अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
सिख समुदाय के छात्रों को नीट, जेईई आदि के परीक्षा केन्द्रों पर कड़ा और कृपाण की जांच के लिये घंटों पहले बुलाया जाता है, जो कि आस्था के विषय हैं: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग
प्रविष्टि तिथि:
27 SEP 2021 8:03PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) को जानकारी मिली है कि राष्ट्रीय पात्रता और प्रवेश परीक्षा (नीट), संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) आदि परीक्षाओं में उपस्थित सिख समुदाय के छात्रों को कड़ा और/या कृपाण, जो कि आस्था का विषय हैं, की जांच के लिये परीक्षा केन्द्रों पर अन्य समुदाय के उम्मीदवारों की तुलना में घंटों पहले बुलाया जाता है। एनसीएम ने आज यहां एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सिख समुदाय के धार्मिक विश्वास और भारत के संविधान के अनुच्छेद 25, स्पष्टीकरण1 के तहत मिले अधिकार को देखते हुए, ऐसे किसी भी ठोस तथ्य के अभाव में जो कड़ा और कृपाण धारण करने वालों के द्वारा इनके गलत इस्तेमाल के वास्तविक खतरे का संकेत देता हो या इसे बताता हो, सबके ऊपर धातु की वस्तुओं का पूर्ण प्रतिबंध लागू करना उचित नहीं होगा, जैसा कि डब्लू पी (सी) 7550/2017 में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति बनाम यूओआई एवं अन्य में दिल्ली के माननीय उच्च न्यायालय ने माना है।
विज्ञप्ति जो अध्यक्ष, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी प्रोफेसर एमएस अनंत को संबोधित की गयी थी, में कहा गया कि सभी अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा और सुरक्षा के लिए गठित एक वैधानिक निकाय होने की वजह से एनसीएम परीक्षाओं को आयोजित करने वाली एजेंसियों को सलाह देता है कि उनको सिख समुदाय के छात्रों के खिलाफ होने वाले किसी भी भेदभाव से बचने के लिये निम्नलिखित कदम उठाने पर विचार करने के लिये निर्देशित किया जा सकता है।
(i) सभी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा का रिपोर्टिंग समय समान होना चाहिये, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो।
(ii) सिख समुदाय के उम्मीदवारों और अन्य लोगों के बीच उनकी आस्था के विषयों के आधार पर भेदभाव नहीं हो।
(iii) समय कम करने और उचित सुरक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर के माध्यम से स्क्रीनिंग की जा सकती है।
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एमजी/एएम/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 1758784)
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