भारी उद्योग मंत्रालय
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ऑटोमोबिल और ऑटो कंपोनेंट संबंधी उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन(पीएलआई) स्कीम पांच वर्ष की अवधि के लिए 74,850 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव आकर्षित करने में सफल रही है जबकि अनुमानित लक्ष्य 42,500 करोड़ रुपए के निवेश का ही था

इस पीएलआई स्कीम में कुल 95 आवेदकों को मंज़ूरी दी गई है “कंपोनेंट चैंपियन प्रोत्साहन स्कीम” के अंतर्गत 75 आवेदकों को मंजूरी दी गई है और “चैम्पियन ओईएम प्रोत्साहन स्कीम” के अंतर्गत 20 आवेदन पहले ही अनुमोदित किए जा चुके हैं

कंपोनेंट चैम्पियन प्रोत्साहन स्कीम के अंतर्गत अनुमोदित आवेदकों से 29,834 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव और चैम्पियन ओईएम प्रोत्साहन स्कीम के अंतर्गत अनुमोदित आवेदकों से 45,016 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव को देखते हुए दिलचस्पी के लिहाज से यह स्कीम अत्यन्त सफल रही है

ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए पीएलआई स्कीम के उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी उत्पादों की स्वदेशी आपूर्ति श्रृंखला में नए निवेश के लिए उद्योग को 18 प्रतिशत तक का प्रोत्साहन

ऑटोमोबिल और ऑटो कंपोनेंट संबंधी पीएलआई स्कीम (25,938 करोड़ रुपए) और एसीसी संबंधी पीएलआई (18,100 करोड़ रुपए) के साथ फेम स्कीम (10,000 करोड़ रुपए) से भारत पर्यावरण की दृष्टि से अधिक स्वच्छ, टिकाऊ, उन्नत और अधिक कुशल इलेक्ट्रिक वाहन प्रणाली को तेज़ी से अपना सकेगा।

माननीय प्रधानमंत्री जी के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को तीव्र गति मिलेगी।

Posted On: 15 MAR 2022 12:45PM by PIB Delhi

भारत में ऑटोमोबिल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए उत्पादन संबद्ध-प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम 74,850 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव आकर्षित करने में सफल रही है जबकि निवेश का अनुमानित लक्ष्य पांच वर्ष की अवधि के लिए 42,500 करोड़ रुपए ही था। 45,016 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव चैम्पियन ओईएम प्रोत्साहन स्कीम के अंतर्गत अनुमोदित आवेदकों से और 29,834 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव कंपोनेंट चैम्पियन प्रोत्साहन स्कीम के अंतर्गत अनुमोदित आवेदकों से प्राप्त हुआ है।

23 सितंबर, 2021 को अधिसूचित भारत में ऑटोमोबिल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम के अंतर्गत कुल 115 कंपनियों ने आवेदन किए थे। इनमें से 5 (पांच) ऑटो ओईएम कंपनियों ने स्कीम के दोनों भागों के लिए आवेदन किए थे। स्कीम के अंतर्गत आवेदन की सुविधा 9 जनवरी, 2022 के 23:59:59 बजे तक उपलब्ध थी। इस स्कीम के अंतर्गत प्रोत्साहन 01 अप्रैल, 2022 से 5 अनवरत वर्षों की अवधि के लिए भारत में उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी उत्पादों की निश्चित बिक्री पर उपलब्ध हैं।

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेन्द्रनाथ पांडे जी ने  पीएलआई की जबरदस्त प्रतिक्रिया पर कहा, “उद्योग ने विश्व स्तर के विनिर्माण गंतव्य के रूप में भारत की शानदार प्रगति में अपना विश्वास व्यक्त किया है जो माननीय प्रधान मंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान के साथ दृढ़ता से प्रतिध्वनित होता है। भारत निश्चित रूप से स्वच्छ, टिकाऊ, उन्नत और अधिक कुशल इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) आधारित प्रणाली की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाएगा। भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।

सरकार ने उन्नत ऑटोमोटिव उत्पादों के क्षेत्र में भारत की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से देश में ऑटोमोबिल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग हेतु उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम के लिए 25,938 करोड़ रुपए के बजटीय परिव्यय को मंज़ूरी दी थी। ऑटोमोबिल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग संबंधी उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम में उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने तथा ऑटोमोटिव विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में निवेश आकर्षित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। इसके मुख्य उद्देश्यों में लागत की अधिकता को कम करना, बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्था सृजित करना और उन्नत ऑटोमोटिव उत्पादों के क्षेत्रों में सशक्त आपूर्ति-श्रृंखला का निर्माण करना है। इससे रोज़गार भी सृजित होगा। इस स्कीम से ऑटोमोबिल उद्योग की स्थिति बेहतर होगी और यह उच्चतर मूल्यवर्धित उत्पादों की मूल्य श्रृंखला में शामिल हो सकेगा।

