कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
18 नवंबर 2024 को शिकायत निवारण मूल्यांकन और सूचकांक (जीआरएआई) 2023 लॉन्च किया गया
सूचकांक चार आयामों और 11 संकेतकों पर आधारित है, जो केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों द्वारा अपनाए गए शिकायत निवारण तंत्र का आकलन करते हैं
ग्रुप बी में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जिसके बाद भूमि संसाधन विभाग का नंबर आता है
निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग तथा उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय ने ग्रुप सी में क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान हासिल किया
89 मंत्रालयों और विभागों में से 85 ने 2022 की तुलना में 2023 में अपने जीआरएआई स्कोर में सकारात्मक रुझान प्रदर्शित कए हैं। लगभग 10% मंत्रालयों/विभागों ने अपने समग्र जीआरएआई स्कोर में 50% से अधिक की वृद्धि हासिल की, जबकि 28% ने 25-50% की वृद्धि दर्ज की। अधिकांश, 57% ने अपने स्कोर में 25% तक की क्रमागत वृद्धि हासिल की
Posted On:
18 NOV 2024 5:45PM by PIB Delhi
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के सचिव श्री वी. श्रीनिवास की मौजूदगी में शिकायत निवारण मूल्यांकन और सूचकांक (जीआरएआई) 2023 लॉन्च किया।
शिकायत निवारण मूल्यांकन और सूचकांक (जीआरएआई) की संकल्पना और डिजाइन कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति की सिफारिश के आधार पर भारत सरकार के डीएआरपीजी द्वारा तैयार किया गया था। इसका उद्देश्य संगठनवार तुलनात्मक तस्वीर पेश करना और शिकायत निवारण तंत्र के संबंध में उसके मजबूत पक्ष तथा सुधार के क्षेत्रों के बारे में मूल्यवान जानकारी प्रदान करना है। जीआरएआई 2022 का पहला संस्करण 21 जून 2023 को जारी किया गया था।
89 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों का मूल्यांकन किया गया और (1) दक्षता, (2) फीडबैक, (3) डोमेन और (4) संगठनात्मक प्रतिबद्धता और संबंधित 11 संकेतकों के आयामों में एक व्यापक सूचकांक के आधार पर रैंकिंग दी गई। सूचकांक की गणना करने के लिए, जनवरी और दिसंबर 2023 के बीच के आंकड़ों का उपयोग केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण और प्रबंधन प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) से किया गया।
जीआरएआई के तहत, मंत्रालयों और विभागों को सीपीजीआरएएमएस में कैलेंडर वर्ष 2023 में पंजीकृत शिकायतों की संख्या के आधार पर तीन समूहों में वर्गीकृत किया गया है।
समूह
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पंजीकृत शिकायत श्रेणी
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मंत्रालयों/विभागों की संख्या
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ए
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पंजीकृत शिकायतें > 10,000
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28
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बी
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पंजीकृत शिकायतें 2,000 से 9,999
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33
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सी
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पंजीकृत शिकायतें < 2,000
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28
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग ने क्रमशः ग्रुप ए, बी और सी में शीर्ष स्थान हासिल किया है। समग्र एवं आयाम-वार रैंकिंग में शीर्ष तीन मंत्रालयों एवं विभागों की विस्तृत सूची इस प्रकार है:
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रैंक 1
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रैंक 2
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रैंक 3
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ग्रुप ए:
शिकायतें > 10,000
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यौगिक
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
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डाक विभाग
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सहकारिता मंत्रालय
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क्षमता
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सहकारिता मंत्रालय
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दूरसंचार विभाग
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श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
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प्रतिक्रिया
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (आयकर)
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रक्षा विभाग
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कार्यक्षेत्र
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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण
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गृह मंत्रालय
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सहकारिता मंत्रालय
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संगठनात्मक प्रतिबद्धता
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डाक विभाग
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दूरसंचार विभाग
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कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय
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ग्रुप बी:
शिकायतें 2,000 - 9,999
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यौगिक
