महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा विशेष अभियान 4.0 के अंतर्गत अभियान में प्रगति
प्रविष्टि तिथि:
16 OCT 2024 6:22PM by PIB Delhi
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अपने प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले सभी स्वायत्त निकायों के साथ मिलकर पिछले तीन वर्षों में चलाए जा रहे विशेष अभियानों की तर्ज पर 02 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2024 तक स्वच्छता में सुधार लाने एवं लंबित संदर्भों के निपटान के लिए विशेष अभियान 4.0 को लागू करने की पहल शुरू की है और कार्य योजना तैयार की है।
लक्ष्यों की पहचान जैसे कि स्वच्छता अभियान स्थल, स्थान प्रबंधन एवं कार्यालयों के सौंदर्यीकरण की योजना, स्क्रैप एवं अनावश्यक वस्तुओं की पहचान और जीएफआर के अनुसार उनके निपटान की प्रक्रिया, सांसदों, राज्य सरकारों के लंबित संदर्भ, अंतर-मंत्रालयी संदर्भ (कैबिनेट नोट्स), पीएमओ, तीन महीने से ज्यादा समय से लंबित संसदीय आश्वासन, सार्वजनिक शिकायतें एवं अपीलें (सीपीजीआरएएमएस के साथ-साथ अन्य स्रोतों से प्राप्त शिकायतें), रिकॉर्ड प्रबंधन – अभियान के प्रारंभिक चरण के दौरान फाइलों की समीक्षा/फाइलों की रिकॉर्डिंग और छंटाई/ई-फाइलों को बंद करने जैसा कार्य पूरा किया गया है और उन्हें पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
अभियान के कार्यान्वयन चरण (02 अक्टूबर- 31 अक्टूबर, 2024) के दौरान, मंत्रालय द्वारा चिन्हित किए गए लंबित संदर्भों के निपटान के लिए सम्मिलित प्रयास किया जा रहा है। दिनांक 15.10.2024 तक विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत लंबित संदर्भों के निपटान की स्थिति निम्नलिखित है – सांसद संदर्भ - 18, लोक शिकायत - 430, लोक शिकायत अपील - 66, संसदीय आश्वासन - 1, भौतिक फ़ाइलों की छंटाई - 978, ई-फ़ाइलों की समाप्ति - 335, आयोजित स्वच्छता अभियान – 21,843, मुक्त स्थान – 60,281 वर्ग फुट, अर्जित राजस्व – 1,76,600 रुपये।
श्री ज्ञानेश भारती, मंत्रालय के विशेष अभियान 4.0 के अपर सचिव और नोडल अधिकारी द्वारा प्रभागों और स्वायत्त निकायों के साथ साप्ताहिक बैठकें आयोजित की जाती हैं जिससे लंबित संदर्भों के निपटान की स्थिति की समीक्षा की जा सके और विशेष अभियान 4.0 के कार्यान्वयन चरण के दौरान की जा रही स्वच्छता गतिविधियों की समीक्षा की जा सके।
विशेष अभियान 4.0 के अंतर्गत निम्नलिखित सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया गया:
- इंदौर में वन स्टॉप सेंटर के पदाधिकारियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वच्छता पर जागरूकता फैलाने के लिए छात्रों के साथ सहयोग किया।
- दिल्ली में वन स्टॉप सेंटर के पदाधिकारियों ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम करने के लिए स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करते हुए अस्पतालों में स्वच्छता पर जागरूकता अभियान चलाया।
- मेघालय में वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन पदाधिकारियों ने ऊर्जा दक्षता प्रकाश बल्बों के उपयोग, रद्दी कागज का पुन: उपयोग जैसे स्थायी एवं पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।
- वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन पदाधिकारियों ने न केवल कचरा-मुक्त परिवेश का निर्माण करने का संकल्प लिया, बल्कि महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए समाज को भी गंदगी मुक्त करने का संकल्प लिया।

मणिपुर के थौबल जिले में शक्ति सदन के कर्मचारियों और निवासियों ने छात्रावास, शौचालय, बरामदे और प्रशिक्षण हॉल की व्यापक सफाई की।


असम में वन स्टॉप सेंटर में स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जम्मू में कामकाजी महिला छात्रावास में स्वच्छता गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
पूरे देश के आंगनवाड़ी केंद्रों, वन स्टॉप सेंटरों, बाल देखभाल संस्थानों, सखी निवास, शक्ति सदनों आदि जैसे स्वच्छता अभियान स्थलों पर कई स्वच्छता गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
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एमजी/आरपीएम/केसी/एके
(रिलीज़ आईडी: 2065564)
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