कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कल सुशासन दिवस के अवसर पर कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की प्रमुख पहलों/उपलब्धियों पर पुनर्निर्मित प्रोबिटी पोर्टल, ई-एचआरएमएस 2.0 पोर्टल और ई-पुस्तकें लॉन्च करेंगे


पुनर्निर्मित ई-एचआरएमएस 2.0 पोर्टल कर्मचारियों को डिजिटल मोड में निम्नलिखित सेवाएं प्रदान करेगा - स्थानांतरण (रोटेशन/पारस्परिक), प्रतिनियुक्ति, एपीएआर, आईपीआर,आईजीओटी प्रशिक्षण, सतर्कता स्थिति, प्रतिनियुक्ति अवसर, छुट्टी, दौरा, प्रतिपूर्ति आदि जैसी सेवा पुस्तिका और अन्य बुनियादी मानव संसाधन सेवाएं

कर्मयोगी भारत (एसपीवी) द्वारा आईटीओटी कर्मयोगी पोर्टल के मोबाइल ऐप के लॉन्च का लक्ष्य होगा- भारत के लिए व्यावसायिक, सुप्रशिक्षित और भविष्य के लिए तैयार सिविल सेवा सृजित करना

सरकारी कर्मचारियों के लिए पुनर्निर्मित प्रोबिटी पोर्टल से 'अखण्डता' और 'सत्यनिष्ठा' के साथ सार्वजनिक सेवा के प्रति सही दृष्टिकोण रखे जाने की अपेक्षा होगी

78 मास्टर परिपत्रों के संकलन से सुगमता और सुविधा को बढ़ावा मिलने तथा उपयोगकर्ता विभागों को उनके मानव संसाधन मुद्दों को शीघ्रता से निपटाने में मदद प्राप्त होने की उम्मीद है

Posted On: 24 DEC 2022 3:14PM by PIB Delhi

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कल नई दिल्ली के सीएसओआई सभागार में सुशासन दिवस के अवसर पर कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की प्रमुख पहलों/उपलब्धियों पर पुनर्निर्मित प्रोबिटी पोर्टल, ई-एचआरएमएस 2.0 पोर्टल और ई-पुस्तकों का विमोचन करेंगे।

19 दिसंबर को "प्रशासन गांव की ओर" अभियान के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ के साथ, 19 से 25 दिसंबर 2022 तक सुशासन सप्ताह समारोह का उद्घाटन करने के बाद, सुशासन दिवस पर हमारे दूरदर्शी पूर्व प्रधानमंत्रीभारत रत्नश्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती भी मनायी जाएगी।

सप्ताह भर चलने वाले समारोहों के समापन पर एक संदेश में, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, "समग्र सरकार दृष्टिकोण" और कुछ नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का विस्तार है, जब उन्होंने कहा, "मेरी सरकार आम लोगों के लिए काम कर रही है। हमारी प्राथमिकता देश के निर्धन व्यक्ति हैं। हम एक गतिशील और निर्बाधित सरकार के माध्यम से सुशासन चाहते हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह पुनर्निर्मित ई-एचआरएमएस 2.0 पोर्टल लॉन्च करेंगे, क्योंकि ई-एचआरएमएस के आरंभिक दोहराव का दायरा सीमित था, जहां कर्मचारी सीमित सेवाओं का  ही लाभ उठा सकते थे और यह अन्य एचआर ऐप्स से जुड़ा नहीं था। इसके परिणामस्वरूप, कर्मचारी डिजिटल सेवा प्रदायगियों और सरकार के एचआर ऐप्स तथा पहलों के साथ निर्बाधित कनेक्शन का पूरा लाभ प्राप्त करने में अक्षम थे।

पुनिर्निर्मित ई-एचआरएमएस 2.0 पोर्टल कर्मचारियों को डिजिटल मोड में निम्नलिखित सेवाएं प्रदान करेगा - स्थानांतरण (रोटेशन/पारस्परिक), प्रतिनियुक्ति, एपीएआर, आईपीआर,आईजीओटी प्रशिक्षण, सतर्कता स्थिति, प्रतिनियुक्ति के अवसर, सेवा पुस्तिका और छुट्टी, दौरा, प्रतिपूर्ति आदि जैसी अन्य बुनियादी मानव संसाधन सेवाएं।

