भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय और फरीदाबाद नगर निगम ने फरीदाबाद के शहरी नालों की सफाई के लिए एक परियोजना शुरू की

प्रविष्टि तिथि: 26 FEB 2021 9:01PM by PIB Delhi

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय के वेस्ट टु वेल्थ मिशन और फरीदाबाद नगर निगम (एमसीएफ) ने फरीदाबाद के संजय कॉलोनी में गौंची नाले की सफाई के लिए आज एक पायलट तकनीक का शुभारंभ किया। गौंची नाला फरीदाबाद में एक महत्वपूर्ण जल निकासी प्रणाली है। गौंची हरियाणा के 11 सबसे प्रदूषित नालों में से एक है जो हर दिन कुल मिलाकर 100.2 करोड़ लीटर प्रदूषित जल को यमुना में छोड़ते हैं। इस नाले की सफाई से आगे चलकर यमुना नदी में कचरे के बोझ को कम करने में मदद मिलेगी।

 

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बाएं: फरीदाबाद के गौंची नाले में तैरता कचरा, दाएं: पीएसए समर्थित पायलट तकनीक द्वारा नाले की सफाई प्रगति में

इस परियोजना के तहत जलाशयों की साफ-सफाई में विशेषज्ञता प्राप्त  डेनमार्क की कंपनी डीईएसएमआई एंवायरो-क्ली न ए/एस द्वारा एक राइज (रिसर्च इनिशिएटिव फॉर साइंटिफिक इनहैंसमेंट) मशीन की तैनाती की गई है। यह मशीन प्रतिदिन 300 किलोग्राम तक तैरते हुए कचरे और मलबे को नाली से निकालकर एकत्र करेगी। द वेस्ट टु वेल्थ मिशन और एमसीएफ संयुक्त रूप से इस मशीन की निगरानी और संचालन करेंगे। साथ ही वे देश भर में अन्य जलाशयों में भी इस तरह की परियोजनाओं की तैनाती की व्य वस्थार करेंगे। यह परियोजना नाले से निकाले गए कचरे के उपचार और उपयोग के लिए आवश्याक प्रौद्योगिकी का भी पता लगाएगी।

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के विजय राघवन ने इस परियोजना की घोषणा करते हुए कहा, 'माननीय प्रधानमंत्री वैश्विक विज्ञान द्वारा समर्थित स्थानीय तकनीकी दृष्टिकोणों की दृढ़ता से पैरवी करते हैं। अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी देश की चुनौतियों से निपटने के लिए उन नवीन तकनीकों को लागू करने की आवश्यकता है जो भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल हों। भारत को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त बनाने की दिशा में किया गया प्रयास हम सब को प्रेरित करने की ताकत है। प्रधानमंत्री के विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद (पीएमएसटीआईएसी) अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी देश की चुनौतियों से निपटने के लिए विज्ञान पर आधारित इस प्रमुख मिशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। फरीदाबाद की यह पायलट परियोजना भारत के प्रदूषित शहरी जल निकासी प्रणालियों और नदियों को साफ करने वाले समाधानों के विकास और प्रदर्शन की दिशा में उठाया गया एक महत्वसपूर्ण कदम है। हमें हरियाणा राज्य के साथ साझेदारी के जरिये इसे शुरू करते हुए खुशी हो रही है और हम इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं। साथ ही हम एक एकीकृत कचरा प्रबंधन मॉडल के विकास के लिए मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को साकार करेंगे।'

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा, 'माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छ भारत मिशन के जरिये गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार कर रहे हैं। हरियाणा सरकार और फरीदाबाद प्रशासन इस मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आज शुरू की गई गौंची नाला परियोजना इस दिशा में एक समय पर उठाया गया कदम है। मैं इस पायलट परियोजना को स्थापित करने में मदद के लिए भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय को विशेष रूप से धन्यवाद देना चाहता हूं। यह परियोजना नाले की सफाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसे एक स्थायी समाधान के तौर पर विकसित करने के लिए स्थानीय समुदायों को इस परियोजना के साथ जुड़ना चाहिए और इस पायलट परियोजना के प्रभाव को अधिकतम करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। मैं एक बार फिर इस पायलट परियोजना के लिए फरीदाबाद नगर निगम को बधाई देता हूं और उसे वेस्ट टु वेल्थ मिशन के साथ साझेदारी का विस्तार करने और फरीदाबाद को सीएम के सपने के अनुरूप अपशिष्ट प्रबंधन क्लस्टर का एक मॉडल बनाने और नवीन तकनीकों को तैनात करने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।

वेस्ट टु वेल्थ मिशन और इसके काम के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया sbub@investindia.org.in  पर संपर्क करें।

 

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