वित्‍त मंत्रालय

19 अक्टूबर 2020 – 31 मार्च 2021 के लिए विपणन योग्‍य दिनांकित प्रतिभूतियों का कैलेंडर जारी

प्रविष्टि तिथि: 15 OCT 2020 9:37PM by PIB Delhi

आरबीआई के परामर्श से माल एवं सेवाकर (जीएसटी) राजस्व में होने वाली कमी को पूरा करने के लिये राज्यों की तरफ से केन्द्र सरकार खुद 1.1 लाख करोड़ रुपये का कर्ज उठायेगी। वित्त वर्ष 2020-21 की शेष अवधि (19 अक्टूबर, 2020 से 31 मार्च, 2021) के लिए सरकार कुल मिलाकर 4,88,000 करोड़ रुपये की राशि उधार लेगी। जीएसटी क्षतिपूर्ति की कमी को पूरा करने के लिए अतिरिक्त राशि को 55,000 करोड़ रुपये की राशि 3 वर्ष और 5 वर्ष के कार्यकाल के तहत समान रूप से उठाई जाएगी।

वित्तीय वर्ष 2020-21 के शेष भाग के लिए सरकार द्वारा दिनांकित प्रतिभूतियों को जारी करने के लिए एक सांकेतिक कैलेंडर ( 19 अक्टूबर, 2020 से 31 मार्च, 2021) निम्नानुसार है::

भारत सरकार की दिनांकित प्रतिभूतियां जारी करने के लिए कैलेंडर

(19 अक्टूबर, 2020 से लेकर 31 मार्च, 2021 तक)

क्र. सं.

नीलामी सप्‍ताह

धनराशि

(करोड़ रुपये में)

प्रतिभूति-वार आवंटन

1

19-23 अक्‍तूबर, 2020

 

31,000

  1. 3000 करोड़ रुपये के लिए 02 वर्षीय प्रतिभूति

ii) 12,000 करोड़ रुपये के लिए 5 वर्षीय प्रतिभूति

iii) 9,000 करोड़ रुपये के लिए 10 वर्षीय प्रतिभूति

iv) 7000 करोड़ रुपये के लिए 40 वर्षीय प्रतिभूति

2

26-30 अक्‍तूबर, 2020

 

23,000

i) 6,000 करोड़ रुपये के लिए 03 वर्षीय प्रतिभूति

ii) एफआरबी 3 हजार करोड़ रुपये

iii) 9,000 करोड़ रुपये के लिए 14 वर्षीय प्रतिभूति

iv) 5,000 करोड़ रुपये के लिए 30 वर्षीय प्रतिभूति

3

02-06 नवंबर, 2020

 

29,000

i) 2,000 करोड़ रुपये के लिए 02वर्षीय प्रतिभूति

ii) 11,000 करोड़ रुपये के लिए 5 वर्षीय प्रतिभूति

iii) 9,000 करोड़ रुपये के लिए 10 वर्षीय प्रतिभूति

iv) 7,000 करोड़ रुपये के लिए 40 वर्षीय प्रतिभूति

 

4

 

16-20नवंबर, 2020

22,000

i) 6,000 करोड़ रुपये के लिए 3 वर्षीय प्रतिभूति

 

 

  1. 2,000 करोड़ रुपये की एफआरबी

 

 

iii) 9,000 करोड़ रुपये के लिए 14 वर्षीय प्रतिभूति

 

 

iv) 5,000 करोड़ रुपये के लिए 30 वर्षीय प्रतिभूति

 

 

 

5

 

23-27नवंबर, 2020

 

 

28,000

  1. 2,000 करोड़ रुपये करोड़ रुपये के लिए 30 वर्षीय प्रतिभूति

 

 

ii) 11,000 करोड़ रुपये के लिए 5 साल

 

 

iii) 8,000 करोड़ रुपये के लिए 10 साल

 

 

iv) 7,000 करोड़ रुपये के लिए 40 साल

 

 

6

30नवंबर, 2020 –04 दिसंबर, 2020

22,000

iv) 7,000 करोड़ रुपये के लिए 3 साल

 

 

ii) 2,000 करोड़ रुपये

 

 

III) 9,000 करोड़ रुपये के लिए 14 साल

 

