भारी उद्योग मंत्रालय
फेम-II योजना के तहत प्रोत्साहन
प्रविष्टि तिथि:
17 DEC 2024 3:32PM by PIB Delhi
फेम-II योजना 1 अप्रैल, 2019 से 31 मार्च, 2024 तक पांच वर्ष की अवधि के लिए लागू की गई थी। इस योजना के तहत, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माताओं को कोई प्रोत्साहन नहीं दिया गया था। इसके बजाय, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीद मूल्य में अग्रिम कटौती के रूप में उपभोक्ताओं (खरीदारों/अंतिम उपयोगकर्ताओं) को प्रोत्साहन/रियायतें प्रदान की गईं, जिससे व्यापक रूप से अपनाने में सुविधा हुई। इन प्रोत्साहनों की प्रतिपूर्ति भारत सरकार द्वारा मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम, यानी ईवी निर्माताओं) को की गई थी।
सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न उपायों को लागू किया है, जिसमें मांग और आपूर्ति-पक्ष प्रोत्साहन/सब्सिडी, कर छूट और ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। इन पहलों के परिणामस्वरूप, वित्त वर्ष 2023-24 में भारत में पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या वित्त वर्ष 2019-20 की तुलना में 9.68 गुना बढ़ गई है। हालाँकि, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ऐसा कोई मूल्यांकन नहीं किया गया है।
इसके अलावा, फेम-II योजना के लाभ को बनाए रखने के लिए, भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) ने 29 सितंबर, 2024 को पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट (पीएम ई-ड्राइव) योजना को अधिसूचित किया। 10,900 करोड़ रुपए के परिव्यय वाली यह योजना दो वर्ष की अवधि की है। ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू, ई-बसों और ईवी सार्वजनिक चार्जिंग बुनियादी ढांचे का समर्थन करने के अलावा, यह योजना ई-ट्रक, ई-एम्बुलेंस और वाहन परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन का भी समर्थन करती है।
यह जानकारी भारी उद्योग और इस्पात राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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एमजी/केसी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2085336)
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