जनजातीय कार्य मंत्रालय

वर्षांत समीक्षा 2023: जनजातीय कार्य मंत्रालय


वित्त वर्ष 2023-24 में जनजातीय कार्य मंत्रालय का बजट परिव्यय 12461.88 करोड़ रुपये है जो वित्त वर्ष 2022-23 (आरई) की तुलना में 70.69 प्रतिशत अधिक है

वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना हेतु 1,17,943.73 करोड़ रुपये आवंटित किए गए

प्रधानमंत्री ने जनजातीय गौरव दिवस पर लगभग 24,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान पीएम-जनमन का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री ने 2047 तक देश से सिकल सेल एनीमिया बीमारी को खत्म करने के उद्देश्य से नेशनल सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन शुरू किया

जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, एवं लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला के नेतृत्व में पूरे देश में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया गया

पीएम जनमन योजना को मिशन मोड में लागू करने हेतु विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 'मंथन शिवर' का आयोजन किया, जिसमें केंद्र सरकार के 9 मंत्रालयों और 18 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों के 600 से अधिक अधिकारी शामिल हुए

पीएम ने नई दिल्ली में मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम में आदी महोत्सव का उद्घाटन किया; 9 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 29 पीवीटीजी शामिल हुए; महोत्सव में 3 करोड़ रुपये से अधिक के आदिवासी उत्पादों की बिक्री हुई

राष्ट्रपति ने ओडिशा के कुलियाना में एक एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल (ईएमआरएस) का उद्घाटन किया; प्रधानमंत्री ने राजस्थान में छह ईएमआरएस का उद्घाटन किया

ईएमआरएस के लिए 38,000 से अधिक शिक्षक और सहायक कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे; भर्ती के पहले चरण में 10,391 पदों के लिए विज्ञापन जारी

जयजातीय कार्य मंत्रालय ने 1 अप्रैल, 2023 से 27 दिसंबर, 2023 तक 32.22 लाख आदिवासी छात्रों को डीबीटी के जरिए छात्रवृत्ति प्रदान किए

वन अधिकार कानून के तहत 31.10.2023 तक 1.8 करोड़ एकड़ से अधिक भूमि के कुल 23.43 लाख भूमि स्वामित्व वितरित किए गए

अमेज़ॅन इंडिया के सहयोग से नेस्ट्स ने ईएमआरएस के लिए 'अमेज़ॅन फ्यूचर इंजीनियर प्रोग्राम' का चरण II लॉन्च किया

Posted On: 10 JAN 2024 2:04PM by PIB Delhi

 भारत में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) की आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 10.45 करोड़ है जो देश की कुल आबादी का लगभग 8.6 प्रतिशत है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत 730 से अधिक अनुसूचित जनजातियों को अधिसूचित किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयासदृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने प्राथमिकता के तौर पर जनजातियों के विकास और उनकी विरासत तथा संस्कृति के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित किया है।

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने (एमओटीए) प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण और आदिवासियों के कल्याण के लिए अपनी अटल प्रतिबद्धता के अनुरूप, वित्तीय संसाधनों के बढ़े आवंटन, बेहतरे कोशिशों और मंत्रालय के नियोजन तथा कार्यान्वयन तंत्र को दुरूस्त करते हुए क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने के लिए खुद को तैयार किया है।

वर्ष 2023 के दौरान आदिवासी कार्य मंत्रालय की उपलब्धियों और पहलों के प्रमुख आकर्षण इस प्रकार हैं:

वित्त वर्ष 2023-24 में जनजातीय कार्य मंत्रालय के लिए बजट परिव्यय का वर्ष 2022-23 (आरई) की तुलना में 70.69 प्रतिशत अधिक 12461.88 करोड़ रुपये होना

 

