पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय

जेएनपीए ने वैश्विक मान्यता हासिल करने और हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं: श्री सर्बानंद सोनोवाल


केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण की 34वीं वर्षगांठ और वार्षिक पुरस्कार कार्यक्रम में भाग लिया

Posted On: 25 MAY 2023 9:44PM by PIB Delhi

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज मुंबई में कहा, "जेएनपीए ने वैश्विक मान्यता हासिल करने और हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं।" वह आज मुंबई में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (जेएनपीए) की 34वीं वर्षगांठ और वार्षिक पुरस्कार कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर महाराष्ट्र के पोत परिवहन मंत्री श्री दादा भोस, जेएनपीए के अध्यक्ष श्री संजय सेठी और जेएनपीए के उपाध्यक्ष श्री उमेश वाघ भी उपस्थित थे।

पत्तन के लिए भविष्य के रोडमैप की ओर इशारा करते हुए, श्री सोनोवाल ने कहा, “निकट भविष्य में, पत्तन की कुल कंटेनर हैंडलिंग क्षमता 10.4 मिलियन टीईयू तक पहुंच जाएगी, यह एक उपलब्धि है जो अन्य सभी प्रमुख पत्तन के लिए कड़ी मेहनत करने और सफलता हासिल करने के लिए एक महान उदाहरण स्थापित करेगी।”

बंदरगाहों के महत्व का उल्लेख करते हुए, श्री सोनोवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और गतिशील नेतृत्व में, भारत 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। बंदरगाह भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और जेएनपीए ने इसमें प्रमुख भूमिका निभाई है।"

जेएनपीए से प्रयासों को जारी रखने का आग्रह करते हुए, श्री सोनोवाल ने कहा, “इतने साहस के साथ इस लंबी यात्रा के बाद, मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे अपनी कीमती उपलब्धियों के बारे में आत्मसंतुष्ट न हों। बंदरगाह क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, और मुझे विश्वास है कि जेएनपीए में आने वाले दिनों में अधिक से अधिक ऊंचाइयों को छूते हुए आगे की चुनौतियों का सामना करने की ताकत और कौशल है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सरकार आपके संचालन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या को हल करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए श्री सोनोवाल ने कहा, “जेएनपीए ने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए गति शक्ति और सागरमाला कार्यक्रमों में सफलतापूर्वक भाग लिया है, जिसके परिणामस्वरूप कनेक्टिविटी बढ़ी है। इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे साथ ही उद्यमशीलता को बढ़ावा मिलेगा और तटीय समुदाय को बहुत लाभ होगा। अगले एक साल में जेएनपीए को पूरी तरह से स्मार्ट पोर्ट बनाना मंत्रालय का लक्ष्य है। एक पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली इसे बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनाएगी। जेएनपीए का आधुनिकीकरण किया जाएगा ताकि वह दुनिया के शीर्ष बंदरगाहों के साथ प्रतिस्पर्धा करना जारी रख सके। मैं आपसे जेएनपीए का समर्थन जारी रखने का अनुरोध करता हूं क्योंकि आपने हमेशा इसका समर्थन किया है।

जेएनपीए के बारे में

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (जेएनपीए), भारत का सबसे बड़ा राज्य-संचालित कंटेनर पोर्ट है, जो 26 मई को संचालन के 34 साल पूरे कर लेगा। हाल ही में विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के बाद उत्साह के बीच है, जिसने इसे वैश्विक बंदरगाहों में सबसे आगे बताया है।

जेएनपीए  उत्कृष्टता के प्रतीक के रूप में उभरा है। यह अपने अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, उन्नत प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और ग्राहक संतुष्टि के लिए 34 वर्षों की अटूट प्रतिबद्धता के साथ समुद्री परिदृश्य में क्रांति ला रहा है। यह भारत में सबसे विकसित और पसंदीदा बंदरगाहों में से एक बन गया है। यह क्षेत्र बड़ी मात्रा में कार्गो को संभालता है और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।

यह बंदरगाह, मुंबई के पास न्हावा शेवा पर स्थित है जो मूल रूप से दशकों पुराने मुंबई बंदरगाह के पास और भारत की वित्तीय राजधानी के केंद्र में भीड़ को कम करने के लिए बनाया गया था।

दो सबसे नए बंदरगाहों में से एक, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट का उत्थान अद्भुत है। यह भारत के आधे से अधिक समुद्री कंटेनर की मात्रा को संभालता है। दुनिया के तीन प्रमुख कंटेनर टर्मिनल ऑपरेटर - पीएसए इंटरनेशनल, डीपी वर्ल्ड और एपीएम टर्मिनल – इस पोर्ट पर सुविधाएं प्रदान करते हैं, जो कि किसी भी अन्य भारतीय बंदरगाहों पर मिलने वाली सुविधाओं के मुकाबले बेजोड़ है। विभिन्न प्रकार के कार्गो को ले जाने वाले स्टील कंटेनरों को लोड और अनलोड करने के लिए दुनिया की शीर्ष कंटेनर शिपिंग लाइनों की सुविधा बंदरगाह पर उपलब्ध है।

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