पुनिर्निर्मित ई-एचआरएमएस 2.0 भारत सरकार की मानव संसाधन सेवाएं प्रदान करने के लिए पहली संपूर्ण डिजिटल प्रणाली है। वर्तमान में, भारत में कोई अन्य सरकारी सेवा संवर्ग प्रणाली अपनी पहुंच और ऐप्स में उतनी उन्नत नहीं है जितनी कि पुनर्निर्मित ई-एचआरएमएस 2.0 है। इस प्रणाली के लॉन्च के साथ, कार्मिक और प्रशिक्षण विभागमानव संसाधन सेवाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण की ओर बढ़ जाएगा। पुनिर्निर्मित ई-एचआरएमएस 2.0 कई हजार मानव-घंटों और कई टन प्रिंटिंग पेपर की बचत करेगा। यह कर्मचारियों की संतुष्टि में सुधार लाने, एचआर कार्य करने/प्रसंस्करण में सुगमता को बढ़ावा देने और प्रशासनिक कामकाज में उत्पादकता तथा पारदर्शिता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डॉ. सिंह भारत के लिए व्यावसायिक, सुप्रशिक्षित और भविष्य के लिए तैयार सिविल सेवा का निर्माण करने के उद्देश्य से कर्मयोगी भारत (एसपीवी) द्वारा आईजीओटीकर्मयोगी पोर्टल का मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च करेंगे। उल्लेखनीय है कि मिशन कर्मयोगी सरकार द्वारा लॉन्च किया गया था। आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म की परिकल्पना एक लोकतांत्रिक, योग्यता संचालित समाधान स्थान के रूप में की गई है, जिसका उपयोग सभी सरकारें अपनी निष्पादन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कर सकती हैं।

इसी विजन के साथ एक आईजीओटी कर्मयोगी मोबाइल ऐप लॉन्च किया जा रहा है। ऐप और प्लेटफॉर्म सभी सरकारी कर्मचारियों को कई स्तरों पर उनके डोमेन क्षेत्रों के आधार पर निरंतर प्रशिक्षण से गुजरने में सक्षम बनाएगा। यह ऐप और प्लेटफॉर्म लगभग 2 करोड़ उपयोगकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए किसी भी समय, कहीं भी, किसी भी डिवाइस से प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करेगा, जो अब तक पारंपरिक उपायों के माध्यम से प्राप्त नहीं किया जा सकता था। इस ऐप पर, शिक्षार्थी निम्नलिखित सुविधा प्राप्त कर सकते हैं:

  • किसी भी समय, कहीं भी, किसी भी डिवाइस पर सीख (ऑफ़लाइन भी) सकते हैं
  • अपनी आवश्यकताओं के लिए विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रमों के साथ खुद को कौशल युक्त कर सकते हैं
  • शीर्ष संस्थानों और विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष रूप से सीख सकते हैं
  • प्रमाणपत्र अर्जित कर सकते हैं और अपने प्रोफ़ाइल को समृद्ध बना सकते हैं
  • उभरती प्रौद्योगिकी, नीति आदि के साथ अद्यतन बने रह सकते हैं।
  • अपने अंतरालों और आवश्यकताओं की पहचान कर सकते हैं तथा कौशलों, दृष्टिकोण और ज्ञान को उन्नत कर सकते हैं

आईगॉट-कर्मयोगी प्लेटफॉर्म ऐप को गूगल प्ले स्टोर से या नीचे दिए गए लिंक

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.igot.karmayogibharat का उपयोग करके डाउनलोड किया जा सकता है।

डॉ. जितेंद्र सिंह सुशासन दिवस पर निम्नलिखित पोर्टल और ई-पुस्तकों के संकलन को भी लॉन्च करेंगे:

पुनर्निर्मित प्रोबिटी पोर्टल- 2017 में, एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल (https://probity-dopt.nic.in) को निम्नलिखित मदों के संबंध में सभी मंत्रालयों/विभागों/स्वायत्त संगठनों/सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से डेटा प्राप्त करने के लिए कार्यशील बनाया गया था;

  1. एफआर 56(जे)/इसी तरह के प्रावधानों के तहत समीक्षा
  2. अभियोजन की मंजूरी के लिए लंबित मामलों की संख्या
  3. चक्रीय स्थानांतरण नीति का कार्यान्वयन - संवेदनशील पदों की पहचान एवं 3 वर्ष से अधिक समय से धारित संवेदनशील पदों की संख्या
  4. प्रमुख और गौणआर्थिक दण्डात्मक अनुशासनात्मक कार्यवाही की संख्या
  5. समूह 'बी' (अराजपत्रित) / समूह पदों के लिए साक्षात्कार समाप्त करना।