वित्तीय वर्ष 2023-2024 में जनजातीय कार्य मंत्रालय के लिए बजट परिव्यय बढ़ाकर 12461.88 करोड़ रुपये कर दिया गया जो पिछले वित्तीय वर्ष (2022-23) के 7301.00 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान (आईई) की तुलना में 70.69 प्रतिशत अधिक है। जनजातियों की बेहतरी के लिए बजट 2023-24 में निम्नलिखित घोषणाएं की गईं:

 

  1. प्रधानमंत्री पीवीटीजी विकास मिशन – खासकर अत्यधिक कमजोर आदिवासी समूह (पीवीटीजी) के परिवारों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा स्वास्थ्य तथा पोषण, सड़क तथा दूरसंचार कनेक्टिविटी और टिकाऊ आजीविका के अवसरों तक पहुंच बढ़ाने के मौके जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना।

 

  1. राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन– इसे आईसीएमआर और संबंधित राज्यों के सहयोग से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से लागू किया जाना है। इस मिशन के तहत एकीकृत तरीके से इस आनुवंशिक बीमारी के निवारक, उपचारात्मक और प्रबंधन पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 1 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया (एससीए) उन्मूलन कार्यक्रम शुरू किया। इस मिशन का उद्देश्य, विशेष रूप से देश की आदिवासी आबादी के बीच सिकल सेल रोग से उत्पन्न स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करना है। इस मिशन का उद्देश्य अगले 3 वर्षों में 40 साल से कम उम्र के 8 करोड़ से अधिक आदिवासियों को एससीए के लिए जांच कराना है, जिनमें से 90 लाख लोगों के डेटा पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं।

 

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने इस बारे में 'जागरूकता अभियान और सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण' कार्यक्रम शुरू किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देना है ताकि आम जनता के बीच, विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में, इस बारे में जागरूकता पैदा किया जा सके। सिकल सेल एनीमिया और इसके उन्मूलन के बारे में जागरूकता मॉड्यूल को विभिन्न आदिवासी भाषाओं में उपलब्ध कराना है ताकि जमीनी स्तर पर इस बारे में संदेश पहुंचना सुनिश्चित किया जा सके।

 

  • III. ईएमआरएस के लिए शिक्षकों की केंद्रीय भर्ती - अगले कुछ वर्षों में एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूलों के लिए 38,000 से अधिक शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों को भर्ती किया जाना है। इससे 3.5 लाख आदिवासी छात्र लाभान्वित होंगे। नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (नेस्ट्स यानी एनईएसटीएस) ने ईएमआरएस स्टाफ चयन परीक्षा - 2023 के माध्यम से भर्ती के पहले चरण में 10,391 पदों को भरने के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया है।

 

जनजातीय कार्य मंत्रालय का बजट आवंटन 2013-14 में 4295.94 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 12461.88 करोड़ हो गया है यानी लगभग 190.01 प्रतिशत की वृद्धि।

इसी तरह, हर साल आदिवासी विकास परियोजनाओं के लिए अपनी कुल योजना आवंटन से 41 मंत्रालयों/ विभागों के धन आवंटित करने के साथ, डीएपीएसटी फंड आवंटन वित्तीय वर्ष 2013-14 के बाद से लगभग साढ़े पांच बार बढ़ा है (2013-14 में 21,525.36 करोड़ रुपये (वास्तविक व्यय) से 2023-24 बीई में 1,17,943.73 करोड़ रुपये)।

  • भगवान बिरसा मुंडा को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देने के लिए देश भर में 15 नवंबर, 2023 को जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया

वीर जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों की याद में जनजातीय गौरव दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश भर में समारोहों का नेतृत्व राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़,  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, और लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला ने किया। इस मौके पर झारखंड के खूंटी में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ वर्चुअल तरीके से 6 मुख्यमंत्रियों, 22 राज्यपालों, केंद्र सरकार के 7 मंत्रियों और कई सांसदों, राज्य सरकारों के कई मंत्रियों और विधायकों ने भाग लिया। जनजातीय गौरव दिवस मनाने के लिए जनजातीय अनुसंधान संस्थानों, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों में जनजातीय कल्याण विभागों और अन्य साझेदार संगठनों ने देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने विकसित भारत संकल्प यात्रा को हरी झंडी दिखाई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केंद्र की महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ समयबद्ध तरीके से लक्षित लाभार्थियों तक पहुंच सके।

