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भारतीय मानक ब्यूरो ने शिक्षाविदों की सक्रिय भागीदारी के लिए तकनीकी संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

प्रविष्टि तिथि: 31 OCT 2022 7:38PM by PIB Delhi

 भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने आज 'बीआईएस मानकीकरण चेयर प्रोफेसर' की स्थापना के लिए आईआईटी कानपुर, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और एनआईटी राउरकेला के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

मानकों के नियमन में शिक्षाविदों की सक्रिय भागीदारी हासिल करने और भारतीय मानकों के शिक्षण को पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए, यह देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ संस्थागत संबंध बनाने की दिशा में एक पहल है। यह विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में शिक्षण, अनुसंधान और विकास में उत्कृष्टता और नेतृत्व को बढ़ावा देगा।

इस अवसर पर बीआईएस के महानिदेशक श्री प्रमोद कुमार तिवारी ने कहा कि यह एमओयू देश में मानकीकरण और अनुरूपता मूल्यांकन के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास, शिक्षण और प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करेगा। इसमें सिविल‚ विद्युत‚ यांत्रिक‚ रसायन‚ भूकंप इंजीनियरिंग‚ विकास और जल संसाधन प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं, अवसरंचना विकास, चिकित्सा जैव प्रौद्योगिकी और नैनो प्रौद्योगिकी, जैवप्रौद्योगिकी, जैव सामग्री आदि क्षेत्र पर फोकस रहेगा। एसोसिएशन मानकीकरण में युवाओं की भागीदारी को बढ़ाने का प्रयास करेगा जिससे उन्हें भविष्य के पेशेवर के तौर पर तैयार किया जा सके और गुणवत्ता की समझ बढ़ाई जा सके। ऐसा अनुमान लगाया गया है कि प्रौद्योगिकी-उन्मुख उत्पादों और सेवाओं के विकास को निर्बाध रूप से बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी नवाचार और मानकों का विकास आपस में जुड़ जाएगा।

आईआईटी कानपुर के रिसोर्सेज एंड एलुमिनी के डीन प्रोफेसर कांतेश बलानी, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के निदेशक प्रो. राजीव शेखर और एनआईटी राउरकेला के निदेशक प्रोफेसर के. उमामहेश्वर राव ने इस पहल को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई और सहयोग देने पर सहमति जताई।

 

एमजी/एएम/एएस


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