 

कार्मिक और प्रशिक्षण विभागने उपयोगकर्ता के अनुभव में और सुधार लानेतथा नए डाटा बिंदुओं/मानदण्डों पर डाटा संग्रहित करने के लिए पोर्टल को इष्टतम बनाने के लिए और अधिक कार्यात्मताएं जोड़ेने के लिए विद्यमान प्रोबिटी पोर्टल को पूरी तरह से नया रूप दिया है जो विभिन्न मॉड्यूल पर व्यापक रिपोर्ट तैयार करने में सहायता करेगा। सभी उपयोगकर्ता विभाग मासिक आधार पर अद्यतन डेटा प्रस्तुत करने का कार्य करेंगे, जो प्रोबिटी पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा।

नया और पुर्निर्मित प्रोबिटी पोर्टल और इस तरह के प्लेटफॉर्म का उपयोग करके वास्तविक समय सूचना प्राप्त करने से यह स्पष्ट संकेत जाएगा कि सरकारी कर्मचारियों के 'गैर-निष्पादन' और 'अक्षमता' को सहन नहीं किया जाएगा और 'ईमानदारी' तथा 'सत्यनिष्ठा' के साथ सार्वजनिक सेवा की दिशा में सही रवैया की प्रत्येक सरकारी कर्मचारी से अपेक्षा की जाती है।

निर्देशों के एकीकरण पर ई-पुस्तक - विभिन्न कार्यालय ज्ञापनों और परिपत्रों के रूप में सरकार के निर्देश कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध थे, लेकिन सरकारी अधिकारियों, विभागों, उपयोगकर्ताओं और इच्छुक नागरिकों के लिए मानव संसाधन/सेवा/पेंशन/प्रशिक्षण संबंधी मामलों पर सरकारी निर्देशों का नवीनतम और अद्यतन संस्करण की सुविधा प्राप्त कर पाना एक चुनौती हुआ करती थी।

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने सेवा के विभिन्न पहलुओं से संबंधित समय-समय पर जारी निर्देशों के एकीकरण का व्यापक अभ्यास किया है और उन्हें सहजता से सुलभ होने वाला बनाया है। तदनुसार, 11 प्रमुख शीर्षों (और संगत उप-शीर्षों) के तहत, 78 मास्टर परिपत्र उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें वास्तविक समय के आधार पर अपडेट किया जाएगा और इसे बुद्धिमत्तापूर्ण सर्च इंजनों के माध्यम से आसानी से सर्च किया जा सकेगा। मास्टर परिपत्र कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की वेबसाइट https://dopt.gov.in के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। भविष्य में, सभी मास्टर परिपत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किए जाएंगे। 78 मास्टर परिपत्रों के इस संकलन से सहजता और सुविधा को बढ़ावा देने तथा उपयोगकर्ता विभागों को उनके मानव संसाधन मुद्दों को शीघ्रता से निपटाने में सहायता मिलने की अपेक्षा है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने अन्य मंत्रालयों/विभागों के मानव संसाधन संदर्भों पर निर्णय लेने में तेजी लाने की दृष्टि से उपयोगकर्ता विभागों से सभी संदर्भ केवल डिजिटल मोड में प्राप्त करने का निर्णय किया है।

2014 से कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख सुधारों और उपलब्धियों पर ई-बुक - भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और हमने अमृतकाल में प्रवेश किया है, जो भारत @100 के लिए 25 साल की तैयारी है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को एक मार्गदर्शक विजन प्रदान किया है जिसके लिए शासन के हर पहलू में क्रांतिकारी सुधारों की आवश्यकता है।

2014 से 2022 तक कार्मिक एवं प्रशिक्षम विभाग के प्रमुख सुधारों और उपलब्धियों को संकलित करने वाली एक ई-पुस्तक तैयार की गई है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा पहले से लागू किए गए सुधारों में निम्नलिखित शामिल हैं:

 