 

प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन)

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24,104 करोड़ रुपये (केंद्रीय शेयर: 15,336 करोड़ रुपये और राज्य शेयर: 8,768 करोड़ रुपये) के कुल परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य जनजातीय समुदाय को उनका हक दिलाने के लिए 9-संबद्ध मंत्रालयों के माध्यम से 11 महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस (15 नवंबर, 2023) के अवसर पर, अत्यधिक कमजोर जनजातीय समूहों के विकास के लिए पीएम-जनमन मिशन का शुभारम्भ किया। उन्होंने पीएम गतिशक्ति मंच पर पोर्टल भी लॉन्च किया, जिसका उपयोग पीएम-जनमन की प्रगति और परिणामों की निगरानी करने के लिए किया जाएगा।

देश के 18 राज्यों में 75 जनजातीय समुदाय हैं और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान तथा निकोबार द्वीप को विशेष रूप से अत्यधिक कमजोर आदिवासी समूहों (पीवीटीजी) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह समूह (पीवीटीजी) सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने नई दिल्ली में एक मंथन शिवर का आयोजन किया, जिसमें नौ केंद्रीय मंत्रालय और 18 राज्य/केंद्र शासित सरकारें शामिल हुईं ताकि पीएम-जनमन मिशन को सफल बनाने के लिए एक रोड मैप बनाया जा सके। इसमें देश भर के 600 से अधिक अधिकारियों ने ब्रेन स्टॉर्मिंग सत्रों में भाग लिया, जो कार्य योजना तैयार करने और मिशन मोड में पीएम जनमन को लागू करने पर केंद्रित था।

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जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 25 दिसंबर, 2023 से देश भर के 100 जिलों में 9- संबद्ध मंत्रालयों के साथ पीएम-जनमन के पहले चरण की शुरूआत की।

 

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने अत्यधिक कमजोर आदिवासी समूहों यानी पीवीटीजी को 11 बुनियादी सुविधाएं देना सुनिश्चित करने के लिए 9-संबद्ध मंत्रालयों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर 100 जिलों में पीएम जनमन योजना का पहला चरण शुरू किया। इस अभियान के तहत, जनजातीय क्षेत्रों में में शिविर लगाए जा रहे हैं और आधार नामांकन, पीएम जनधन खाते खुलवाने, सामुदायिक प्रमाणपत्र जारी करने, आयुष्मान भारत नामांकन, एफआरए पट्टा वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड नामांकन आदि के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं दी जा रही हैं। मंत्रालय इस बारे में जनजातीय समुदाय के बीच सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) सामग्री के माध्यम से बड़े स्तर पर जागरूकता फैला रहा है और इसका प्रचार किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने दिल्ली में मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम में 'आदी महोत्सव' का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 16 फरवरी, 2023 को दिल्ली में मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम में विशाल जनजातीय उत्सव आदी महोत्सव का उद्घाटन किया। आदी महोत्सव राष्ट्रीय फलक पर आदिवासी संस्कृति को दिखाने का एक प्रयास है और यह आदिवासी संस्कृति की भावना, शिल्प, खान-पान, वाणिज्य और पारंपरिक कला का उत्सव मनाने का अवसर भी है। यह जनजातीय मंत्रालय के तहत आदिवासी सहकारी विपणन विकास फेडरेशन लिमिटेड (ट्राइफेड) की एक वार्षिक पहल है।

इस कार्यक्रम में 9 राज्यों/केद्रशासित प्रदेशों से पहुंचे 29 पीवीटीजी की भागीदारी देखी गई। यह महोत्सव जनजातीय कारीगरों के उत्पादों की 3 करोड़ से अधिक की बिक्री के साथ संपन्न हो गया।

