सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
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सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के अंतर्गत परियोजनाएं

प्रविष्टि तिथि: 08 FEB 2024 4:10PM by PIB Delhi

किसी भी परियोजना का तरीका यातायात, वित्तीय व्यवहार्यता, संसाधनों की उपलब्धता, बाजार की स्थिति और विस्तार / गलियारे की गंभीरता जैसे कई कारकों के आधार पर निर्धारित  किया जाता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अंतर्गत  पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष के दौरान स्वीकृत सार्वजनिक-निजी भागीदारी )पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप- पीपीपी) परियोजनाओं की संख्या का वर्ष-वार विवरण अनुबंध-I में संलग्न है।

एनएचएआई द्वारा कुल 14 परियोजनाएं समाप्त कर दी गई हैं। ऐसी परियोजनाओं की सूची अनुबंध-II में संलग्न है।

कुछ परियोजनाओं में विभिन्न कारणों से देरी हुई है जैसे अप्रत्याशित घटनाएं  अर्थात  कोविड-19, भूमि अधिग्रहण, स्वीकृति  और रियायतग्राहियों की और से आने वाले अन्य प्रश्न । परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के पूरे प्रयास किये जा रहे हैं।

परियोजनाओं को पूरा करने में देरी से बचने के लिए निम्नानुसार विभिन्न सुधारात्मक उपाय किए जा रहे हैं:

(i) परियोजनाओं के लिए भूमि की पर्याप्त उपलब्धता होने पर ही  परियोजनाएं प्रदान की जाएंगी।

(ii) कायक्रम मूल्यांकन समीक्षा तकनीक (प्रोग्राम इवैल्यूएशन रिव्यू टेक्नीक पीईआरटी)  चार्ट / परियोजना प्रबन्धन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट) सॉफ्टवेयर के माध्यम से कीर्तिमान उपलब्धि  आधारित परियोजना निगरानी।

(iii) मुद्दों के समय पर समाधान के लिए मल्टीप्लेयर समीक्षा तंत्र जिसमें केन्द्रीय मंत्रालयों एवं राज्य सरकारों सहित सभी हितधारक शामिल हैं।

अनुलग्नक -I

लोक सभा अतारांकित प्रश्न संख्या  941 के भाग (ए) के उत्तर में उल्लिखित परिशिष्ट। पीपीपी के अंतर्गत परियोजनाओं के संबंध में श्री राहुल कस्वां द्वारा पूछे गए इस प्रश्न  का उत्तर आज 08.02.2024 को दिया गया।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( एनएचएआई)  के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष के दौरान स्वीकृत सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं की संख्या

वर्ष

स्वीकृत परियोजनाओं  की संख्या

2020 -21

71

2021- 22

97

2022- 23

97

 

अनुलग्नक -II

 

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( एनएचएआई)  द्वारा समाप्त की गई परियोजनाओं की सूची

क्रमांक

परियोजना का नाम

1

गुड़गांव-कोटपूतली-जयपुर खंड के 6एल कि.मी. रामा (एनएच) -8 के 42.700 से किमी 273.00 तक

2

बेंगलुरु से नीलामंगला तक पहुंच नियंत्रित राजमार्ग

3

96.00 से कि.मी. 387.100 पानीपत-जालंधर को छह लेन का बनाना

4

रामा (एनएच -66 के पनवेल (0.00) से इंदापुर (84.600)

5

मध्य प्रदेश (एमपी)  में  रामा (एनएच -3) के इंदौर-देवास किमी 577.550 से किमी 610.00 एवं 0.000 से किमी 12.600 तक

6

मदुरै - तूतीकोरिन कि.मी. 138.800 से कि.मी. 266.865

7

तंजावुर-त्रिची किमी 80.00 से  किमी. 136.490 तक

8

पंजाब में रामा (एनएच -95 के लुधियाना (किमी. 92.000) से तलवंडी खंड (कि.मी. 170.000)

9

जयपुर-रींगस खंड

10

ओडिशा में रामा (एनएच)-215 के पैनिकोली (किमी 0.000) से रिमोली (किमी 166.173)

11

वडोदरा मुंबई एक्सप्रेसवे (जुजुवा से गांडीवा) (चरण I बी - पीकेजी VIII) [किमी 154.600 से किमी 190.000]

12

वडोदरा मुंबई एक्सप्रेसवे (कारवाड से जुजुवा) (चरण I बी – पीकेजी IX) [किमी 128.000 से किमी 154.600]

13

घोमन-टांडा की 2/4 एल

14

एनई -5 और रामा (एनएच -44 को जोड़ने वाले  दक्षिणी लुधियाना बाईपास का 6L

यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी है ।

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एमजी / एआर / एसटी


(रिलीज़ आईडी: 2004105) आगंतुक पटल : 245
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