ग्रामीण विकास मंत्रालय
केंद्रीय टीमों ने तेलंगाना में मनरेगा की निगरानी के लिए दौरा किया
प्रविष्टि तिथि:
14 JUL 2022 8:16PM by PIB Delhi
तेलंगाना में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्यान्वयन की निगरानी के संबंध में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक केंद्रीय टीम को 9 जून 2022 से 12 जून 2022 तक प्रतिनियुक्त किया गया था। इस टीम ने तेलंगाना में मनरेगा के कार्यान्वयन के साथ कई अन्य मुद्दों का भी पता लगाया है।
केंद्रीय टीम ने अपने निरीक्षण में कई मुद्दों को रेखांकित किया है। इनमें अनुचित कार्य करना (खाद्यान्न सुखाने के प्लेटफार्म का निर्माण), लघु सिंचाई-टैंक कार्यों की गाद निकालने से संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन न करना, मैदानी क्षेत्रों में स्टैगर्ड खाइयों का कार्य करना, जबकि ऐसे कार्य मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में उपयोगी होते हैं, उच्च तकनीकी प्राधिकरण के अनुमोदन से बचने के लिए कार्यों का विभाजन और दिशानिर्देशों का अन्य प्रक्रियात्मक उल्लंघन शामिल हैं।
ऐसे कार्यान्वयन के मुद्दों और कमियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी नरेगा के कार्यान्वयन की गहन जांच करने के लिए और अधिक केंद्रीय टीमों को तैनात करने की जरूरत का अनुभव किया है। इससे तेलंगाना सरकार उस रिपोर्ट, जिसे केंद्रीय टीमें राज्य के और 15 जिलों को कवर करने के बाद तैयार करेगी, के आधार पर राज्य में इस योजना के कार्यान्वयन की प्रक्रिया में आवश्यक कार्यप्रणाली संबंधित सुधार कर सकेगी।
यह टीम निजामाबाद, पेद्दापल्ली, मेदक, सिद्दीपेट, सूर्यपेट, करीमनगर, नगरकुरनूल, निर्मल, जयशंकर भोपाल पल्ली, महबूबाबाद, संगारेड्डी, रंगारेड्डी, आदिलाबाद, राजन्ना सिरसिला और मुलुगु का दौरा करेगी। इस टीम में एक निदेशक/उप सचिव स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक इंजीनियर सहित 3 सदस्य शामिल होंगे।
हर एक टीम जिले के 2 प्रखंडों में 4-6 ग्राम पंचायत का दौरा करेगी। इसमें महात्मा गांधी नरेगा के तहत एमआई-टैंकों की गाद निकालने, स्टैगर्ड खाइयों, सड़क किनारे वृक्षारोपण और अन्य कार्यों को शामिल किया जाएगा। इस टीम के दौरे का मुख्य उद्देश्य योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की नियमित गतिविधियों में महात्मा गांधी नरेगा के कार्यान्वयन की निगरानी शामिल है। इस निगरानी का उद्देश्य कार्यप्रणाली में सुधार, अगर कोई हो, के लिए योजना के वास्तविक कार्यान्वयन की नमूना जांच करना है, जिससे योजना के दिशानिर्देशों व विचार और कार्यान्वयन में पारदर्शिता का ईमानदारी से अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
योजना प्रोटोकॉल और दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य की है। राज्यों को विभिन्न निगरानी तंत्र, जैसे कि राज्य मुख्यालय व कार्यक्रम अधिकारी, सामाजिक लेखा परीक्षा, लोकपाल आदि की ओर से निरीक्षण स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इन तंत्रों की विफलता चिंताजनक है।
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एमजी/एएम/एचकेपी
(रिलीज़ आईडी: 1841962)
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