इस अवसर पर, कई नृत्य कार्यक्रम देखने को मिले जो ऊर्जा और जीवंतता से लबरेज थे। डांसर रानी खानम द्वारा कोरियोग्राफ किए गए प्रदर्शन में असम का बगुरुम्बा, छत्तीसगढ़ का पंथी नृत्य, तेलंगाना के गुसाडी, मध्य प्रदेश के गूसा परधौनी, सिक्किम के तमंग सेलो, गुजरात की सिद्धी धमाल, पश्चिम बंगाल का पुरुलिया छाऊ, और उत्तराखंड का हारूल नृत्य भी देखने को मिला।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ओडिशा के कुलियाना में एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल (ईएमआरएस) का उद्घाटन किया

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 20 नवंबर, 2023 को ओडिशा में मयूरभंज जिले के कुलियाना में एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल (ईएमआरएस) का उद्घाटन किया। जनजातीय कार्य मंत्रालय ने इस स्कूल के लिए 38 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इसका निर्माण हिंदुस्तान स्टील कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (एचएससीएल) द्वारा किया जा रहा है, जो आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है।

प्रधानमंत्री ने राजस्थान में छह ईएमआरएस का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 27 जुलाई, 2023 को राजस्थान में 6 एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूलों का उद्घाटन किया। इनमें उदयपुर में दो, बांसवाड़ा में 2, प्रतापगढ़ में एक और डूंगरपुर में भी एक ईएमआरएस है। इन स्कूलों के बन जाने से 2880 जनजातीय छात्रों को लाभ मिलेगा जिनमें से आधी लड़कियां हैं।

  • शैक्षणिक दौरे पर दिल्ली पहुंचे 6 राज्यों के एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल के छात्र राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मिले

22 अगस्त 2023 को जनजातीय कार्य मंत्रालय और एनईएसटीएस द्वारा आयोजित शैक्षणिक दौरे के हिस्से के रूप में 6 राज्यों, अर्थात् राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से दिल्ली पहुंचे ईएमआरएस छात्रों ने राष्ट्रपति भवन का दौरा किया और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

  • राष्ट्रपति भवन, अमृत उद्यान और राष्ट्रपति संग्रहालय में आयोजित ईएमआरएस छात्रों का एक विशेष भ्रमण

  • नेशनल एजुकेशन सोसायटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (एनईएसटीएस) ने राष्ट्रपति भवन के साथ मिलकर 15 फरवरी, 2023 को 3 राज्यों - राजस्थान, उत्तराखंड और नागालैंड के 600 ईएमआरएस छात्रों को राष्ट्रपति भवन, संग्रहालय, अमृत उद्यान का भ्रमण कराया। ईएमआरएस छात्रों को राष्ट्रपति भवन का दौरा कराने की यह योजना राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को राष्ट्रपति भवन के उद्यान उत्सव का भ्रमण कराने के लिए आमंत्रित करने की इच्छा को देखते हुए बनाई गई थी। उनका कहना है कि ये छात्र ही राष्ट्र के भविष्य हैं।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 25 मई, 2023 को झारखंड के खूंटी जिले में बिरसा मुंडा कॉलेज स्टेडियम में जनजातीय कार्य मंत्रालय के तत्वाधान में भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (ट्राइफेड) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) द्वारा आयोजित महिला स्वयं सहायता समूह सम्मेलन में महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों से मिलीं।

महिला स्वयं सहायता सम्मेलन की प्रमुख बातें:

