रक्षा मंत्रालय
तीसरी भारत-जापान 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के बाद रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह का प्रेस वक्तव्य
प्रविष्टि तिथि:
20 AUG 2024 9:13PM by PIB Delhi
- “श्री किहारा मिनोरू, रक्षा मंत्री
- सुश्री योको कामिकावा, विदेश मंत्री, जापान
- डॉ. जयशंकर,
- प्रेस के सदस्य,
- देवियो और सज्जनों,
- सबसे पहले, मुझे भारत में भारत- जापान 2+2 वार्ता के तीसरे संस्करण की सह-मेजबानी करते हुए प्रसन्नता हो रही है। मैं हमारी विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को बढ़ाने में सहायता करने वाली सार्थक बातचीत के लिए मंत्रियों, उनके प्रतिनिधिमंडलों और उनके कर्मचारियों की सराहना करता हूं। मैं हमारे द्विपक्षीय संबंधों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की हार्दिक सराहना करता हूं। यह वर्ष भारत और जापान दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम अपनी विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं। मैं पिछले दशक में रक्षा सहयोग के मामले में हमारे दोनों देशों द्वारा की गई प्रगति को देखकर बेहद खुश हूं।
- मुझे प्रेस के सदस्यों को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने सितंबर 2022 में टोक्यो में अपनी पिछली बैठक से पर्याप्त प्रगति हासिल की है। कई मामलों में परिणाम अपेक्षाओं से भी बढ़कर रहे हैं। यह हमारे दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों के बीच बेहतरीन तालमेल के कारण ही संभव हो सका। आज हमारी चर्चाओं के दौरान, हमने आपसी हित के व्यापक द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण हितधारकों के रूप में, भारत और जापान, कई मायनों में, इस क्षेत्र के महत्वपूर्ण प्रहरी हैं। इसलिए यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कुंजी है।
- वर्ष 2023 हमारी रक्षा गतिविधियों के संदर्भ में एक उपलब्धि-भरा वर्ष रहा है। संयुक्त सेवा स्टाफ वार्ता की स्थापना और हमारी वायु सेनाओं के बीच पहला लड़ाकू अभ्यास, ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास हमारे रक्षा बलों के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक है। पहली बार, तीनों सेनाएं एक कैलेंडर वर्ष में अपने द्विपक्षीय अभ्यास आयोजित कर सकती हैं। हमने सेनाओं में संयुक्तता के संबंध में सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के बारे में जानने हेतु अपनी पहली संयुक्त स्टाफ वार्ता भी आयोजित की। हमारे रक्षा सचिव और जापान के उप रक्षा मंत्री के बीच रक्षा नीति वार्ता (डीपीडी) भी अप्रैल 2023 में आयोजित की गई थी।
- रक्षा उपकरण एवं तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। हमने स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करते हुए 2047 में प्रवेश करने तक एक विकसित एवं परिवर्तित भारत का दृष्टिकोण निर्धारित किया है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए घरेलू रक्षा क्षमताओं का निर्माण इस दृष्टिकोण का एक अभिन्न हिस्सा है। रक्षा प्रौद्योगिकियों एवं उद्योग के क्षेत्र में जापान के साथ साझेदारी भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के हमारे लक्ष्य को हासिल करने में सहायक होगी।
- भारत और जापान का हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बारे में साझा दृष्टिकोण है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के मुद्दों पर समन्वय एवं साझा दृष्टिकोण बढ़ रहा है। भारत आसियान और जापान सहित प्लस देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एडीएमएम प्लस का एक सक्रिय सदस्य है। आज की बैठक में, हमने इस क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने हेतु सार्थक परिणाम हासिल करने के लिए एक-दूसरे के प्रयासों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
- मैं एक बार फिर रक्षा मंत्री श्री किहारा मिनोरू और जापान की विदेश मंत्री सुश्री योको कामिकावा को आज की बेहद उपयोगी चर्चा और भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने के लिए धन्यवाद देता हूं।
धन्यवाद!”
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एमजी/एआर/आर
(रिलीज़ आईडी: 2047139)
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