  • दिनांक 22.10.2022 एवं 22.11.2022 को आयोजित रोजगार मेले में 1.47 लाख से अधिक नियुक्ति पत्रों का वितरण।
  • केंद्र सरकार में युवा आईएएस अधिकारियों के लिए सहायक सचिव प्रतिनियुक्ति कार्यक्रम का शुभारंभ।
  • सरकारी सेवा में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण का विस्तार।
  • भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ बनाने के लिए साक्षात्कार को समाप्त करना।
  • नागरिकों में विश्वास बढ़ाने के लिए दस्तावेजों का स्व-सत्यापन शुरू किया गया।
  • कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा प्रक्रिया में सुधार।
  • सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर प्रदान करने के लिए ओबीसी के लिए क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाई गई।
  • शिशु देखभाल के लिए दिव्यांग महिला कर्मचारियों के लिए विशेष भत्ता।
  • कर्मचारियों के दिव्यांग बच्चों के लिए बाल शिक्षा भत्ता दोगुना किया गया।
  • ईडब्ल्यूएस के लिए सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण शुरू किया गया।
  • महिला कर्मचारियों के लिए शिशु देखभाल अवकाश हेतु उदारीकृत व्यवस्था।
  • महिला कर्मचारियों के लिए विशेष मातृत्व अवकाश।
  • केंद्रीय और राज्य आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल और सेवा शर्तों के संबंध में नियम प्रदान करने के लिए आरटीआई अधिनियम को सुदृढ़ बनाया गया।
  • केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की नई पीठों की स्थापना।
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों को सुदृढ़ करना।
  • प्रशासनिक अधिकारियों के बीच जवाबदेही को बढ़ावा देना।
  • सरकारी कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन निष्पादन मूल्यांकन प्रणाली का कार्यान्वयन
  • प्रशासनिक सेवा क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (मिशन कर्मयोगी) - क्षमता निर्माण आयोग और कर्मयोगी भारत (एसपीवी) की स्थापना।
  • 'कर्मयोगी प्रारंभ' को लॉन्च करना-नव नियुक्त हुए अधिकारियों के लिएएक ऑनलाइन क्षमता निर्माण मॉड्यूल।
  • आईएसटीएम द्वारा एएसओ के लिए क्षमता से जुड़ा बुनियादी प्रशिक्षण कार्यक्रम।
  • केंद्रीय सचिवालय के 8000 से अधिक कर्मचारियों की एक बार में पदोन्नति।

केंद्रीय प्रशासनिक सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियम, 2021 पर एक पुस्तक- 01.01.2004 से पहले सेवा में शामिल होने वाले कर्मचारियों के पेंशन संबंधी सेवा मामले सीसीएस (पेंशन) नियमों के प्रावधानों के तहत शासित हैं। ये नियम उन कर्मचारियों पर लागू नहीं होते हैं जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आते हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के संबंध में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत लाभ से संबंधित सेवा मामलों को विनियमित करने के नियमों को 31.03.2021 को आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित किया गया था। अब विभाग ने इन नियमों पर एक पुस्तक प्रकाशित की है।

पेंशन संबंध निर्देशों के संग्रह पर पुस्तिका, अक्टूबर, 2022 - सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों / परिवार के सदस्यों को पेंशन लाभ का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशभोगियों के "जीवन को सहज" बनाने के लिए, पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने नियमों को सरल बनाया है तथा मंत्रालयों/विभागों, पेंशन संवितरण बैंकों आदि को दिशा-निर्देश जारी करता है।

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने 2 अक्टूबर, 2022 से 31 अक्टूबर 2022 के दौरान लंबित मामलों के निपटान के लिए प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा शुरू किए गए विशेष अभियान 2.0 के दौरान पेंशन नियमों की समीक्षा और सरलीकरण के लिए एक व्यापक अभियान चलाया और निर्देश जारी किए। विशेष अभियान के मापदंडों में सरलीकरण के लिए पहचाने गए नियमों/प्रक्रियाओं की संख्या शामिल है।

1 से 30 नवंबर, 2022 के दौरान पूरे भारत में राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) पर पुस्तिका - कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभागने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) फेस ऑथेंटिकेशन की एतिहासिक तकनीक पर विशेष जोर देने के साथ डीएलसी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 1 से 30 नवंबर, 2022 के दौरान केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया था जिससे कि पारदर्शिता और उपयोग में आसानी सुनिश्चित की जा सके।

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एमजी/एएम/एसकेजे/डीसी



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