इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय

 नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनआईएक्सआई) ने 18वां स्थापना दिवस मनाया

इस अवसर पर "डिजिटल अर्थव्यवस्था – बढ़ता दायरा " पर वेबिनार का आयोजन किया गया

एनआईएक्सआई प्रत्येक डॉट आईएन  उपभोक्ता को उसकी मांग पर 10 जीबी स्पेस के साथ एक व्यक्तिगत ई-मेल प्रदान करेगा: कार्यक्रम के दौरान एमईआईटीवाई सचिव श्री अजय साहनी का ऐलान

Posted On: 19 JUN 2021 2:50PM by PIB Delhi

नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनआईएक्सआई) ने आज अपना 18वां स्थापना दिवस मनाया। पिछले 18 वर्षों से  एनआईएक्सआई  भारतीय इंटरनेट पारिस्थितिकी तंत्र में अपना अहम योगदान दे रहा है। एनआईएक्सआई देश का पहला इंटरनेट एक्सचेंज है जो अमेरिका या विदेश की जगह  देश के भीतर ही घरेलू इंटरनेट ट्रैफिक को रूट कर आईएसपी को आपस में जोड़ने की सुविधा प्रदान करता है। ऐसा होने से सेवा की गुणवत्ता न केवल बेहतर होती है बल्कि कम बैंडविड्थ शुल्क लगता है। इससे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा की भी बचत होती है। एनआईएक्सआई इसके अलावा डॉट आईएन रजिस्ट्री भी है। जो भारत यानी देश कोड के टॉप लेवल डोमेन (सीसीटीएलडी) डॉट आईएन  का भी प्रबंधन करता है। और वह राष्ट्रीय इंटरनेट रजिस्ट्री का प्रबंधन भी करता है जो भारतीय मामलों के इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस (आईपीवी 4 और आईपीवी 6) और स्वायत्त सिस्टम नंबर को प्रदान करता है।

एक्सचेंज के 18 साल पूरे होने के अवसर पर,  नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने "डिजिटल अर्थव्यवस्था – बढ़ता दायरा " पर एक वेबिनार का आयोजन किया। वेबिनार की अध्यक्षता भारत सरकार के एमईआईटीवाई सचिव श्री अजय प्रकाश साहनी  ने की और इसका संचालन एनआईएक्सआई के सीईओ श्री अनिल कुमार जैन और पैनलिस्ट एडवाइजरी के संस्थापक और सीईओ श्री टी.वी रामचंद्रन, एशिया पैसिफिक टॉप लेवल डोमेन एसोसिएशन के जनरल मैनेजर श्री लियोनिद टोडोरोव, प्राइमस पार्टनर्स के संस्थापक और सीईओ श्री निलय वर्मा और एपीएनआईसी कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष श्री गौरव राज उपाध्याय द्वारा की गई। इन लोगों ने वेबिनार के दौरान अपने विचार भी साझा किए।

एमईआईटीवाई सचिव श्री अजय प्रकाश साहनी ने कहा  "सरकार और एमईआईटीवाई द्वारा लगातार डिजिटल एजेंडा को आगे बढ़ाने के प्रयासों का ही परिणाम है कि भारत विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में आगे बढ़ रहा है। यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि जैस-जैसे भारत इस दिशा में आगे बढ़ रहा है, रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। डिजिटल उत्पादकता में बढ़ोतरी के वजह से भारत में 2025 तक लाखों नौकरियां पैदा होने की क्षमता है। इसका मतलब है कि भारत 2025 तक 1 ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था के सपने को साकार करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह एक रोमांचक यात्रा है और हम एमईआईटीवाई में इस डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। डिजिटल का भविष्य इससे  उज्जवल कभी नहीं दिखा था!

समग्र विकास के अनुरूप एनआईएक्सआई के माध्यम से इंटरनेट ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है। एनआईएक्सआई को इंटरनेट डोमेन को देसी बनाने और वेबसाइट को डॉट इन एड्रेस के साथ पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित करने का भी श्रेय जाता है। उसके प्रयासों का ही परिणाम है कि भारत के डॉट इन  डोमेन के 27 लाख से ज्यादा पंजीकरण हो गए हैं।

इस उपलब्धि से भारत देश-केंद्रित टॉप लेवल डोमेन डेवलपमेंट में एशिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। इसके अलावा कंपनी ने स्थानीय कंटेट को बढ़ावा देने के लिए डॉट भारत पहल को प्रोत्साहित किया है।

एमईआईटीवाई सचिव ने इस वेबिनार के माध्यम से यह भी घोषणा की कि एनआईएक्सआई प्रत्येक  डॉट इन उपभोक्ता को 10 जीबी स्पेस के साथ एक व्यक्तिगत ई-मेल प्रदान करेगा। यह ई-मेल उपभोक्ता की मांग पर उपलब्ध होगा। एक उपभोक्ता मुफ्त व्यक्तिगत ई-मेल प्राप्त करने के लिए www.registry.in  से संपर्क कर सकता है। यह शायद दुनिया में किसी भी सीसीटीएलडी द्वारा एक अनूठा प्रस्ताव है।

एनआईएक्सआई के सीईओ श्री अनिल कुमार जैन ने कहा कि पांच भाषाओं से शुरू होकर डॉट भारत डोमेन अब सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में उपलब्ध है। 22 आधिकारिक भारतीय भाषाओं में डोमेन प्रदान करने वाला भारत एकमात्र देश है।

वेबिनार में लगभग दुनिया भर के 1000 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

            इस अवसर पर एनआईएक्सआई ने मुख्य अतिथि आईसीएएस के संयुक्त सचिव डॉ. जयदीप कुमार मिश्रा की उपस्थिति में एक विशेष समारोह में कर्मचारियों, रजिस्ट्रार, कुलसचिवों, सहयोगियों और लंबे समय से जुड़े सदस्यों को सम्मानित भी किया।

डॉ. जयदीप मिश्रा ने पिछले 18 वर्षों में एनआईएक्सआई के प्रयासों की सराहना की और भारत के डिजिटल सशक्तिकरण में एनआईएक्सआई की भूमिका को विस्तार से बताया।

 

एनआईएक्सआई के बारे में

नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनआईएक्सआई) एक गैर-लाभकारी संगठन है। जो निम्नलिखित गतिविधियों के माध्यम से भारत के नागरिकों तक  इंटरनेट प्रौद्योगिकी का विस्तार करने के लिए 2003 से काम कर रहा है:

(1) इंटरनेट एक्सचेंज जिसके माध्यम से आईएसपी और सीडीएन के बीच इंटरनेट डेटा का आदान-प्रदान किया जाता है।

(2) डॉट आईएन रजिस्ट्री, देश कोड डोमेन और डॉट भारत आईडीएन डोमेन का प्रबंधन और संचालन।

(3) आईआरआईएनएन इंटरनेट प्रोटोकॉल का प्रबंधन और संचालन (आईपीवी 4/आईपीवी 6)

 

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