  • जनजातीय कलाओं और शिल्पों के लाइव प्रदर्शन, जनजातीय उत्पादों का डिस्प्ले, और ट्राइफ़ेड, एनएसटीएफडीसी तथा भारत सरकार के अन्य मंत्रालयों/विभागों के माध्यम से स्थापित वीडीवीके स्टॉलों का प्रदर्शन।
  •  एनएसटीएफडीसी, एनएसआईसी, एनआईईएसबीयूडी, स्कील सेक्टर काउंसिल (एफआईसीएसआई), डाक विभाग और एमएसएमई मंत्रालय ने विभिन्न स्टॉल लगाए।
  • इसमें लगभग 25,000-30,000 जनजातीय पूरे उत्साह से शामिल हुए।
  • एससीडी, टीबी और मलेरिया के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का काम जनजातीय कार्य मंत्रालय के आदिवासी स्वास्थ्य सेल के एक बूथ के माध्यम से किया गया; सिकल सेल रोग/लक्षण के लिए स्क्रीनिंग भी आयोजित की गई थी।

 

  • राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में विशेष तौर पर अत्यधिक कमजोर आदिवासी समूहों यानी पीवीटीजी के लोगों का स्वागत किया और उनसे बातचीत की

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 12 जून, 2023 को राष्ट्रपति भवन के स्पोर्ट्स ग्राउंड में पीवीटीजी बैठक में शामिल हुईं। अपनी तरह की इस पहली पहल में, राष्ट्रपति ने 75 पीवीटीजी के सदस्यों को राष्ट्रपति भवन की यात्रा के लिए आमंत्रित किया और उन्हें जनजातीय कार्य मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं और पहलों के बारे में बताया। इसके बाद पीवीटीजी के सदस्यों को अमृत उद्यान और राष्ट्रपति भवन का भ्रमण भी कराया गया। राष्ट्रपति ने पीवीटीजी समुदाय से प्रत्येक मेहमानों को बधाई दी।

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 1 अप्रैल 2023 से 27 दिसंबर, 2023 तक डीबीटी के माध्यम से 32.22 लाख आदिवासी छात्रों को छात्रवृत्ति बांटा।

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने एसटी छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति, एसटी छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, एसटी छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय फैलोशिप योजना, एसटी छात्रों की उच्च शिक्षा (शीर्ष श्रेणी) के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना, एसटी छात्रों की विदेश में पढ़ाई के लिए राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति जैसी विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 1 अप्रैल से 27 दिसंबर, 2023 तक 32,22,609 छात्रों के बीच 1692.47 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया।

 

छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 1 अप्रैल से 31 दिसंबर, 2023 तक व्यय और लाभार्थियों का विवरण

रु. करोड़ में

 

क्र.सं.

योजना का नाम

वित्तीय वर्ष 2023-24 (अप्रैल'23 से दिसंबर'23)

व्यय रुपये करोड़ में (27 दिसंबर, 2023 तक )

लाभार्थियों की संख्या

1.

एसटी छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति

156.45

1019327

2.

एसटी छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति

1387.11

2194182

3.

एसटी छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप योजना

76.92

3643

4.

एसटी छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना (शीर्ष श्रेणी)

68.03

5413

5.

विदेश में पढ़ाई के लिए एसटी छात्रों के लिए राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति

3.96

44

 

कुल

1692.47

3222609

 

  • वन अधिकार अधिनियम के तहत 31.10.2023 तक कुल 1.8 करोड़ एकड़ से अधिक भूमि के 23.43 लाख भूमि स्वामित्व वितरित किए गए

राज्य सरकारों द्वारा प्रस्तुत की गई जानकारी के अनुसार, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पारंपरिक वन निवासियों (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत, 31.10.2023 तक राज्यों में लगभग 1,80,70,577.43 एकड़ भूमि की कुल 23,43,009 भूमि स्वामित्व (व्यक्तिगत और सामुदायिक अधिकार) वितरित किए गए हैं।

त प्राप्त दावों की संख्या

31.10.2023 तक

वितरित स्वामित्व की संख्या

31.10.2023 तक

वन भूमि की सीमा जिसके लिए स्वामित्व वितरित किए गए (एकड़ में)

व्यक्ति

समुदाय

कुल

व्यक्ति

समुदाय

कुल

व्यक्ति

समुदाय

कुल

43,81,385

1,89,547

45,70,932

22,29,013

1,13,996

23,43,009

47,96,364.16

1,32,74,213.27

1,80,70,577

 

