पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
आईईडब्ल्यू 2024 अपार सफलता के साथ गोवा में संपन्न हुआ
आईईडब्ल्यू 2025 की मेजबानी 11-14 फरवरी के बीच नई दिल्ली के यशोभूमि में की जाएगी
प्रविष्टि तिथि:
09 FEB 2024 6:17PM by PIB Delhi
गोवा में भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 (आईईडब्ल्यू 2024) का दूसरा संस्करण आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, इस घोषणा के साथ कि वैश्विक ऊर्जा सम्मेलन का अगला संस्करण 11-14 फरवरी के बीच नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित किया जाएगा।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और आवास और शहरी मामलों के मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने यह भी घोषणा की कि 2026 में वैश्विक सम्मेलन का चौथा संस्करण गोवा में आईपीएसएचईएम-ओएनजीसी-प्रशिक्षण संस्थान में होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए चार दिवसीय कार्यक्रम में वैश्विक तेल, गैस, जैव ईंधन और नवीकरणीय कंपनियों ने अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन किया। मंच ने वैश्विक ऊर्जा ईकोसिस्टम को ऊर्जा स्पेक्ट्रम में सार्थक साझेदारी के माध्यम से सहयोग, नवाचार और विकास करने की अनुमति दी।
भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 गोवा की मुख्य विशेषताएं:
पहला दिन-6 फरवरी:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोवा में आईईडब्ल्यू 2024 के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया। अपने उद्घाटन भाषण में पीएम मोदी ने वैश्विक ऊर्जा नेताओं की सभा को संबोधित करते हुए ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व स्तर के निवेश के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सरकारी खर्च भारत में निवेश के नए रास्ते तैयार करेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोवा में एकीकृत समुद्री जीवन रक्षा प्रशिक्षण केंद्र, ओएनजीसी संस्थान का भी उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने अंडरवॉटर इस्केप एक्सरसाइज पर एक ब्रीफिंग और प्रशिक्षण केंद्र का प्रदर्शन भी देखा।
बाद में दिन में, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ''वीयूसीए दुनिया में राष्ट्रों और उद्योग के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना'' नामक एक मंत्रिस्तरीय पैनल में भाग लिया। इस दौरान कतर के एनर्जी अफेयर्स में कैबिनेट मंत्री साद बिन शेरिडा अल काबी, गुयाना गणराज्य के प्राकृतिक संसाधन मंत्री विक्रम भरत और ओपेक महासचिव हैथम अल घैस भी मौजूद थे।
दिन के दौरान एक अन्य सम्मेलन में, ओएनजीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अरुण कुमार सिंह ने 'सस्ती ऊर्जा पहुंच हासिल करने में उद्योग की भूमिका - बढ़ती मांग और टिकाऊ आपूर्ति को संतुलित करने' शीर्षक से एक पैनल चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि भारत की ऊर्जा मांग आने वाले समय में बढ़ती रहेगी और और केवल 17-18 वर्षों के बाद ही कम होना शुरू होगा।
दूसरा दिन- 7 फरवरी:
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने 'इंडियन ऑयल मार्केट आउटलुक टू 2030' रिपोर्ट जारी की, जिसमें कहा गया है कि भारत 2024 और 2030 के बीच वैश्विक तेल मांग वृद्धि का सबसे बड़ा स्रोत बन जाएगा।
पेट्रोनेट एलएनजी के एमडी और सीईओ अक्षय कुमार सिंह ने "एलएनजी बाजारों और बुनियादी ढांचे के विकास" पर लीडरशिप पैनल में बोलते हुए कहा कि भारत का कुल ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को मौजूदा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 2030 तक 15% करने का लक्ष्य आपूर्ति श्रृंखला में किफायती मूल्य निर्धारण और बुनियादी ढांचे के सिंक्रनाइज़ेशन पर निर्भर है।
भारत के जी20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने 'दक्षिण-दक्षिण सहयोग: समावेशी विकास के लिए ऊर्जा' नामक एक मंत्रिस्तरीय पैनल में बोलते हुए कहा कि भारत 2047 तक स्वच्छ ऊर्जा का निर्यातक बन जाएगा। भारत के G20 शेरपा कांत ने कहा कि देश ग्रीन हाइड्रोजन का निर्यात करके मील का पत्थर हासिल करेगा।
तीसरा दिन- 8 फरवरी:
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोवा में आईईडब्ल्यू 2024 के दूसरे संस्करण में प्रदर्शित प्रौद्योगिकी नवाचारों की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भारत ने अनुमानित लक्ष्य से पांच महीने पहले पेट्रोल के साथ 12% इथेनॉल मिश्रण हासिल कर लिया है और इसके कारण सरकार को 20% इथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य को पांच साल बढ़ाकर 2025 तक संशोधित करना पड़ा है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन ने 'भारत - उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए ऊर्जा परिवर्तन का एक खाका' शीर्षक वाले स्पॉटलाइट सेशन में बोलते हुए कहा कि दुनिया में ऊर्जा के मांग केंद्र के रूप में भारत का उद्भव दुनिया भर में प्राकृतिक गैस की खरीद मध्यस्थता के अवसर प्रदान करता है।
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने 'प्योर फॉर श्योर' लॉन्च करने की घोषणा की। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य लास्ट माइल डिलीवरी अक्षमताओं को खत्म करना और ग्राहकों की संतुष्टि को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाना है।
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एमजी/एआर/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2004723)
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