वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

एपीडा ने वैश्विक पोषक अनाज (श्री अन्न) सम्मेलन का आयोजन किया


सम्मेलन का लक्ष्य मोटे अनाजों के निर्यात को प्रोत्साहित करना और उत्पादकों के लिए बाजार से संपर्क बढ़ाना है

भारत खाद्य और पोषण संबंधी सुरक्षा के साथ विश्व का पोषण कर रहा है

Posted On: 18 MAR 2023 2:24PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत, भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने भारत से मोटे अनाजों के निर्यात को प्रोत्साहित करने और उत्पादकों के लिए बाजार से संपर्क बढ़ाने के लिए आज नई दिल्ली के पूसा रोड़ स्थित एनएएससी परिसर के सुब्रमण्यम हॉल में वैश्विक पोषक अनाज (श्री अन्न) सम्मेलन का आयोजन किया।

देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 100 भारतीय मोटे अनाज प्रदर्शकों और संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, जर्मनी, वियतनाम, जापान, केन्या, मलावी, भूटान, इटली और मलेशिया जैसे विभिन्न देशों के लगभग 100 अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों को सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। यह सम्मेलन सहभागियों के बीच व्यापार और नेटवर्किंग के लिए एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। एपीडा ने 30 संभावित मोटे अनाज आयातक देशों से अनुरोध किया कि वे इस सम्मेलन में अपने प्रमुख खरीदारों को प्रदर्शनी देखने और मोटे अनाज के अनूठे उत्पादों के 100 प्रदर्शकों के स्टालों की अवलोकन करने के लिए भेजें। इसके अलावा, प्रदर्शनी क्षेत्र में विभिन्न श्रेणियों के तहत सभी मोटे अनाज प्रदर्शकों का विवरण डिजिटल रूप से प्रदर्शित किया गया है, जिसके माध्यम से आयातक भारतीय मोटे अनाज उत्पादकों की इस सूची से सीधे मोटे अनाज सोर्स कर सकते हैं। वर्चुअल व्यापार मेला (वीटीएफ) पूरे वर्ष 24 घंटे प्रचालनगत रहता है। जिसमें प्रदर्शक और क्रेता वीटीएफ में प्रदर्शित उत्पादों के आधार पर परस्पर बातचीत कर सकते हैं।

इस सम्मेलन में मुख्य भाषण और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुतियाँ सहित सूचनापरक सत्रों की एक श्रृंखला भी शामिल होगी। ये सत्र मोटे अनाजों और इसके मूल्य वर्धित उत्पादों, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात क्षमता के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे और प्रदर्शकों तथा क्रेताओं दोनों के लिए बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान करेंगे।

इस कार्यक्रम से मोटे अनाज उद्योग पर उल्लेखनीय प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, जिससे वैश्विक बाजार में इसकी वृद्धि और विकास को और बढ़ावा मिलेगा। एपीडा द्वारा आयोजित सम्मेलन ने मोटे अनाज और इसके मूल्य वर्धित उत्पादों के प्रत्यक्ष विपणन और निर्यात अवसरों का पता लगाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय खरीदारों, निर्यातकों, प्रगतिशील उत्पादकों, मोटे अनाजों के एफपीओ के बीच बी2बी बैठकों के लिए एक मंच उपलब्ध कराया।

वर्ष 2021-22 में भारत का मोटे अनाजों का निर्यात 64 मिलियन डॉलर है। अप्रैल-दिसंबर 2023 की अवधि में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में मोटे अनाजों के निर्यात में 12.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मोटे अनाजों के निर्यात में पिछले दशक में उल्लेखनीय बदलाव देखा गया है। 2011-12 में प्रमुख आयातक देश अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, बेल्जियम आदि थे, जिनकी जगह 2021-22 में नेपाल (6.09 मिलियन डॉलर), संयुक्त अरब अमीरात (4.84 मिलियन डॉलर) और सऊदी अरब (3.84 मिलियन डॉलर) ने ले ली थी। केन्या, पाकिस्तान भी पिछले एक दशक में भारत के संभावित आयात गंतव्यों में शामिल थे। भारत के मोटे अनाजों के निर्यात की वर्तमान शीर्ष दस की सूची में अन्य सात गंतव्य देश लीबिया, ट्यूनीशिया, मोरक्को, ब्रिटेन, यमन, ओमान और अल्जीरिया हैं। भारत विश्व भर के 139 देशों को मोटे अनाज निर्यात कर रहा है। भारतीय मोटे अनाजों के मूल्य वर्धित उत्पादों का निर्यात भी विश्व भर में विस्तारित है।

