वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

कारोबारियों और नागरिकों के लिए नियमाकीय अनुपानल आसान करने के लिए विनियामक अनुपालन पोर्टल शुरू

Posted On: 20 JAN 2021 5:51PM by PIB Delhi

भारत में सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता और माननीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में 2014 के बाद से अखिल भारतीय स्तर पर बड़े पैमाने पर हुए सुधार आज सबके सामने है। इसी का परिणाम है यह कि विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग, 2014 के 142 वें स्थान से बेहतर होकर 2019 में 63 वें स्थान पर पहुंच गई है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान को वास्तविकता में तब्दील करने की दिशा में  बिजनेस और नागरिकों पर नियामकीय बोझ को कम करने के लिए, सुधारों की अगली पीढ़ी को केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा मिशन मोड पर लागू किया जा रहा है। भारत सरकार इस लक्ष्य को पाने के लिए सरकार को बिजनेस तक और सरकार को नागरिकों तक पहुंचने के लिए ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध प्रणाली प्राथमिकता से बना रही है।

कैबिनेट सचिव ने उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग और वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय को निर्देश दिया है कि बिजनेस और नागरिकों पर नियामकीय अनुपालन का बोझ कम करने के  लिए जरूरी समन्वय को स्थापित करें। और ऐसा करने के लिए वह नोडल विभाग के रूप में कार्य करें। नियामकीय अनुपालनों को कम करने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों/ विभागों और राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में व्यवस्थित तरीके से एक अभ्यास डीपीआईआईटी द्वारा किया जा रहा है। इसके तहत उन अनुपालनों को समाप्त किया जा रहा है ।जो बिजनेस पर समय और लागत के स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।

डीपीआईआईटी द्वारा इस संबंध में एक बड़ी पहल 2021 को ,नियामकीय अनुपालन पोर्टल को शुरु करने से हुई है। इस पोर्टल का उद्देश्य नियामकीय अनुपालन को कम करने के लिए नागरिकों, उद्योगों और सरकार के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करना है। यह पोर्टल , सभी केंद्रीय और राज्य-स्तरीय अनुपालनों के लिए एक केंद्रीय ऑनलाइन रिपॉजिटरी के रूप में भी कार्य करेगा। इस तरह का कदम पहली बार उठाया गया है।

 

सभी केंद्रीय मंत्रालय/ विभाग और राज्य/ केन्द्र शासित प्रदेश अपने यहां सभी कानूनों/ विनियमों/ नियमों की जांच करेंगे। और सभी प्रक्रियाओं को युक्तिसंगत और सरल बनाने के लिए गैरजरूरी अनुपालन को हटाने, कानूनों को कम करने और निरर्थक अधिनियमों को हटाने की एक कार्य योजना को लागू करेंगे। इन सभी कवायदों को नियामकीय अनुपालन पोर्टल पर न केवल देखा जा सकेगा बल्कि उनकी निगरानी भी की जा सकेगी। सीआईआई, फिक्की और एसोचैम जैसे उद्योग संगठन भी नियामकीय अनुपालन और उससे संबंधित सिफारिशों को प्रस्तुत कर सकेंगे। सभी सुझावों का सरकार के अधिकारियों द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा और विनियामकीय अनुपालन के दबाव को कम करने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।

इस पोर्टल पर सभी तरह की गतिविधियों के असर की समीक्षा, सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बारीकी से की जाएगी। इस कवायद से कैबिनेट सचिव के पास केंद्रीय मंत्रालयों/ विभागों और राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में उठाए गए सभी तरह के कदमों और उनके द्वारा की गई मांगों की रियल टाइम जानकारी पहुंचेगी। इसके साथ ही प्रत्येक मंत्रालय/ विभाग और राज्य/ केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा की गई कार्रवाई की निगरानी और मूल्यांकन रिपोर्ट भी तैयार की जा सकेगी।

 

नियामकीय अनुपालन पोर्टल वास्तव में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा। साथ ही इसके जरिए, उद्योगों के लिए बिजनेस करने में जहां आसानी होगी, वहीं नागरिकों का जीवनयापन भी आसान होगा।।

डीपीआईआईटी ने सभी मंत्रालयों और राज्यों को नियामकीय अनुपालन पोर्टल से परिचित कराने लिए 04.01.2021 से 14.01.2021 तक 21 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए हैं। इसके अतिरिक्त 12 प्रशिक्षण सत्र 18.01.2021 से 23.01.21 तक भी चलाए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षण सत्रों में केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों में संबंधित नोडल अधिकारियों द्वारा नियामकीय अनुपालन पोर्टल में विवरण के बारे में विस्तृत जानकारी देना भी शामिल है।

 

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