 

अमेज़ॅन इंडिया और लर्निंग लिंक फाउंडेशन के सहयोग से नेस्ट्स ने ईएमआरएस के लिए 'अमेज़ॅन फ्यूचर इंजीनियर प्रोग्राम' का चरण II लॉन्च किया

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (नेस्ट्स यानी एनईएसटीएस) ने आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में फैले 54 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) में 'अमेज़ॅन फ्यूचर इंजीनियर प्रोग्राम' के दूसरे चरण की शुरुआत की। दूसरे चरण में उन्नत ब्लॉक प्रोग्रामिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम शामिल होगा।

  • जनजातीय कार्य मंत्रालय ने न्यायाधीशों के पैनल में अन्य मंत्रालयों/विभागों के बीच गणतंत्र दिवस परेड 2023 की सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार जीता

  • हमारी गौरवशाली जनजातीय विरासत का जश्न मनाने की दृष्टि के अनुरूप, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा देश भर में एसटी बच्चों के लिए स्थापित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से जनजातीय कल्याण को प्रदर्शित करने वाली एक झांकी राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शित की गई थी।
  • रक्षा मंत्रालय और भारतीय तटरक्षक बल के साथ साझेदारी में जनजातीय कार्य मंत्रालय ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 126वीं जयंती के उपलक्ष्य में पराक्रम दिवस पर जनजातीय नृत्यों और सशस्त्र बलों के रंगीन प्रदर्शन के साथ 'आदी शौर्य - पर्व पराक्रम का' मनाया।

 

  • आदी शौर्य ने शानदार सैन्य प्रदर्शन और आदिवासी नृत्यों के बहुरूपदर्शक के माध्यम से उत्साह, ऊर्जा और जोश प्रदर्शित किया, पूरे भारत से भारत की विविध आदिवासी संस्कृति की सुंदरता का प्रदर्शन किया और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संदेश का प्रचार किया। 1200 से अधिक कलाकारों ने अपने प्रतिभाशाली प्रदर्शन से शहर को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शकों को आकर्षित करने के लिए स्टेडियम परिसर के अंदर और बाहर रचनात्मक बैनर और जनजातीय कलाएं भी प्रदर्शित की गई हैं। इस कार्यक्रम में दो दिनों में 90,000 से अधिक लोग आये।

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने अनुसूचित क्षेत्रों के जिला कलेक्टरों और परियोजना अधिकारियों (आईटीडीए) के लिए सुशासन पर कार्यशाला का आयोजन किया।

  • जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 11 फरवरी, 2023 को नई दिल्ली में अनुसूचित क्षेत्रों के जिला कलेक्टरों और परियोजना अधिकारियों (आईटीडीए) के लिए 'सुशासन पर कार्यशाला' आयोजित की। इस कार्यशाला में दस राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों के 90 से अधिक जिला कलेक्टरों और परियोजना अधिकारियों (आईटीडीए) ने भाग लिया और नीति तथा उसके कार्यान्वयन में होने वाली देरी पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने क्षेत्रों में आपसी समझ से इसे कम करने पर सिफारिशें/सुझाव भी दिए।

 

  • केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा, 2 मार्च 2023 को 'पीवीटीजी क्षेत्रों में प्रतिनियुक्त अधिकारियों के क्षेत्र दौरों पर चर्चा' कार्यक्रम की अध्यक्षता की

  • पीवीटीजी समुदायों के संरक्षण और विकास से संबंधित मुद्दों पर विशेष ध्यान देने के लिए केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री ने पीवीटीजी समुदायों की स्थितियों से परिचित होने और संबंधित राज्य सरकार/केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन के अधिकारियों के परामर्श से संभावित योजना का जमीनी स्तर पर मूल्यांकन के लिए पीवीटीजी बस्तियों में क्षेत्र का दौरा करने के लिए अधिकारियों को नियुक्त करने का निर्देश दिया। 50 से अधिक अधिकारियों ने दौरा पूरा कर लिया है, जिनमें से 7 ने मंत्री के सामने अपने अनुभव और प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए।
  • झारखंड के सरायकेला-खरसावां में प्रतिभाशाली आदिवासी युवाओं के लिए 'कौशल महोत्सव' रोजगार मेला आयोजित किया गया