 

iv) 5,000 करोड़ रुपये के लिए 30 साल

 

 

7

07-11दिसंबर, 2020

28,000

  1. 2000 करोड़ रुपये के लिए 2 साल

 

 

ii) 11,000 करोड़ रुपये के लिए 05 साल

 

 

iii)9,000 करोड़ रुपये के लिए 10 साल

 

 

iv) 6,000 करोड़ रुपये के लिए 40 साल

 

 

8

14-18दिसंबर, 2020

22,000

i) 6,000 करोड़ रुपये के लिए 3 साल

 

 

  1. 2,000 करोड़ रुपये की एफआरबी

 

 

iii) 9,000 करोड़ रुपये के लिए 14 साल

 

 

iv) 5,000 करोड़ रुपये के लिए 30 साल

 

 

 

9

दिसंबर 21-25, 2020

28,000

  1. 2,000 करोड़ रुपये के लिए 2 साल

 

 

ii) 11,000 करोड़ रुपये के लिए 5 साल

 

 

iii) 9,000 करोड़ रुपये के लिए 10 साल

 

 

iv) 6,000 करोड़ रुपये के लिए 40 साल

 

 

10

दिसंबर 28, 2020 –जनवरी 01, 2021

22,000

i) 6,000 करोड़ रुपये के लिए 3 साल

 

 

  1. 2,000 करोड़ रुपये की एफआरबी

 

 

iii) 9,000 करोड़ रुपये के लिए 14 साल

 

 

iv) 5,000 करोड़ रुपये के लिए 30 साल

 

 

11

जनवरी 04-08, 2021

27,000

  1. 2,000 करोड़ रुपये के लिए 2 साल

 

 

ii) 11,000 करोड़ रुपये के लिए 5 साल

 

 

iii)8,000 करोड़ रुपये के लिए 140 साल

 

 

iv) 6,000 करोड़ रुपये के लिए 40 साल

 

 

12

जनवरी 11-15, 2021

22,000

i) 6,000 करोड़ रुपये के लिए 3 साल

 

 

Iiएफआरबी 2000 करोड़ रुपये

 

 

iii) 9,000 करोड़ रुपये के लिए 14 साल

 

 

iv) 5,000 करोड़ रुपये के लिए 30 साल

 

 

13

जनवरी 18-22, 2021

27,000

  1. 2,000 करोड़ रुपये के लिए 2 साल

 

 

ii) 11,000 करोड़ रुपये के लिए 5 साल

 

 

iii) 8,000 करोड़ रुपये के लिए 8 साल

 

 

iv) 6,000 करोड़ रुपये के लिए 40 साल

 

 

14

जनवरी 25-29, 2021

21,000

i) 6,000 करोड़ रुपये के लिए 3 साल

 

 

ii) एफआरबी 2,000 करोड़ रुपये

 

 

iii) 8,000 करोड़ रुपये के लिए 14 साल

 

 

iv) 5,000 करोड़ रुपये के लिए 30 साल

 

 

15

फपवरी01-05, 2021

27,000

  1. 2000 करोड़ रुपये के लिए 2 साल

 

 

ii) 11,000 करोड़ रुपये के लिए 5 साल

 

 

iii) 8,000 करोड़ रुपये के लिए 10 साल

 

 

iv) 6,000 करोड़ रुपये के लिए 40 साल

 

 

16

फऱवरी08-12, 2021

20,000

i) 5,000 करोड़ रुपये के लिए 3 साल

 

 

ii) एफआरबी 2000 करोड़ रुपये

 

 

iii) 8,000 करोड़ रुपये के लिए 14 साल

 

 

iv) 95,000 करोड़ रुपये के लिए 5 साल

 

 

17

फरवरी15-19, 2021

27,000

  1. 2,000 करोड़ रुपये के लिए 2 साल

 

 

ii) 11,000 करोड़ रुपये के लिए 05 साल

 

 

iii) 8,000 करोड़ रुपये के लिए 10 साल

 

 

iv) 6,000 करोड़ रुपये के लिए 40 साल

 

 

18

फरवरी 22-26, 2021

18,000

i) 4,000 करोड़ रुपये के लिए 3 साल

 

 

ii) एफआरबी 2000 करोड़ रुपये

 

