सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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डॉ. एल. मुरुगन ने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया


महात्मा फुले जानते थे कि सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा हमारे तीव्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगेः केन्द्रीय मंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार महात्मा फुले के सपनों को पूरा करने के लिए अथक प्रयास कर रही हैः डॉ. एल. मुरुगन

प्रविष्टि तिथि: 12 APR 2022 9:48PM by PIB Delhi

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने महात्मा ज्योतिब फुले की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया।

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इस अवसर पर अपने विचारों को साझा करते हुए डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि महात्मा फुले सामाजिक न्याय के प्रतीक और देश के दलितों के लिए आशा का एक स्त्रोत थे। उन्होंने जीवनभर सामाजिक न्याय, सामाजिक समानता, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के लिए काम किया। डॉ. मुरुगन ने कहा सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता असाधारण थी। महात्मा फुले जानते थे कि ये कारक हमारे तीव्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे।   

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में यह सरकार महात्मा फुले के सपनों को पूरा करने के लिए अथक प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंच के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार के कामकाज के लिए एक मानक स्थापित किया है।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री सुश्री प्रतिमा भौमिक ने कहा कि महात्मा फुले हमारे असली राष्ट्रीय नायकों में से एक थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चीजें बदल रही हैं और लोग अब हमारे असली राष्ट्रीय नायकों के बारे में जान रहे हैं।

वरिष्ठ पत्रकार भाऊ तोरसेकर ने अपने संबोधन में महात्मा फुले के कामों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

माय होम इंडिया (एमएचआई) के संस्थापक श्री सुनील देवधर ने इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण दिया। महात्मा फुले के काम और समाज में सुधार लाने के लिए सभी बाधाओं के खिलाफ उनके संघर्ष को याद करते हुए श्री देवधर ने कहा महात्मा फुले ने चिल्ड्रन्स होम और नाइट स्कूल की दो अवधारणाएं दी। उन्होंने ही भारत का पहला अनाथालय शुरू किया था।

उत्तर पूर्वी क्षेत्र के लोगों की मदद करने और नागरिकों के बीच सामाजिक सद्भाव को प्रोत्साहित करने के लिए काम करने वाली संस्था माय होम इंडिया ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री अरुण हलदर, राष्ट्रीय विमुक्त, घुमंतू और अर्ध घुमंतू जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री दादा इदाते भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

एमएचआई दिल्ली-एनसीआर के अध्यक्ष श्री बलदेव सचदेवा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ इस कार्यक्रम का समापन हुआ।

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