वित्‍त मंत्रालय
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सरकार ने केन्द्रीय बजट 2023-24 में की गई घोषणा के अनुसार लंबित अनुबंधात्मक विवादों के प्रभावी निपटान के लिये एकबारगी निपटान योजना ‘विवाद से विश्वास-दो’ शुरू की


योजना के तहत दावों को सौंपने की अंतिम तिथि 31.10.2023 है 02 अगस्त 2023

प्रविष्टि तिथि: 02 AUG 2023 4:52PM by PIB Delhi

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सरकार और सरकारी उपक्रमों के लंबित अनुबंधात्मक विवादों के प्रभावी निपटान के लिये ‘‘विवाद से विश्वास दो-(अनुबंधात्मक विवाद) योजना शुरू कर दी है। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने इस योजना की घोषणा 2023-24 के केन्द्रीय बजट में की थी।

केन्द्रीय वित्त और कार्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने केन्द्रीय बजट भाषण के 67वें पैरा में घोषणा की थी - ‘‘सरकार और सरकारी उपक्रमों के ऐसे संविदात्मक विवादों के निपटारे के लिये जिनमें मध्यस्थता निर्णय को अदालत में चुनौती दी गई है, मानकीकृत शर्तों के साथ एक स्वैच्छिक निपटान योजना पेश की जायेगी। यह कार्य विवादों के लंबित स्तर को देखते हुये श्रेणीबद्ध निपटान शर्तों की पेशकश के साथ किया जायेगा।’’

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 29.05.2023 को एक आदेश जारी किया जिसमें योजना के बारे में विस्तृत दिशानिर्देश दिये गये हैं। योजना के तहत दावों को सौंपने की अंतिम तिथि 31.10.2023 है।

नीचे दिये गये मानदंडों को पूरा करने वाले मामले ही योजना के तहत निपटान के योग्य होंगे।

 

विवाद की स्थिति

निर्णय निम्न तिथियों तक जारी किया गया होना चाहिये

मध्यस्थता निर्णय पारित

31.01.2023

न्यायलय निर्णय पारित

30.04.2023

 

योजना सभी घरेलू अनुबंधात्मक विवादों पर लागू होगी जिनमें एक पक्ष या तो भारत सरकार हो अथवा उसके नियंत्रण में काम करने वाला संगठन हो।

योजना के तहत, 30.04.2023 को अथवा उससे पहले दिये गये न्यायालय निर्णय के मामले में ठेकेदार को अदालत के फैसले/सही ठहराई गई राशि का 85 प्रतिशत तक निपटान राशि के तौर पर पेशकश की जायेगी।

योजना में 31.01.2023 को अथवा इससे पहले दिये गये मध्यस्थता निर्णय में मंजूर राशि का 65 प्रतिशत तक निपटान राशि के तौर पर पेशकश की जायेगी।

योजना के क्रियान्वयन के लिये सरकारी ई-मार्किटप्लेस (जीईएम) ने समर्पित वेब-पेज तैयार किया है। जो भी योग्य दावे होंगे उन्हें केवल जीईएम के जरिये ही देखा जायेगा। रेल मंत्रालय के गैर-जीईएम अनुबंधों के लिये ठेकेदार अपने दावे आईआरईपीएस  (www.ireps.gov.inपर पंजीकृत कर सकते हैं।

योजना का ब्यौरा व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

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एमजी/एमएस/आरपी/एमएस/एजे


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