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से कौशल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित बड़े रोजगार मेले में भाग लिया। यह मेला सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक अनूठा उदाहरण था और इसमें प्रमुख ऑटोमोटिव कंपनियों ने भाग लिया, जो आदिवासी युवाओं को दो और चार पहिया वाहनों हेतु प्रशिक्षित तकनीशियन बनने के लिए नौकरी के अवसर प्रदान कर रही थी। रोजगार मेले में 11 कंपनियों द्वारा 350 से अधिक अभ्यर्थियों का विभिन्न जॉब रोल में चयन किया गया।

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने अंडमान द्वीप समूह का चार दिवसीय दौरा किया

  • श्री अर्जुन मुंडा ने 'ओंगे' पीवीटीजी समुदाय से मिलने के लिए लिटिल अंडमान द्वीप में डुगोंग क्रीक का भी दौरा किया है। इस मौके पर उन्होंने प्राथमिक पाठशाला में कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया और 'ओंगे' जनजाति के बच्चों से बातचीत भी की।
  • केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने 18 अप्रैल, 2023 को मणिपुर में केंद्रीय क्षेत्र योजना 'उत्तर पूर्वी क्षेत्र के जनजातीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विपणन और लॉजिस्टिक विकास (पीटीपी-एनईआर)' का शुभारंभ किया।

  • इस अवसर पर पूरे मणिपुर में वीडीवीके के तीन नए उत्पाद भी लॉन्च किए गए, जिनके नाम हैं, कामजोंग जिले से दालचीनी रोल्स (डालचिनी), उखरुल जिले से ब्लैक राइस (चाखाओ) और सूखे बांस शूट। इस योजना के कार्यान्वयन के लिए लगभग 143 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

 

  • श्री अर्जुन मुंडा ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत आने वाले गांवों के सरपंचों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया

केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने 14 अगस्त 2023 को नई दिल्ली में अपने आधिकारिक आवास पर वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों के दो सौ से अधिक सरपंचों की उनकी पत्नी के साथ मेजबानी की। प्रत्येक राज्य से एक-एक सरपंच ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम पर अपने विचार साझा किए।

 

ट्राइफेड के कलाकारी पूर्ण खजाने ने जी20 शिखर सम्मेलन में सुर्खियां बटोरीं

  • जी20 शिखर सम्मेलन में भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत और शिल्प कौशल का एक उल्लेखनीय प्रदर्शन देखा गया, जिसे ट्राइफेड (भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ) ने क्यूरेट और प्रस्तुत किया। भारत के विभिन्न क्षेत्रों के आदिवासी कारीगरों के हस्तनिर्मित कई उत्कृष्ट उत्पादों ने दुनिया भर के प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया और उनकी प्रशंसा बटोरी। अपने उत्कृष्ट कलात्मक योगदान के लिए मशहूर श्री परेशभाई जयंतीभाई राठवा ने जी20 शिल्प बाजार में पिथोरा कला के लाइव प्रदर्शन के साथ अपनी उल्लेखनीय प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
  • केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने अहमदाबाद में आदी महोत्सव का उद्घाटन किया और भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • श्री अर्जुन मुंडा और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने 25 अक्टूबर, 2023 को अहमदाबाद में आदी महोत्सव का उद्घाटन किया और भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस 10 दिवसीय मेगा कार्यक्रम का आयोजन ट्राइफेड (भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ) ने किया था। इसमें 100 स्टॉलों के जरिए जनजातीय हस्तशिल्प, कला, पेंटिंग, कपड़े, आभूषण, व्यंजन और ऐसी बहुत चीजों की प्रदर्शनी-सह-बिक्री शामिल थी। इस महोत्सव में देश भर से 200 से अधिक जनजातीय कारीगरों और कलाकारों ने भाग लिया।
  • केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड के जमशेदपुर में राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव - 'आदी महोत्सव' का उद्घाटन किया

  • केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने 7 अक्टूबर, 2023 को झारखंड के जमशेदपुर में राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव आदी महोत्सव का उद्घाटन किया। इस बड़े कार्यक्रम का आयोजन भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (ट्राइफेड), जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 7 से 16 अक्टूबर 2023 तक किया था। इस महोत्सव में लगभग 30 कारीगरों के स्टॉल, लगभग 11 वीडीवीके के स्टॉल और 5 व्यंजन स्टॉल शामिल थे। इस कार्यक्रम में 15 व्यंजन स्टालों सहित अन्य राज्यों के 68 कारीगरों के स्टालों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया। महोत्सव के दौरान कपड़ा, पेंटिंग, आभूषण, धातु, बेंत बांस और व्यंजन जैसी विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रतिभा का जीवंत प्रदर्शन हुआ।
  • श्री अर्जुन मुंडा ने देहरादून में चौथे ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक तथा साहित्यिक उत्सव और कला उत्सव-2023 का उद्घाटन किया।

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री मुंडा ने 3 अक्टूबर, 2023 को देहरादून में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में चौथे ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक तथा साहित्यिक उत्सव और कला उत्सव-2023 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम को नेशनल एजुकेशन सोसायटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (एनईएसटीएस), और देहरादून में एकलव्य विद्यालय संगठन समिति (ईवीएसएस), उत्तराखंड ने आयोजित किया था। इस चार दिवसीय कार्यक्रम ने 22 राज्यों के 2000 से अधिक आदिवासी छात्रों की छिपी प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया।

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने स्वच्छता अभियान और लंबित मामलों के निपटारे के लिए एक महीने तक चलने वाले विशेष अभियान 3.0 का सफलतापूर्वक आयोजन किया

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने पूरे जोश और सर्वांगीण दृष्टिकोण के साथ एक महीने तक चलने वाले विशेष अभियान 3.0 का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य फोकस लंबित मामलों का निपटान करने, अंतरिक्ष प्रबंधन को प्राथमिकता देने, कार्यस्थल के अनुभव में सुधार लाने और मंत्रालय के भीतर तथा इसके अधीनस्थ/संलग्न/फील्ड कार्यालयों में स्वच्छता अभियान पर है।

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  • जनजातीय कार्य मंत्रालय के विशेष अभियान 3.0 में 2 आउटडोर स्वच्छता अभियान भी शामिल हैं। इसके अलावा, 2281 दस्तावेजों यानी फाइलों की समीक्षा की गई और 485 फाइलों को हटा दिया गया। जबकि, 731 ई-फाइलों की समीक्षा के लिए पहचान की गई और 210 ई-फाइलें बंद कर दी गईं। इसके अलावा, सांसदों के 26 संदर्भ, 6 संसदीय आश्वासन, 2 राज्य सरकार के अभियान के दौरान संदर्भ, 175 लोक शिकायत, 2 पीएमओ संदर्भ, और 42 लोक शिकायत अपीलों का निस्तारण किया गया। साथ ही, स्वच्छता अभियान के फलस्वरूप, अन्य गतिविधियों के साथ  200 वर्ग मी. जगह को मुक्त कराया गया। स्क्रैप के निपटान के बाद 2,10,000 रुपये प्राप्त हुए हैं।

 

  • एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के शिक्षक डॉ. यशपाल सिंह को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023 से सम्मानित किया गया

डॉ. यशपाल सिंह, प्रिंसिपल, ईएमआरएस भोपाल, मध्य प्रदेश उन 75 सबसे प्रतिभाशाली शिक्षकों में से एक रहे, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए पूरे देश से एक कठोर और पारदर्शी ऑनलाइन तीन चरणीय प्रक्रिया के माध्यम से चुना गया था।

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