सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
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दिव्यांग लोगों को प्रोत्साहन

प्रविष्टि तिथि: 07 DEC 2023 4:22PM by PIB Delhi

एमएसएमई मंत्रालय, अपनी विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों और नीतिगत पहलों के माध्यम से, छत्तीसगढ़ राज्य सहित देश में दिव्यांग लोगों के स्वामित्व वाले उद्यमों सहित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रोत्साहित करता है। एमएसएमई मंत्रालय की योजनाओं/कार्यक्रमों में अन्य बातों के साथ-साथ प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना, सूक्ष्म और लघु उद्यम-क्लस्टर विकास कार्यक्रम (एमएसई-सीडीपी), उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम (ईएसडीपी), खरीद और विपणन सहायता योजना (पीएमएसएस), अंतर्राष्ट्रीय सहयोग योजना, टूल रूम, प्रौद्योगिकी केंद्र प्रणाली कार्यक्रम, राष्ट्रीय एससी/एसटी हब (एनएसएसएच), एमएसएमई चैंपियंस आदि शामिल हैं। इसके अलावा, एमएसएमई मंत्रालय ने 17.09.2023 को 'पीएम विश्वकर्मा' योजना शुरू की। इस योजना के तहत शामिल 18 व्यवसायों में लगे अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को लाभ प्रदान किया जाता है।

एमएसएमई मंत्रालय की राष्ट्रीय पुरस्कार योजना के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, 'दिव्यांग' श्रेणी से संबंधित उद्यमियों को रुपये के नकद पुरस्कार के साथ 2 राष्ट्रीय पुरस्कार का प्रावधान है, जिसमें ट्रॉफी और प्रमाणपत्र के साथ प्रत्येक को 3 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, खरीद और विपणन सहायता योजना के तहत सूक्ष्म और लघु उद्यमों को घरेलू व्यापार मेलों में भाग लेने के लिए न्यूनतम आकार वाले स्टॉल के लिये शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों की स्वामित्व वाली इकाइयों को भुगतान किए गए किराए पर शत-प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाती है।

पीएमईजीपी के तहत, सामान्य श्रेणी के लाभार्थी परियोजना लागत के 10 प्रतिशत योगदान के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में परियोजना लागत का 25 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं, जबकि दिव्यांग लाभार्थियों के लिए यह मार्जिन धन सब्सिडी ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 25 प्रतिशत है और ऐसे लाभार्थियों को परियोजना लागत का 5 प्रतिशत योगदान देना होता है। एमएसएमई मंत्रालय दिव्यांग लोगों द्वारा चलाए जा रहे उद्यमों से जुटाये गये राजस्व पर कोई राज्य/जिला/उद्योग-वार डेटा नहीं रखता है।

यह जानकारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा ने लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

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एमजी/एआर/आरपी/आईपीएस/एसके


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