कोयला मंत्रालय
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा स्थानीय लोगों को प्रदान की गई सुविधाएं
Posted On:
19 MAR 2025 2:59PM by PIB Delhi
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) द्वारा सीएसआर के तहत विभिन्न सीएसआर गतिविधियों के जरिए प्रदान की जाने वाली सुविधाएं स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, जल आपूर्ति, ग्रामीण विकास आदि जैसे विभिन्न विषयों से संबंधित हैं। ये सुविधाएं मुख्य रूप से एसईसीएल के परियोजना स्थलों/खानों/क्षेत्र मुख्यालय/कंपनी मुख्यालय से 25 किलोमीटर के भीतर रहने वाले स्थानीय लोगों के साथ-साथ एसईसीएल के संचालन वाले राज्य यानी छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में रहने वाले लोगों के विकास के लिए लिए भी हैं। इसके अलावा, एसईसीएल स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं मुफ्त पेयजल आपूर्ति करके, बेहतर सड़कें प्रदान करके, खनन से प्रभावित एवं आस-पास के गांवों में समय-समय पर चिकित्सा जांच शिविर/नेत्र शिविर आयोजित करके, कंपनी के डिस्पेंसरी/अस्पतालों में मुफ्त ओपीडी सुविधाएं और परियोजना से विस्थापित भूमिहीन लोगों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर कई तरह की सुविधाएं प्रदान करता है।
इसके अलावा, एसईसीएल विभिन्न राहत एवं पुनर्वास स्थलों पर अधिनियम/नीति के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों के लिए भवन, शॉपिंग सेंटर, सामुदायिक केन्द्रों के लिए भवन, स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए भवन, कुएं, हैंडपंप, संपर्क मार्ग, बिजली के खंभे एवं बिजली के तार तथा खेल के मैदान जैसी सुविधाएं भी प्रदान करता है।
इसके अलावा, एसईसीएल ने अपने कर्मचारियों/श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी पहल की हैं। ये पहल मानव पूंजी के कल्याण, सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर केन्द्रित हैं। एसईसीएल द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए किए गए प्रमुख कल्याणकारी उपाय इस प्रकार हैं:
1. स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं
• स्वास्थ्य सेवा केन्द्र: एसईसीएल अपने खनन क्षेत्रों में कई स्वास्थ्य केन्द्र और डिस्पेंसरी चलाता है, जो कर्मचारियों और उनके परिवारों को प्राथमिक एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवा प्रदान करते हैं। क्षेत्र के केन्द्रीय अस्पताल कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और इनपेशेंट उपचार प्रदान करते हैं।
• निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं: कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को निःशुल्क चिकित्सीय उपचार प्रदान किया जाता है, जिसमें इन-हाउस चिकित्सीय देखभाल और सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार के प्रावधान शामिल हैं।
• चिकित्सा शिविर: श्रमिकों की स्वास्थ्य की स्थिति की निगरानी के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं। ये जांच शिविर विशेष रूप से श्वसन स्वास्थ्य, जोकि खनन कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण होता है, के संबंध में आयोजित किए जाते हैं।
2. आवास और आश्रय
• आवासीय क्वार्टर: एसईसीएल अपने कर्मचारियों को आवासीय सुविधाएं प्रदान करता है, खासकर खनन क्षेत्रों में जहां आवास एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय होता है। इन क्वार्टरों का रखरखाव किया जाता है और इनमें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
• परिवार कल्याण: यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि कर्मचारियों के परिवारों को स्वच्छ पेयजल, बिजली और स्वच्छता जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों।
3. शिक्षा और कौशल विकास
• बच्चों के लिए स्कूल: एसईसीएल अपने खनन क्षेत्रों में स्कूल चलाता है, जहां कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाती है।
