीनरी वाले मॉड्यूलर ओटी अपने रोगियों को एचआईपीईसी और पीआईपीएसी सर्जरी आदि सहित विश्व स्तरीय उपचार प्रदान करना सुनिश्चित करते हैं।
अस्पताल ने वर्ष 2024 में 18,000 से अधिक नए कैंसर रोगियों को पंजीकृत किया है। इनमें से लगभग 13,000 मरीज पंजाब से थे, जबकि अन्य आसपास के राज्यों हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ से थे। वर्ष 2024 में ओपीडी में आने वालों की संख्या लगभग 1.5 लाख थी, लगभग 6000 सर्जरी की गईं, 40,000 से अधिक कीमोथेरपी की गईं, लगभग 52,000 रेडियोलॉजिकल जांच की गईं, न्यूक्लियर मेडिसिन में 2300 मरीज देखे गए और 5 लाख से अधिक जांचें की गईं। कैंसर की रोकथाम और शीघ्र निदान अस्पताल के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग का एक महत्वपूर्ण अंग है, इसके लिए कई सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जैसे प्रारंभिक जांच कार्यक्रम (ईडीपी), महिलाओं में कैंसर का पता लगाने के लिए आईएसएचए परियोजना (स्वस्थ उम्र बढ़ने का भारतीय अध्ययन) जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्री (पीबीसीआर) और अस्पताल आधारित कैंसर रजिस्ट्री (एचबीसीआर)।
पंजाब स्थित एचबीसीएच और आरसी, कैंसर की रोकथाम, निदान और उपचार के लिए विश्व स्तरीय सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित है।
यह जानकारी आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दी।
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(Release ID: 2113401)
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