संस्कृति मंत्रालय
भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार ने 25वें हॉर्नबिल महोत्सव के दौरान कोहिमा के किसामा में "अभिलेखीय दर्पण में नागा-भूमि और लोग" प्रदर्शनी का आयोजन किया
प्रविष्टि तिथि:
03 DEC 2024 4:59PM by PIB Delhi
भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (एनएआई) ने नागालैंड के कला और संस्कृति विभाग के सहयोग से 25वें हॉर्नबिल महोत्सव के हिस्से के रूप में “अभिलेखीय दर्पण में नागा–भूमि और लोग” प्रदर्शनी का आयोजन किया है। इस प्रदर्शनी का शुभारंभ 1 दिसंबर, 2024 को कोहिमा के किसामा में स्थित द्वितीय विश्व युद्ध संग्रहालय परिसर किया गया।

भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार और नागालैंड राज्य अभिलेखागार के ऐतिहासिक अभिलेखों और चित्रों के आधार पर, यह प्रदर्शनी नागालैंड के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और विरासत का उल्लेखनीय अन्वेषण प्रस्तुत करती है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन नागालैंड के कला एवं संस्कृति सलाहकार श्री के. कोनगाम कोनायक ने किया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तित्व और सांस्कृतिक धरोहरों से लगाव रखने वाले व्यक्ति उपस्थित थे। 1 दिसंबर से 10 दिसंबर, 2024 तक चलने वाली यह प्रदर्शनी 12 विषयगत पैनलों के आधार पर तैयार की गई है, जिनमें से प्रत्येक नागालैंड के इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों के बारे में जानकारी प्रदान करता है। इस प्रदर्शनी में शामिल हैं:
- नागा-भूमि और लोग : नागा लोगों और उनकी परंपराओं की प्रारंभिक धारणाएं।
- औपनिवेशिक आक्रमण : नागा पहाड़ियों में ब्रिटिश विस्तार और उसका प्रभाव।
- विश्व युद्ध : वैश्विक संघर्षों के दौरान नागा लोगों का योगदान।
- नागालैंड को राज्य का दर्जा : 1963 में नागालैंड को राज्य का दर्जा देना एक प्रमुख उपलब्धि।
- प्रगति का मार्ग : राज्य गठन के बाद का विकास और उपलब्धियां।


प्रदर्शनी में दुर्लभ अभिलेखीय सामग्री का प्रदर्शन किया गया है, इनमें नक्शे, तस्वीरें और दस्तावेज शामिल हैं, तथा शांति मिशन, 1963 के विधानसभा चुनाव जैसी लोकतांत्रिक उपलब्धि, राजनीतिक आंदोलन और डॉ. एस. राधाकृष्णन एवं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जैसे नेताओं की ऐतिहासिक यात्राओं जैसे प्रमुख आख्यानों का उल्लेख किया गया है। इन अभिलेखीय खजानों की खोज करके, आगंतुकों को राज्य की परंपराओं, इतिहास और सांस्कृतिक विकास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।


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एमजी/केसी/एसएस/वाईबी
(रिलीज़ आईडी: 2081417)
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