इस स्कीम के दो भाग हैं-चैम्पियन ओईएम प्रोत्साहन स्कीम और कंपोनेंट चैंपियन प्रोत्साहन स्कीम।

इस पीएलआई स्कीम के अंतर्गत कुल 95 आवेदन प्राप्त हुए हैं। भारी उद्योग मंत्रालय ने इससे पूर्व, चैंपियन ओईएम प्रोत्साहन स्कीम के लिए 20 आवेदकों (उनके 12 अनुषंगियों सहित) को मंज़ूरी दी थी। साथ ही, भारी उद्योग मंत्रालय ने कंपोनोंट चैम्पियन प्रोत्साहन स्कीम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों को प्रसंस्कृत किया है और स्कीम की इस श्रेणी के अंतर्गत 75 आवेदकों (उनके 56 अनुषंगियों सहित) कोमंज़ूरी दी गई है। स्कीम के दोनों भागों के लिए दो ऑटो ओईएम कंपनियों को मंज़ूरी दी गई है।

चैम्पियन ओईएम प्रोत्साहन स्कीम के अंतर्गत अनुमोदित आवेदकों की सूची नीचे दी गई हैः

चैम्पियन ओईएम (दुपहिए और तिपहिए को छोड़कर)

क्र.सं.

आवेदक का नाम

1

अशोक लीलैंड लिमिटेड

2

आयशर मोटर्स लिमिटेड

3

फोर्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड

4

हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड

5

किआ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड

6

महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड

7

पीसीए ऑटोमोबाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड

8

पिनेकल मोबिलिटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड

9

सुजुकी मोटर गुजरात प्राइवेट लिमिटेड

10

टाटा मोटर्स लिमिटेड

 

चैम्पियन ओईएम दुपहिए और तिपहिए

क्र.सं.

आवेदक का नाम

1

बजाज ऑटो लिमिटेड

2

हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड

3

पियाजियो व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड

4

टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटेड

 

नए गैर-ऑटोमोटिव निवेशक

क्र.सं.

आवेदक का नाम

1

एक्सिस क्लीन मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड

2

बूमा इनोवेटिव ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड

3

एलेस्ट प्राइवेट लिमिटेड

4

हॉप इलेक्ट्रिक मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड

5

ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड

6

पॉवरहॉल व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड

 

कंपोनेंट चैम्पियन प्रोत्साहन स्कीम के अंतर्गत अनुमोदित आवेदकों की सूची नीचे दी गई हैः

कंपोनेंट चैम्पियन प्रोत्साहन स्कीम के अंतर्गत मौजूदा ऑटोमोबिल और अनुमोदित ऑटो कंपोनेंट विनिर्माता कंपनियां

क्र.सं.

आवेदक का नाम

  1.  
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड
  1.  
पिनैकल मोबिलिटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
भारत फोर्ज लिमिटेड
  1.  
हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड
  1.  
अद्विक हाई-टेक प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
ऐसिन ऑटोमोटिव हरियाणा प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
एलिकॉन कैस्टलॉय लिमिटेड
  1.  
एप्टिव कंपोनेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
एप्टिव कनेक्शन सिस्टम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
असाही इंडिया ग्लास लिमिटेड
  1.  
एशिया इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
ऑटोमोटिव एक्सल्स लिमिटेड
  1.  
एक्सलटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
बीएएसएफ कैटलिस्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
बॉश ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
बॉश चेसिस सिस्टम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
बॉश लिमिटेड
  1.  
कमिंस टेक्नोलॉजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
डाइसेल सेफ्टी सिस्टम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
दाना आनंद इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
दाना टीएम4 इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
डैनब्लॉक ब्रेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
डेल्फी-टीवीएस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड
  1.  
डेंसो टेन मिंडा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
गैरेट मोशन टेक्नोलॉजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
हेला इंडिया ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
हीरो साइकिल लिमिटेड
  1.  
इंपीरियल ऑटो इंडस्ट्रीज लिमिटेड
  1.  
इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड
  1.  
जे.के. फेनर (इंडिया) लिमिटेड
  1.  
जे ऐस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड
  1.  
जे फे सिलिंडर्स लिमिटेड
  1.  
कल्याणी टेक्नोफोर्ज लिमिटेड
  1.  
कृष्णा लांदी रेंजो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
कृष्णा मारुति लिमिटेड
  1.  
क्यूंगशिन इंडस्ट्रियल मदरसन प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
लिंचपिन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
लुकास-टीवीएस लिमिटेड
  1.  
लुमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज लिमिटेड
  1.  
महले आनंद थर्मल सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
मंडो ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
मिंडा कॉर्पोरेशन लिमिटेड
  1.  
मिंडा इंडस्ट्रीज लिमिटेड
  1.  
मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
मदरसन सूमी सिस्टम्स लिमिटेड
  1.  
मदरसन सुमी वायरिंग इंडिया लिमिटेड
  1.  
मुशी ऑटो पार्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
नेपिनो ऑटो एंड इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
  1.  
नील मेटल प्रोडक्ट्स लिमिटेड
  1.  
नियोलाइट जेड के डब्ल्यूलाइटिंग्स प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
निडेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
पद्मिनी वीएनए मेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड
  1.  
प्रिकोल लिमिटेड
  1.  
रॉकमैन इंडस्ट्रीज लिमिटेड
  1.  
संधार टेक्नोलॉजीज लिमिटेड
  1.  
संसेरा इंजीनियरिंग लिमिटेड
  1.  
शेफ़लर इंडिया लिमिटेड
  1.  
शारदा मोटर इंडस्ट्रीज लिमिटेड
  1.  
सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग लिमिटेड
  1.  
स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स लिमिटेड
  1.  
सुंदरम फास्टनर्स लिमिटेड
  1.  
टाटा ऑटोकॉम्प सिस्टम्स लिमिटेड
  1.  
टाटा कमिंस प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
टाटा फिकोसा ऑटोमोटिव सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
हाई-टेक गियर्स लिमिटेड
  1.  
टोयोटा इंडस्ट्रीज इंजन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
टोयोटा किर्लोस्कर ऑटो पार्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया लिमिटेड
  1.  
वैलियो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
वैरोक इंजीनियरिंग लिमिटेड
  1.  
विटेस्को टेक्नोलॉजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  1.  
वैबको इंडिया लिमिटेड
  1.  
याज़ाकी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड

 

नई गैर-ऑटोमोटिव निवेशक (कंपोनेंट) कंपनियां

क्र.सं

आवेदक का नाम

1.

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड

2.

सीएट लिमिटेड

 

ऑटो क्षेत्र संबंधी पीएलआई स्कीम मौजूदा ऑटोमोटिव कंपनियों के साथ-साथ ऐसे नए निवेशकों के लिए भी खुली थी जो फिलहाल ऑटोमोबिल अथवा ऑटो कंपोनेंट विनिर्माण कारोबार से जुड़े नहीं हैं। चैम्पियन ओईएम प्रोत्साहन स्कीम बिक्री मूल्य संबद्ध स्कीम है जो सभी प्रकार के बैटरी-चालित इलेक्ट्रिक वाहनों और हाइड्रोजन ईंधन सेल चालित वाहनों पर लागू है। कंपोनेंट चैम्पियन प्रोत्साहन स्कीम बिक्री मूल्य-संबद्ध स्कीम है जो वाहनों के उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी संघटकों, पूरी तरह से नॉक्ड डाइन/सेमी नॉक्ड डाउन किटों, दुपहियों, तिपहियों, यात्री वाहनों, वाणिज्यिक वाहनों तथा ट्रैक्टरों आदि के एग्रीगेट्स पर लागू है।

ऑटोमोटिव क्षेत्र संबंधी पीएलआई स्कीम (25,938 करोड़ रूपए), पहले ही शुरु की जा चुकी उन्नत रसायन सेल संबंधी पीएलआई स्कीम(एसीसी) (18,100 करोड़ रूपए) तथा इलेक्ट्रिक वाहनों का तीव्र अंगीकरण और विनिर्माण (फेम इंडिया) (10,000 करोड़ रूपए) से भारत पारंपरिक जीवाश्व ईँधन पर ऑटोमोबिल परिवहन प्रणाली की निर्भरता खत्म कर पर्यावरण की दृष्टि से अधिक स्वच्छ, टिकाऊ, उन्नत और अधिक कुशल इलेक्ट्रिक वाहन प्रणाली को अपना सकेगा।

 उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी वाले वाहनों/उत्पादों के निर्माण में संलग्न/निर्माण का प्रस्ताव देने वाले समूहों में से स्थानीय के अतिरिक्त वैश्विक मुख्यालय वाले समूहों से प्राप्त आवेदनों की दृष्टि से ऑटोमोबिल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग काफी सफल रहा है। भारतीय कारोबारी समूहों के अतिरिक्त, अनुमोदित आवेदकों में जापान, जर्मनी, अमेरिका, ब्रिटेन, कोरियाई गणराज्य, आयरलैंड, फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड्स और इटली जैसे देशों के समूह शामिल हैं।

जबरदस्त उत्साह से स्पष्ट है कि उद्योग जगत एक विश्वस्तरीय विनिर्माण वाले देश के रूप में भारत की प्रगति के प्रति आश्वस्त है जो माननीय प्रधानमंत्रीजी के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान के बिल्कुल अनुरुप है।

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AM/TFK



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