 

iii) 7,000 करोड़ रुपये के लिए 14 साल

 

 

iv) 5,000 करोड़ रुपये के लिए 30 साल

 

 

19

मार्च 01-05, 2021

27,000

  1. 2,000 करोड़ रुपये के लिए 2 साल

 

 

ii) 11,000 करोड़ रुपये के लिए 5 साल

 

 

iii)8,000 करोड़ रुपये के लिए 10 साल

 

 

iv) 4,000 करोड़ रुपये के लिए 40 साल

 

 

20

मार्च 08-12, 2021

17,000

i) 4,000 करोड़ रुपये के लिए 3 साल

 

 

ii) एफआरबी 2000 करोड़ रुपये

 

 

iii) 7,000 करोड़ रुपये के लिए 14 साल

 

 

iv) 4,000 करोड़ रुपये के लिए 30 साल

 

 

कुल

4,88,000

 

 

               

जैसा कि अब तक देखा गया है, कैलेंडर के दायरे में आने वाली सभी नीलामियों में गैर-प्रतिस्‍पर्धी बोली योजना की सुविधा होगी, जिसके तहत अधिसूचित राशि का 5 प्रतिशत निर्दिष्‍ट रिटेल या छोटे निवेशकों के लिए आरक्षित होगा।

अतीत की तरह ही इस बार भी भारत सरकार के पास भारतीय रिजर्व बैंक के साथ सलाह-मशविरा करके अधिसूचित राशि, निर्गमन अवधि, परिपक्‍वता इत्‍यादि की दृष्टि से उपर्युक्‍त कैलेंडर में आवश्‍यक संशोधन करने और विभिन्‍न प्रकार के प्रपत्र (इंस्‍ट्रूमेंट) जारी करने का लचीलापन होगा। इसके अलावा गैर-मानक परिपक्वता वाले प्रपत्रों सहित विभिन्न प्रकार के प्रपत्रों को जारी करने और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) सम्बद्ध महंगाई से जुड़े बॉन्डों सहित प्लोटिंग रेट बॉन्डों (एफआरबी) को जारी करने की दृष्टि से भी उपर्युक्‍त कैलेंडर में आवश्‍यक संशोधन करने का लचीलापन होगा। ये संभावित संशोधन भारत सरकार की आवश्‍यकताओं, उभरती बाजार स्थितियों एवं अन्‍य प्रासंगिक कारकों पर निर्भर करेंगे और ये संशोधन करने से पहले बाजार को बाकायदा सूचित किया जाएगा। आवश्‍यकता पड़ने पर इस कैलेंडर में बदलाव किये जा सकते हैं। तय अवधि के दौरान कोई अवकाश पड़ जाने जैसे कारण भी इसमें शामिल हैं। इस तरह के बदलावों के बारे में जानकारी प्रेस विज्ञप्तियों के जरिए दी जाएगी।

भारतीय रिजर्व बैंक के परामर्श से भारत सरकार के पास नीलामी संबंधी अधिसूचना में इंगित उपर्युक्त प्रतिभूतियों में से प्रत्येक के सापेक्ष 2000 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त अभिदान को बनाए रखने के लिए ग्रीन-शू ऑप्शन का इस्तेमाल करने का अधिकार है। हालांकि किसी भी नीलामी के अंतर्गत एक या उससे अधिक प्रतिभूतियों में ग्रीन-शू ऑप्शन या विकल्प का उपयोग नीलामी संबंधी समग्र अधिसूचित राशि के दायरे में ही करना होगा।

भारतीय रिजर्व बैंक महीने के प्रत्येक तीसरे सोमवार को नीलामी के जरिए प्रतिभूतियों की अदला-बदली भी सुनिश्चित करेगा। यदि तीसरे सोमवार को अवकाश रहता है, तो महीने के चौथे सोमवार को नीलामी के जरिए प्रतिभूतियों की अदला-बदली की जाएगी।

दिनांकित प्रतिभूतियों की नीलामी पर भारत सरकार द्वारा 27 मार्च, 2018 को जारी एफ. संख्‍या 4(2)-डब्‍ल्‍यूएंडएम/2018 में उल्लिखित शर्तें लागू होंगी। इसमें समय-समय पर संशोधन किया जाता है।

 

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