प्रविष्टि तिथि:
19 JUL 2022 6:09PM by PIB Delhi
भारत ने अनुसंधान एवं विकास यानी आरएंडडी के क्षेत्र में कैलेंडर वर्ष 2021 के दौरान 343.64 मिलियन अमरीकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई इक्विटी प्रवाह आकर्षित किया जो पिछले कैलेंडर वर्ष 2020 (यूएसडी 55.77 मिलियन) की तुलना में 516 फीसदी अधिक है। अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र में 100 फीसदी स्वचालित मार्ग के तहत लागू कानूनों/विनियमनों, सुरक्षा और अन्य शर्तों के अधीन एफडीआई की अनुमति है।
कैलेंडर वर्ष 2021 के दौरान आरएंडडी में एफडीआई इक्विटी प्राप्त करने वाले राज्यों में कर्नाटक है। इसके बाद तेलंगाना और हरियाणा का स्थान है। कैलेंडर वर्ष 2021 के दौरान निम्नलिखित राज्यों ने कैलेंडर वर्ष की तुलना में 250 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हासिल की। ये राज्य हैं: तेलंगाना, कर्नाटक, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु।
कैलेंडर वर्ष 2021 के दौरान आरएंडडी के क्षेत्र में सिंगापुर शीर्ष निवेश करने वाला देश है, जिसकी आरएंडडी में कुल एफडीआई इक्विटी की 40 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके बाद जर्मनी (35 फीसदी) और यूएसए (11 फीसदी) का स्थान है। इसके अलावा, जर्मनी, मॉरीशस, फ्रांस, सिंगापुर, ओमान और यूएसए जैसे कई देशों से एफडीआई इक्विटी इन्फ्लो में पिछले कैलेंडर वर्ष की तुलना में 200 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
डेमलर ट्रक इनोवेशन सेंटर कैलेंडर वर्ष 2021 के दौरान आरएंडडी मे कुल एफडीआई इक्विटी की 35 फीसदी हिस्सेदारी के साथ आरएंडडी में शीर्ष एफडीआई इक्विटी प्रवाह हासिल करने वाली कंपनी थी। इसके बाद अगले पायदान पर अराजेन लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड (34 फीसदी) और स्टेलिस बायोफार्मा प्राइवेट लिमिटेड (21 फीसदी) हैं।
ये रुझान एक मजबूत और प्रगतिशील अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र का संकेत देते हैं जो नवाचार को प्रोत्साहन देकर और उत्पादकता बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचाएगा, जिससे उच्च आर्थिक विकास होगा।
अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जो उच्च आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक स्थायी पूंजी का संचार करता है और अन्य लाभों के साथ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, रणनीतिक क्षेत्रों के विकास, अत्यधिक नवाचार, प्रतिस्पर्धा और रोजगार सृजन में योगदान देता है। त्वरित आर्थिक संवृद्धि और विकास के लिए घरेलू पूंजी, प्रौद्योगिकी और कौशल के पूरक के लिए आरएंडडी गहन एफडीआई आकर्षित करने व इसे प्रोत्साहन देने की दिशा सरकार निरंतर प्रयासरत है।
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