• छात्रवृत्ति और ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति: अपने शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। सरकारी संस्थानों में इंजीनियरिंग और मेडिकल शिक्षा के लिए कर्मचारी के आश्रितों की ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति का प्रावधान है।
• कौशल विकास कार्यक्रम: एसईसीएल अपने कर्मचारियों को कौशल प्रदान करने, उनकी रोजगार क्षमता एवं करियर संबंधी विकास के अवसरों को बेहतर बनाने हेतु विभिन्न प्रशिक्षण एवं विकास कार्यक्रम आयोजित करता है।
4. सेवानिवृत्ति लाभ
• पेंशन और ग्रेच्युटी: एसईसीएल अपने कर्मचारियों को कोयला खान पेंशन योजना, ग्रेच्युटी और कोयला खान भविष्य निधि (सीएमपीएफ) सहित व्यापक सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करता है।
• सेवानिवृत्ति के बाद कल्याण: एसईसीएल ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, जो सेवानिवृत्ति के बाद चिकित्सीय लाभ और अन्य सहायता सेवाएं प्रदान करती हैं।
5. वित्तीय सहायता और ऋण
• आवास ऋण/कार ऋण: एसईसीएल कर्मचारियों को घर और/या कार बनाने या खरीदने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण प्रदान करता है।
6. सांस्कृतिक एवं मनोरंजक गतिविधियां
• खेल और मनोरंजन: एसईसीएल कर्मचारियों को खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। कंपनी कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए खेल से जुड़ी प्रतिस्पर्धाएं और सांस्कृतिक उत्सव एवं प्रतियोगिताएं आयोजित करती है।
• क्लब और सोसाइटी: कर्मचारी एवं उनके परिवार कंपनी के भीतर सामाजिक व मनोरंजक क्लबों में भाग ले सकते हैं, जिससे कार्य और जीवन के बीच स्वस्थ संतुलन को बढ़ावा मिलता है।
7. महिला कल्याण
• एसईसीएल अपनी श्रमशक्ति में महिलाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करता है और भेदभाव को रोकने एवं लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए नीतियां लागू करता है।
• महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश, बच्चों की देखभाल की सुविधा, कार्यस्थल पर क्रेच और काम एवं पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने हेतु अन्य लाभ भी प्रदान किए जाते हैं।
इसके अलावा, एसईसीएल में ठेकेदारों के श्रमिकों को प्रदान की जाने वाली सुविधाएं इस प्रकार हैं:
• खदान परिसर में प्राथमिक चिकित्सा सुविधा।
• ठेकेदारों के श्रमिकों को पहचान पत्र दिखाने पर कंपनी के अस्पताल में मेडिकल ओपीडी और इनडोर सुविधा प्रदान की जा रही है।
• पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी सुविधाएं।
• अनुबंध की शर्तों के अनुसार व्यक्तिगत सुरक्षा/सुरक्षा उपकरण।
• एम्बुलेंस सुविधा।
• कैंटीन और क्रेच की सुविधा।
• अनुबंध की शर्तों के अनुसार समूह व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा।
• एसबीआई, पीएनबी, बीओबी, यूको बैंक, बीओआई, इंडियन बैंक, यूबीआई जैसे आठ राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ कॉरपोरेट वेतन पैकेज। उपरोक्त बैंक कोल इंडिया लिमिटेड और विभिन्न बैंकों के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के अनुसार मृत्यु या स्थायी पूर्ण दिव्यांगता के मामले में 40 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवरेज और अन्य सुविधाएँ भी प्रदान कर रहे हैं।
• खदान दुर्घटना के मामले में ठेकेदारों के श्रमिकों के परिजनों को 15 लाख रुपये की अनुग्रह राशि सहित क़ानून के अनुसार सामाजिक सुरक्षा और कोविड-19 के दौरान भी, कोविड-19 के कारण मरने वाले एसईसीएल के ठेकेदार श्रमिकों के परिजनों को भी इसी तरह की राशि का भुगतान किया गया।
• ठेकेदारों के श्रमिकों को सीएमपीएफ/ईपीएफ और कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत भी कवर किया जाता है। इसके अलावा, गैर-खनन गतिविधियों में संलग्न ठेकेदारों के श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी (केन्द्रीय) का भुगतान किया जाता है और खनन गतिविधियों में संलग्न ठेकेदारों के श्रमिकों को सीआईएल की उच्चाधिकार समिति के अनुसार मजदूरी का भुगतान किया जाता है। (एचपीसी मजदूरी गैर-कोयला खदानों के लिए अनुसूचित रोजगार में कार्यरत श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के तहत केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी और सीआईएल एवं एससीसीएल के लिए एनसीडब्ल्यूए-XI की सबसे निचली श्रेणी यानी नियमित श्रमिकों को देय मजदूरी के बीच होती है।)