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का कार्यालय
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भूमि संसाधन विभाग
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नीति आयोग
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क्षमता
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कानूनी मामलों का विभाग
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भूमि संसाधन विभाग
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नीति आयोग
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प्रतिक्रिया
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का कार्यालय
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व्यय विभाग
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वित्तीय सेवा विभाग (पेंशन सुधार)
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कार्यक्षेत्र
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भूमि संसाधन विभाग
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संसदीय कार्य मंत्रालय
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पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय
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संगठनात्मक प्रतिबद्धता
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दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग
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भूमि संसाधन विभाग
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आयुष मंत्रालय
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ग्रुप सी:
शिकायतें < 2,000
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यौगिक
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निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग
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पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्रालय
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फार्मास्यूटिकल्स विभाग
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क्षमता
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निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग
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पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्रालय
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खान मंत्रालय
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प्रतिक्रिया
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फार्मास्यूटिकल्स विभाग
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सार्वजनिक उद्यम विभाग
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निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग
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कार्यक्षेत्र
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पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्रालय
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युवा मामले विभाग
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जैव प्रौद्योगिकी विभाग
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संगठनात्मक प्रतिबद्धता
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राजभाषा विभाग
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रसायन और पेट्रोरसायन विभाग
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विधायी विभाग
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डीएआरपीजी द्वारा जारी जीआरएआई 2023 रिपोर्ट में विस्तृत मूल-कारणों का विश्लेषण किया गया और इसमें आगे सुधार के क्षेत्रों पर विशिष्ट इनपुट शामिल किए गए हैं। यह रिपोर्ट प्रत्येक मंत्रालय और विभाग की शिकायतों के प्रभावी निवारण के मूल कारणों का दो-आयामी (लंबवत और क्षैतिज) विश्लेषण प्रस्तुत करती है, जिसे आसानी से पहचाने जाने वाले कलर कोडित विश्लेषण में प्रस्तुत किया गया है। रिपोर्ट में उन तकनीकी भागीदारों का संक्षिप्त विवरण भी प्रस्तुत किया गया है, जिनकी तैनाती डीएआरपीजी ने मंत्रालयों और विभागों को प्रभावी शिकायत निवारण माध्यम के रूप में सीपीजीआरएएमएस का इष्टतम उपयोग करने में सुविधा प्रदान करने के लिए की है।
बीते कुछ वर्षों के दौरान,सीपीजीआरएएमएस ने नागरिकों को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने और ट्रैक करने शानदार सफलता हासिल की है जो सरकारी जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है। राष्ट्रमंडल सचिवालय ने अप्रैल 2024 में राष्ट्रमंडल लोक सेवा सचिवों/कैबिनेट सचिवों की बैठक में सीपीजीआरएएमएस को एक सर्वोत्तम अभ्यास के रूप में मान्यता दी है।
जीआरएआई 2023 रिपोर्ट में मंत्रालयों और विभागों के लिए सीपीजीआरएएमएस और इसकी विशेषताओं जैसे आईजीएमएस 2.0, ट्रीडैशबोर्ड आदि का लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया गया है, ताकि शिकायत निवारण को बढ़ाया जा सके। सुधार के लिए रोडमैप में डेटा विश्लेषण, पूर्वानुमान विश्लेषण और निवारक उपायों के लिए एआई और एमएल जैसी उन्नत तकनीकों को एकीकृत करने पर जोर दिया गया है। वहीं बेहतर रिपोर्टिंग के लिए एटीआर प्रारूपों को संशोधित किया गया है। प्रमुख सिफारिशों में जीआरओ के लिए क्षमता निर्माण, ऑडिट के माध्यम से जवाबदेही बढ़ाना और सरकार के तीसरे स्तर तक सीपीजीआरएएमएस एकीकरण का विस्तार करना शामिल है।
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एमजी/केसी/केजे
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