विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

एआरसीआई ने मिथाइल सेल्‍यूलोज के साथ 3डी प्रिंटिंग के जरिये सिरैमिक्‍स को आकार देने के लिए नए पर्यावरण के अनुकूल तरीका विकसित किया

Posted On: 05 JUN 2020 3:19PM by PIB Delhi

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी)के एक स्‍वायत्‍त अनुसंधान एवं विकास केंद्र इंटरनेशनल एडवांस्‍ड रिसर्च सेंटर फॉर पाउडर मेटलर्जी एंड न्‍यू मटेरियल्‍स (एआरसीआई) के वैज्ञानिकों ने अपने हालिया अध्ययन में 3डी प्रिंटिंग के जरिये सिरैमिक्‍स को आकार देने के लिए मिथाइलसेल्‍यूलोज (एमसी)की तापीय जेल विशेषता का उपयोग किया जो एक पर्यावरण के अनुकूल विधि है।

सिरैमिक को आमतौर पर पाउडर फॉर्मूलेशन से तैयार किया जाता हैजिसमें तापीय उपचार के बाद आकार देने वाली विभिन्‍न प्रक्रियाओं का इस्‍तेमाल किया जाता है। अधिकतर हाई-एंड अनुप्रयोगों में सूक्ष्म-विशेषताओं के साथ जटिल ज्यामितीयता की आवश्यकता होती हैजो सिरैमिक को आकार देने की प्रक्रिया की एक प्रमुख सीमा है। इसके अलावा, सिरैमिक्‍स की कठोरता और उसकी भंगुर प्रकृति के कारण मशीन के जरिये उसे अपेक्षित आकार देना कठिन है।

वर्चुअल डिजाइन के आधार पर 3डी प्रिंटिंग प्रक्रियाकरीबी तालमेल के साथ परत-दर-परत मुद्रण के लिए नोजल पथ को निर्धारित करती है जो लगभग शुद्ध आकार देने के लिए नई संभावनाएं प्रदान करती है। हालांकि3डी प्रक्रिया केवल आकार देने की प्रक्रिया हैऔर अंतिम नतीजा काफी हद तक संरचना और सूक्ष्‍म ढांचे पर निर्भर करती हैजो मुद्रण के बाद तापीय प्रसंस्करण द्वारा निर्धारित होती है। इसलिएप्रवाह गुणों के संबंध में प्रसंस्करण मापदंडों का अनुकूलन और दोष रहित सूक्ष्‍म ढांचे को जोड़ना चुनौतीपूर्ण रहा है।

एआरसीआई टीम ने मिथाइलसेल्‍युलोज (एमसी) की तापीय जेल विशेषताओं का उपयोग किया। एमसी एक रासायनिक यौगिक है जिसे सेल्‍युलोज से तैयार किया जाता है और इसका इस्‍तेमाल पेंट जैसे विभिन्न औद्योगिक उत्पादों में थिकनर और इमल्‍सीफायर के रूप में किया जाता है। इसने MgAl2O4 स्पिनल के साथ उन्नत सिरैमिक के 3डी प्रिंटिंग का प्रदर्शन किया। उन्होंने इस प्रक्रिया मेंयूवी आधारित विधियों के विपरीतएक सरल और पर्यावरण के अनुकूल हीटिंग तकनीक का प्रयोग किया है क्‍योंकि यूवी आधारित विधियों में विभिन्न पर्यावरणीय प्रभाव हो सकते हैं।

 जटिल चिपचिपाहटऔर तापमान के जरिये एमसी के 0.20 भार प्रतिशत के साथ स्पिनल तैयार किया गया। इस दौरान 35से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान पर चिपचिपाहट में वृद्धि को स्पष्ट तौर पर देखा गया जो जेल बनने की प्रक्रिया का संकेत देता है।  तापमान के साथ इस प्रकार के प्रयोग से हाइड्रॉफोबिक एसोसिएशन के बाद हाइड्रेटेड मैथॉक्सिल समूहों का निर्जलीकरण होता हैजिससे जेल नेटवर्क तैयार होता है।

 

() मिथाइल सेल्‍युलोज आधारित स्पिनेल में जटिल चिपचिपाहट का प्रदर्शन () 3डी प्रिंटेड नमूने

 

इन परिणामों के आधार परटीम ने शीयर-थिनिंग रिओलॉजी वाले 0.25 प्रतिशतसांद्रता के साथ मिथाइलसेल्‍युलोजके एक मोल्डेबल पेस्ट का उपयोग करके 3डी प्रिंटिंग तैयार किया। प्रिंटिंग के दौरान सभी घटकों को एयर हीटर के माध्यम से 45 से 60डिग्री सेल्सियस तापमान के संपर्क में रखा गया जिससे तापमान की एकरूपता सुनिश्चित हुई। प्रिंटेड नमूने को अपेक्षित आयाम के दायरे में पाया गया। 1650डिग्री सेल्सियसपर सिंटर्ड (कॉम्‍पैक्‍टेड और तापमान अथवा दबाव के जरिये पदार्थ को पिघलाए बिना ठोस रूप में परिवर्तित करना)भाग ने सैद्धांतिक मान का 98 प्रतिशत से अधिक घनत्व दर्शाया।

डीएसटी के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा, 'सस्ते प्रिंटर के उपयोग से तैयार 3डी प्रिंटिंग और वितरित विनिर्माण में कारोबार के काफी अवसर मौजूद है जिसे एमएसएमई द्वारा दोहन किया जा सकता है। अपेक्षित गुणों के साथ विभिन्न सामग्रियों (प्लास्टिक, सिरेमिक, धातु आदि) के साथ प्रिंटिंग तकनीकों की काफी अधिक मांग है।'

वर्तमान अध्ययन में दिखाया गया इन-सीटू ताप प्रेरित जेल बनाने की प्रक्रिया काफी लाभप्रद है क्योंकि मिथाइलसेल्‍युलोज का उपयोग केवल 0.25भार प्रतिशत की बहुत कम सांद्रता पर किया जाता है। इसके अलावाएआरसीआई द्वारा विकसित प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल है और पारंपरिक सिरैमिक प्रसंस्करण के मामले में प्रसंस्करण के बाद लचीलापन प्रदान करता है।

(अधिक जानकारी के लिएडॉ. पपिया विश्वास (papiya@arci.res.in)से संपर्क करें।)

 

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