ग्रामीण विकास मंत्रालय
केंद्र शासित क्षेत्र चंडीगढ़ ने 3 गांवों में भू आधार का किया आरंभ
भूमि संसाधन विभाग, भारत सरकार राज्य/ केंद्र शासित सरकारों के माध्यम से डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम लागू कर रही है
प्रविष्टि तिथि:
15 JUN 2023 8:30PM by PIB Delhi
भूमि संसाधन विभाग, भारत सरकार राज्य/ केंद्र शासित सरकारों के माध्यम से डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआईएलआरएमपी) विशेष रूप से भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण में तेजी लाने के लिए लिखित और स्थानिक दोनों को सुविधाजनक बनाने के लिए नागरिकों को भूमि संबंधी जानकारी को लागू कर रहा है।
डीआईएलआरएमपी के तहत विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या (यूएलपीआईएन) या भू आधार प्रणाली विकसित करने के लिए भूमि पार्सल को विशिष्ट रूप से 26 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया गया है - आंध्र प्रदेश, झारखंड, गोवा, बिहार, ओडिशा, सिक्किम, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, जम्मू और कश्मीर, असम, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, तमिलनाडु, पंजाब, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, केरल और लद्दाख।
बीएचयू-आधार (यूएलपीआईएन) एक 14 अंकों की अल्फा न्यूमेरिक नंबर प्रणाली है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों की है। भू-संदर्भ भू-आधार के उत्पादन के लिए एक पूर्व शर्त है। चंडीगढ़ ने 7 जून 2023 को तीन गांवों - दरिया, खुदा जसू और रायपुर खुर्द के भूखंड़ों का जियो रैफ्रेंसिंग कर उनका यूनिक आई डी अर्थात भू आधार जेनेरेट कर भू आधार का आरंभ किया है, अब उनका विवरण भू-नक्शा पोर्टल उपलब्ध है। http://revenue.chd.gov.in:8080/bhunakshaweb3/ भू आधार भूमि पार्सल की पहचान करने, हितधारकों के बीच भूमि पार्सल/रिकाॅर्ड की जानकारी साझा करना, भूमि संबंधी विवादों में कमी लाने में काफी मददगार साबति होगा। चंडीगढ़ सहित अब तक 27 राज्यों एवं केंद्र शासित क्षेत्रों में भू आधार प्रारंभ हो चुका है।
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सु. सिं.
(रिलीज़ आईडी: 1932868)
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