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भारत की राष्ट्रपति ने वर्ष 2022 और 2023 के लिए संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप और पुरस्कार प्रदान किए

प्रविष्टि तिथि: 06 MAR 2024 9:16PM by PIB Delhi

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में आज (6 मार्च, 2024) वर्ष 2022 और 2023 के लिए संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप और पुरस्कार प्रदान किए।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि कला सिर्फ कला के लिए नहीं है। इसका सामाजिक उद्देश्य भी है। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं, जब कलाकारों ने अपनी कला का इस्तेमाल सामाजिक कल्याण के लिए किया। कलाकार अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को जागृत करने में योगदान देते रहे हैं। भारतीय कला भारत की सॉफ्ट-पावर का सबसे अच्छा उदाहरण है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आज तनाव और अवसाद जैसी मानसिक समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इसके अनेक कारण हैं। इसका एक कारण आध्यात्मिकता की बजाय सांसारिक सुख पर अधिक ध्यान देना हो सकता है। उन्होंने कहा कि कला से जुड़ाव हमें रचनात्मक बनाता है। कला सत्य की खोज का मार्ग प्रशस्त करती है और जीवन को सही मायने में सार्थक बनाती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि कला और कलाकारों ने भारत की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया है। ऐसा करके उन्होंने संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों का भी निर्वहन किया है।

राष्ट्रपति ने पिछले सात दशकों से विभिन्न कला विधाओं को बढ़ावा देने के लिए संगीत नाटक अकादमी की सराहना की। उन्होंने कहा कि मंच कला और अमूर्त विरासत के क्षेत्र में अकादमी द्वारा किया गया कार्य काफी महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रपति ने अकादमी की फेलोशिप और पुरस्कार से सम्मानित सभी प्रतिष्ठित हस्तियों को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि वे संगीत और नाटक के विभिन्न रूपों एवं शैलियों के माध्यम से भारतीय कला परंपरा को समृद्ध करना जारी रखेंगे।

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एमजी/एआर/आरकेजे


(रिलीज़ आईडी: 2013127) आगंतुक पटल : 202
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