श्रम और रोजगार मंत्रालय

औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) - अगस्त, 2020

प्रविष्टि तिथि: 30 SEP 2020 4:36PM by PIB Delhi

श्रम एव रोजगार मंत्रालय से जुड़ा हुआ श्रम ब्यूरो, देश के औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण 78 केन्द्रों में से 289 बाजारों से एकत्रित किए गए चयनित वस्तुओं की खुदरा कीमतों के आधार पर प्रत्येक माह औद्योगिक कामगारों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन करता है। सूचकांक को 78 केंद्रों और पूरे भारत के लिए संकलित किया जाता है और इसे सफल महीने के अंतिम कार्य दिवस पर जारी किया गया है। इस प्रेस विज्ञप्ति में अगस्त, 2020 के महीने का सूचकांक जारी किया जा रहा है।

अगस्त, 2020 में अखिल भारतीय सीपीआई-आईडब्ल्यू 2 अंक बढ़कर 338 (तीन सौ अड़तीस) अंक के स्‍तर पर पहुंच गया। एक माह के दौरान प्रतिशत में हुए परिवर्तन की दृष्टि से जुलाई और अगस्त, 2020 के बीच इसमें (+) 0.60प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में इसमें (+) 0.31प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

मौजूदा सूचकांक में अधिकतम वृद्धि, खाद्य समूह के कारण हुई है जिसने कुल परिवर्तन में (+) 1.14प्रतिशत का योगदान दिया है। वस्‍तु (आइटम) के स्तर परचावल, सरसों का तेल, दूध (भैंस), मिर्च हरी, प्याज, बैंगन, गाजर, फ्रेंच बीन, लौकी, हरा धनिया पत्ती, भिंडी, पालक, परवल, आलू, केला, आम (पका), चाय ( रेडीमेड), फूल / फूल माला, आदिइत्‍यादि सूचकांक में वृद्धि के लिए जिम्मेदार हैं। हालांकि, इस वृद्धि पर गेहूं, गेहूं का आटा, मछली ताजा, बकरी का मांस, पोल्ट्री (चिकन), टमाटर, अमरूद इत्यादि ने विराम लगाया है जिससे सूचकांक में गिरावट का रुख बना।

केंद्र स्तर पर, कोयंबटूर  के सूचकांक में 9 अंक की अधिकतम वृद्धि दर्ज की गई। अन्य मेंसालेम (7अंक) और मुदैरई (6 अंकों) में वृद्धि देखी गई। अन्य में 3 केंद्रों में 5 अंक,  अन्य 3 केंद्रों में 4 अंक, 12 केंद्रों में 3 अंक, 14 केंद्रों में 2 अंक और 16 केंद्रों में एक अंक की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं इसके विपरीत लेबक सिलचर में अधिकतम 4 अंकों की कमी दर्ज की गई। अन्य के बीच, 3 केंद्रों में 2 अंक, 1 केंद्र में 2 अंक और 8 केंद्रों में 1 अंक की कमी देखी गई। शेष 15 केंद्रों के सूचकांक स्थिर रहे।

31 केंद्रों के सूचकांक अखिल भारतीय सूचकांक से ऊपर हैं जबकि 47 केन्द्रों के सूचकांक राष्ट्रीय औसत से कम हैं। अखिल भारतीय सूचकांक के साथ छिंदवाड़ा और जालंधर केंद्र के सूचकांक बराबर बने रहे।

सभी मदों या वस्‍तुओं पर आधारित वर्ष-दर-वर्ष महंगाई अगस्त, 2020 में 5.63प्रतिशत रही, जबकि पिछले महीने यह 5.33प्रतिशत और पिछले वर्ष के इसी महीने में 6.31प्रतिशत थी। इसी प्रकार, खाद्य महंगाई पिछले महीने के 6.38प्रतिशत के मुकाबले 6.67प्रतिशत रही और और एक वर्ष पूर्व इसी महीने में यह  5.10फीसदी रही थी।

सीपीआई-आईडब्ल्यू के आधार पर वाई-ओ-वाई मुद्रास्फीति (खाद्य एवं सामान्य सूचकांक)

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जुलाई और अगस्त, 2020 के लिए अखिल भारतीय समूह-वार सीपीआई-आईडब्ल्यू

क्रम सं.

समूह

अगस्त, 2019

जुलाई, 2020

अगस्त, 2020

I

खाद्य समूह

330

350

352

II

पान, सुपारी, तंबाकू और नशीले पदार्थ

391

406

408

III

ईंधन और प्रकाश

282

299

299

IV

आवास

434

465

465

V

कपड़े, बिस्तर और जूते

226

229

230

VI

विविध समूह

254

260

260

 

सामान्य सूचकांक

320

336

338

 

सीपीआई-आईडब्ल्यू (खाद्य और सामान्य सूचकांक)

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नवीनतम सूचंकांक के बारे में बात हुए श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संतोष गंगवार ने कहा कि  सीपीआई-आईडब्ल्यू में वृद्धि से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के अलावा संगठित क्षेत्र में काम करने वाले औद्योगिक श्रमिकों के वेतन /मजदूरी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वार्षिक मुद्रास्फीति में वृद्धि मुख्य कारण चावल, आलू, बैंगन, प्याज इत्यादि वस्तुओं की कीमतों में वृद्धिहै।

श्रम ब्यूरो के महानिदेशक श्री डीपीएस नेगी ने सूचकांक जारी करते हुए कहा कि अगस्त, 2020 के लिए जारी अखिल भारतीय सूचकांक पिछले महीने की तुलना में दो (02) अंकों की वृद्धि हुई है जो बढ़कर 338 हो गया है। वार्षिक मुद्रास्फीति की दर भी पिछले महीने में 5.33 प्रतिशत से बढ़कर 5.63 प्रतिशत हो गई, लेकिन एक साल इसी अवधि के दौरान यह 6.31 प्रतिशत थी।

सितंबर, 2020 के महीने के लिए सीपीआई-आईडब्ल्यू का अगला अंक शुक्रवार 29 अक्टूबर, 2020 को जारी किया जाएगा। यह कार्यालय की वेबसाइट www.labourbureaunew.gov.inपर भी उपलब्ध होगा।

 

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एमजी/एएम/ केजे


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