जल शक्ति मंत्रालय

1 से 3 नवंबर तक 'गंगा उत्सव 2021 - नदी महोत्सव' का आयोजन

'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत देश भर के 150 जिलों में गंगा उत्सव गतिविधियों की योजना

Posted On: 29 OCT 2021 7:00PM by PIB Delhi

[पूर्वालोकन]

स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन (एनएमसीजी) गंगा नदी को 'राष्ट्रीय नदी' के रूप में घोषित करने की वर्षगांठ यानी 4 नवंबर को हर साल गंगा उत्सव मनाता है। इस साल का गंगा उत्सव 1 से 3 नवंबर, 2021 तक आयोजित किया जा रहा है। 'गंगा उत्सव 2021 –नदी महोत्सव' न केवल गंगा नदी बल्कि देश भर की सभी नदियों में मनाया जाएगा। पूरे देश के 150 जिलों में उत्सव गतिविधियों की योजना बनाई गई है जिनमें 112 गंगा क्षेत्र यानी गंगा किनारे स्थित जिलों में और शेष अन्य प्रमुख नदियों के साथ मनाया जाएगा। इस साल गंगा उत्सव समारोह आजादी के 75 साल और आजादी का अमृत महोत्सव के लिए चल रहे समारोहों का हिस्सा होगा।

इस वर्ष उद्देश्य गंगा उत्सव 2021 को भारत के विभिन्न नदी घाटियों तक ले जाने और 'नदी उत्सव' समारोह को बढ़ावा देना होगा,जिसे प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हमारे देश में सदियों पुरानी नदियों से जुड़ी परंपराओं से लोगों को जोड़ने के लिए26 सितंबर 2021 को विश्व नदी दिवस के अवसर पर उजागर किया था।

नदी महोत्सव के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान से प्रेरित होकर इस वर्ष का आयोजन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी,जल शक्ति राज्य मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और श्री बिश्वेश्वर टुडू,जल शक्ति मंत्रालय के सचिव श्री पंकज कुमार और कई ओलंपिक खिलाड़ी शामिल होंगे।

उत्सव का उद्देश्य हितधारकों के जुड़ाव को बढ़ावा देना और गंगा ज्ञान केंद्र के तत्वावधान में सार्वजनिक भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह उत्सव गंगा के संरक्षण में "जनभागीदारी" के महत्व पर जोर देगा। इसमें गंगा नदी के कायाकल्प के लिए हितधारकों के जुड़ाव और जन भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

 

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स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन (एनएमसीजी) ने गंगा उत्सव के माध्यम से आम लोगों का नदी से जुड़ाव को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है। पिछले चार वर्षों से इस आयोजन ने नदियों से सभी वर्ग के लोगों का जुड़ाव स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम किया है।

यह उत्सव कहानी,लोककथाओं,बड़ी हस्तियों के साथ संवाद,प्रश्नोत्तरी, पारंपरिक कलाओं की प्रदर्शनी, प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा नृत्य और संगीत प्रदर्शन,फोटो दीर्घाओं एवं प्रदर्शनियों सहित और बहुत कुछ के जरिए रहस्यमय और सांस्कृतिक नदी गंगा का जश्न मनाता है। पवित्र नदी गंगा की महिमा का जश्न मनाते हुए,इस साल यह उत्सव गंगा नदी के किनारे जीवंत और पारंपरिक सांस्कृतिक समृद्धि की भी सराहना करेगा। अनुराधा पौडवाल,प्राची शाह पंड्या,राहुल शर्मा,रेवती सकलकर और प्रहलाद टिपानिया जैसे कुछ प्रमुख संगीत और नृत्य कलाकार उत्सव में प्रस्तुति देंगे।

ऋतुपर्णा घोष के योर स्टोरी बैग द्वारा आयोजित कहानी जंक्शन पर कहानियों के माध्यम से नदी संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। हिमांशु बाजपेयी भी दास्तानगोई का प्रदर्शन करेंगे। गंगा संवाद में अशोक चक्रधर, पीयूष मिश्रा, दिव्य प्रकाश दुबे और राजीव खंडेलवाल जैसी विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां शानदार बातचीत में शामिल होंगी।

उत्सव में कंटीन्यूअस लर्निंग एंड एक्टिविटी पोर्टल (सीएलएपी) लॉन्च किया जाएगा। सीएलएपी अपने पोर्टल के माध्यम से (औपचारिक लॉन्च के बाद 1 नवंबर से सक्रिय) http://www.clap4ganga.comपर लगातार साल भर जुड़ाव के लिए एक मंच प्रदान करेगा। ट्री क्रेज फाउंडेशन के साथ साझेदारी में यह बच्चों और युवाओं के लिए विशेष रूप से आकर्षक है।

उत्सव में फिल्म 'गंगा: रिवर फ्रॉम द स्काईज'का प्रोमो भी लॉन्च किया जाएगा जिसके बाद एक वेबिनार का आयोजन होगा जिसका संचालन श्री माइक पांडे करेंगे जो पर्यावरणविद्, प्रतिष्ठित वन्यजीव फिल्म निर्माता और 3 बार ग्रीन ऑस्कर के विजेता हैं। इनके साथ एनएमसीजी के महानिदेशक श्री राजीव रंजन मिश्रा,सी-गंगा, आईआईटी कानपुर के संस्थापक प्रमुख प्रो. विनोद तारे, और प्रसिद्ध संगीतकार एवं गंगा गान के संगीतकार श्री श्रीकृष्ण मोहन और श्री रामकुमार मोहन होंगे।

गंगा कार्य बल के नेतृत्व में एक अभियान 'गंगा मशाल' को दिल्ली से एक समारोह में झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा और गंगा नदी के किनारे स्थित 23 स्टेशन होते हुए अपनी यात्रा करेगा जिससे स्थानीय लोगों और एनवाईकेएस,गंगा मित्र,गंगा प्रहरी आदि जैसे निकायों को संवेदनशील बनाने में मदद मिलेगी। इस कार्यक्रम में गंगा तरंग पोर्टल का शुभारंभ, गंगा ज्ञान पोर्टल पर पूर्व भूमिका सहित और भी बहुत कुछ शामिल होगा।

राज्य स्तर पर 75 विभिन्न स्थानों पर 75 कार्यक्रम, गंगा दीपोत्सव,घाटों के किनारे गंगा आरती,गंगा प्रदर्शनी, मेरी गंगा मेरी शान अभियान में भागीदारी – गंगा कार्य बल के नेतृत्व में गंगा मशाल का अभियान का संचालन, और पेंटिंग प्रतियोगिता,वन-रोपणअभियान, रक्तदान शिविरों का आयोजन, प्रश्नोत्तरी, गंगा दौड़, गंगा संवाद, हस्ताक्षर अभियान, और अन्य जैसी अन्य गतिविधियां शामिल होंगी। इसके अलावा, सांस्कृतिक संध्या,श्रमदान गतिविधियां,शहरों में प्रमुख स्थानों पर सेल्फी पॉइंट और गंगा घाटों पर योग और ध्यान जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

कोविड प्रोटोकॉल के कारण पिछले सालयह कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया था जिसमें देश भर से 3 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया था। इस वर्ष भी लोग https://gangautsav.in/और नमामि गंगे के सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से गंगा उत्सव में भाग ले सकते हैं।

 

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