आज भारत के पास मोटे अनाजों और इसके मूल्य वर्धित उत्पादों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख देश के रूप में विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता है। देश के कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के अधिदेश के साथ अग्रिम मोर्चे पर स्थित एपीडा ने इन अनूठे उत्पादों को पोषक मोटे अनाज के बास्केट से चुना है और इन्हें वैश्विक पोषक अनाज क्रांति लाने के लक्ष्य के साथ वैश्विक बाजार में प्रदर्शित किया है। एपीडा ने एफएओ द्वारा रोम, इटली में अपने मुख्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष 2023 के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और मोटे अनाजों की विभिन्न किस्मों और मूल्य वर्धित मोटे अनाज उत्पादों को प्रदर्शित किया। एपीडा ने जकार्ता, मेदान, नेपाल, ब्रुसेल्स, बेल्जियम में मोटे अनाजों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन किया। इसके अतिरिक्त, मलेशिया, ईयू, यूएई, मलेशिया, जापान और अल्जीरिया के साथ वर्चुअल क्रेता विक्रेता बैठक का आयोजन किया गया।

गल्फूड 2023 के दौरान एक विशिष्ट मोटा अनाज गैलरी स्थापित की गई, जिसमें स्टार्ट अप, नए उद्यमियों, एफपीओ, निर्यातकों, महिला उद्यमियों ने विश्व भर में आयातकों और 125 देशों के 5000 सहभागी कंपनियों के समक्ष भारतीय मोटे अनाजों और इसके मूल्य वर्धित उत्पादों का व्यापक प्रचार करने के लिए अपने मोटे अनाज उत्पादों को प्रदर्शित किया।

एपीडा ने विदेशों में भारतीय मिशनों के सहयोग से गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान भारतीय मोटे अनाजों को बढ़ावा दिया। मोटे अनाज उत्पादों को विभिन्न स्टार्ट अप से प्राप्त किया गया और गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान प्रचार के लिए दोहा, कतर, इटली, उज्बेकिस्तान, बहरीन, मलेशिया, रूस, टोक्यो, इंडोनेशिया, कोरिया गणराज्य, सऊदी अरब, पर्थ, डेनमार्क, अर्जेंटीना, मिस्र कनाडा, ग्वाटेमाला, अल्जीरिया और चीन जैसे विभिन्न देशों में भारत के दूतावासों को भेजा गया।

एपीडा ने वैश्विक पहुंच को व्यापक बनाने के लिए भारी प्रयासों के साथ 2025 तक 100 मिलियन डॉलर के लक्ष्य को अर्जित करने के लिए मोटे अनाज और इसके मूल्य वर्धित उत्पादों के साथ वैश्विक बास्केट को विस्तारित करने के लिए एक मजबूत कार्यनीति बनाई है। भारत पौष्टिक रूप से समृद्ध भारतीय मोटे अनाजों के एक बास्केट जिसे वैश्विक बाजार में श्री अन्न के नाम से जाना जाता है, अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष 2023 में आगे बढ़ रहा है।

भारत नवोन्मेषी मूल्य वर्धित उत्पादों की एक श्रृंखला के साथ पौष्टिक मोटा अनाज बास्केट के रूप में फल-फूल रहा है। एपीडा ने मोटे अनाज के उत्पाद भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान और संबंधित राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के सहयोग से मोटा अनाज आधारित मूल्यवर्धित उत्पादों, रेडी टू इट, रेडी टू कुक और रेडी टू सर्व उत्पादों, सभी आयु समूहों के लिए उपयुक्त पौष्टिक भोजन के रूप में सरल भोजन समाधान की एक श्रृंखला तैयार करने के लिए 200 से अधिक स्टार्ट-अप को विकसित किया है।