• एसईसीएल के परियोजना विद्यालय में ठेकेदारों के श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
पिछले पांच वर्षों (वर्षवार) और चालू वर्ष यानी 2024-25 के दौरान कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मद (क्षेत्रवार) के अंतर्गत एसईसीएल द्वारा छत्तीसगढ़ के संबंधित जिलों में किए गए विभिन्न विकास कार्यों का विवरण नीचे दिया गया है:
(करोड़ रुपये में)
वित्तीय वर्ष
|
स्वास्थ्य सेवाएं
|
शिक्षा
|
जलापूर्ति
|
पर्यावरणीय स्थिरता
|
ग्रामीण विकास
|
अन्य
|
कुल
|
2019-20
|
18.50
|
0.91
|
0.69
|
5.62
|
1.94
|
56.99
|
84.65
|
2020-21
|
26.44
|
4.74
|
0.24
|
0.11
|
2.24
|
4.56
|
38.33
|
2021-22
|
45.55
|
15.32
|
0.00
|
4.36
|
5.14
|
9.45
|
79.82
|
2022-23
|
35.72
|
12.77
|
0.00
|
0.42
|
2.48
|
7.89
|
59.28
|
2023-24
|
32.07
|
7.25
|
0.00
|
0.24
|
6.54
|
6.97
|
53.07
|
2024-25(वर्तमान)
|
13.40
|
5.12
|
0.00
|
1.09
|
4.25
|
1.49
|
25.35
|
कुल
|
171.68
|
46.11
|
0.93
|
11.84
|
22.59
|
87.35
|
340.50
|
छत्तीसगढ़ राज्य में एसईसीएल का जिलावार सीएसआर व्यय नीचे दिया गया है:
(करोड़ रुपये में)
छत्तीसगढ़ में जिले का नाम
|
2019-20
|
2020-21
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
कुल योग
|
|
|
|
|
बलरामपुर
|
0.42
|
|
|
0.11
|
|
0.92
|
1.45
|
|
|
बलरामपुर-रामानुजगंज
|
|
|
3.52
|
|
|
|
3.52
|
|
|
बस्तर
|
|
|
0.21
|
|
0.04
|
|
0.24
|
|
|
बिलासपुर
|
21.65
|
11.45
|
10.32
|
0.96
|
1.98
|
4.18
|
50.54
|
|
|
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
|
|
|
0.2
|
|
|
|
0.2
|
|
|
जांजगीर-चंपा
|
|
|
0.25
|
|
|
|
0.25
|
|
|
कोरबा
|
0.99
|
4.51
|
7
|
5.41
|
11.74
|
8.99
|
38.64
|
|
|
कोरिया
|
0.12
|
0.01
|
0.32
|
0.06
|
3.69
|
|
4.2
|
|
|
रायगढ़
|
0.36
|
1.36
|
7.25
|
5.96
|
1.67
|
3.86
|
20.47
|
|
|
रायपुर
|
0.02
|
0.27
|
0.31
|
2.83
|
6.31
|
0.69
|
10.42
|
|
|
सूरजपुर
|
1.15
|
1.11
|
0.89
|
0.73
|
0.66
|
|
4.53
|
|
|
सरगुजा
|
|
2.93
|
1.6
|
0.18
|
0.6
|
0.59
|
5.91
|
|
|
छत्तीसगढ़ के अन्य जिले
|
58.49
|
12.88
|
10.88
|
25.52
|
9.29
|
2.13
|
119.19
|
|
|
छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यय
|
0.49
|
3.33
|
2.33
|
2.73
|
3.02
|
|
11.9
|
|
|
कुल योग
|
83.69
|
37.86
|
45.07
|
44.49
|
39
|
21.35
|
271.46
|
|
|
कुल मिलाकर, एसईसीएल का सीएसआर व्यय लक्षित निवेशों की दिशा में रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है जोकि स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता, ग्रामीण विकास परियोजनाओं आदि को बेहतर बनाने पर मजबूत ध्यान केन्द्रित करते हुए उभरती सामुदायिक आवश्यकताओं के अनुकूल है।
पिछले पांच वर्षों और वर्तमान वर्ष के दौरान छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में अन्य मदों के अंतर्गत किए गए विकास कार्यों का विवरण निम्नानुसार है:
• विभिन्न गांवों में साफ (फिल्टर) किया हुआ खदान का पानी उपलब्ध कराना।
• सामुदायिक/बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण।
• मौजूदा स्टेडियमों का रूपांतरण।
• स्कूलों/टाउनशिप आदि की चहारदीवारी का निर्माण।
• सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण।
• संपर्क मार्ग/गांव की सड़क आदि का निर्माण।
• फुटपाथ, पुलिया आदि से लैस सीमेंट कंक्रीट सड़क का निर्माण।
• मौजूदा सड़कों को मजबूतीकरण और चौडीकरण।
• पीडब्ल्यूडी रोड की री-कार्पेटिंग।
• छात्रावासों का निर्माण।
• बैडमिंटन कोर्ट, टेनिस कोर्ट आदि का निर्माण।
• अस्पताल में आईसीयू यूनिट का समावेश।
• खेल परिसर का निर्माण/आधुनिकीकरण।
केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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(Release ID: 2112921)
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