भारत मोटे अनाजों का सबसे बड़ा उत्पादक है। राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि जैसे प्रमुख मोटा अनाज उगाने वाले राज्यों में उत्पादित मोटे अनाजों की एक व्यापक श्रृंखला से देश समृद्ध है। भारत ने 17.96 मिलियन मीट्रिक टन (एमटी) मोटे अनाजों का उत्पादन किया। भारत में उगाए जाने वाले मोटे अनाजों में पर्ल मिलेट, ज्वार, फिंगर मिलेट और प्रोसो मिलेट, कोदो मिलेट, छोटा मिलेट, कंगनी मिलेट, ब्राउनटॉप मिलेट, बार्नयार्ड मिलेट, चौलाई और बकवीट जैसे गौण मोटे अनाज शामिल हैं। भारत सरकार भी अपने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के हिस्से के रूप में मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। इन कारकों के परिणामस्वरूप, आने वाले वर्षों में भारत में मोटे अनाजों का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।

जैसा कि हम आईवाईओएम 2023 में प्रगति कर रहे हैं, भारत मोटे अनाजों के मूल्य वर्धित उत्पादों की अद्वितीय किस्मों से समृद्ध है, जिसमें मिलेट पिज्जा बेस, मिलेट आइसक्रीम, आइसक्रीम कोन और कप, मिलेट केक और ब्राउनी, नाश्ते से संबंधित अनाज, पारंपरिक भारतीय डोसा, पोहा, उपमा, पास्ता, नूडल्स मिलेट मिल्क, चाय, खाने योग्य मिलेट चाय के कप जो  पर्यावरण के इतने अनुकूल हैं कि उन्हें या तो सीधे खाया जा सकता है या आहार/चारे के रूप में उपयोग किया जा सकता है, शामिल हैं।

इडली, डोसा, इडियप्पम, रोटी, पुट्टू, उपमा, दलिया, चपाती, पैनकेक, वर्मीसेली उपमा, पास्ता, नूडल्स, मैकरोनी, सूजी/सूजी, मूसली, इंस्टेंट मिक्स नाश्ते की सामग्री के रूप में मुड्डे, हलवा, अधिरसम, केसरी, पौष्टिक गेंद, मिठाई के रूप में पायसम/खीर, वड़ा, पकौड़ा, मुरुक्कू, भेलपुरी, बोली, पापड़, रेडी टू ईट मिक्स, फ्लेक्स, पफ, बाजरे के लड्डू, मोटे अनाज के रस्क स्नैक्स के रूप में और कुछ बेकरी उत्पाद जैसे ब्रेड, केक, कुकीज, सूप स्टिक, खाद्य बिस्किट कप, हेल्थ बार, स्प्रेड, मफिन, आदि जैसे मोटे अनाज के साथ बहुत सारे मूल्यवर्धित उत्पाद बनाए गए हैं। बीयर, सूप, माल्टेड बाजरा आधारित पेय, अंकुरित रागी ड्रिंक मिक्स, मल्टीग्रेन ड्रिंक मिक्स, रेडी टू ड्रिंक पेय जैसे पेय पदार्थ मोटे अनाजों के साथ भी बनाये गये हैं। इनके अतिरिक्त, मोटे अनाजों से बने कुछ अन्य खाद्य पदार्थों में बिरयानी, वीनिंग फूड/शिशु आहार, चाट मिक्स आदि शामिल हैं।

एपीडा ने विश्व को भारत द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले पौष्टिक मोटे अनाजों को प्रदर्शित किया है। मोटे अनाजों के प्रचार-प्रसार की यात्रा ने मोटे अनाजों के निर्यात में तेजी प्रदर्शित करते हुए सकारात्मक प्रभाव डाला है। भारत को मोटे अनाजों के प्रमुख उत्पादक से अग्रणी निर्यातक देश के रूप में ले जाने, देश भर में लाखों भारतीय किसानों के लिए एक समृद्ध भविष्य की दिशा में योगदान देने और खाद्य तथा पोषण संबंधी सुरक्षा अर्जित करने के लिए मूल्यवान योगदान देने की पूरी तैयारी की जा रही है। भारतीय मोटे अनाजों के गुणों को वैश्विक उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए यात्रा अभी आरंभ हुई है।

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