रक्षा मंत्रालय
35 वर्ष से कम आयु के युवा वैज्ञानिकों को नवाचार और प्रमुख क्षेत्रों में अन्वेषण का अवसर दिया जाना चाहिए : डॉ. पी. के. मिश्रा
प्रविष्टि तिथि:
16 OCT 2019 5:46PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा ने कहा है कि 35 वर्ष से कम आयु के युवा वैज्ञानिकों को नवाचार और प्रमुख क्षेत्रों में अन्वेषण का अवसर दिया जाना चाहिए। वे आज नई दिल्ली में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के निदेशकों के 41वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ ने पांच युवा वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं स्थापित करके इस दिशा में शानदार काम किया है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि आवश्यकता, संसाधन और प्रासंगिकता ऐसे प्रमुख घटक हैं, जिनके आधार पर उभरती हुई प्रौद्योगिकियों का विकास संभव होता है तथा देश मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी मूल्यांकन और प्रौद्योगिकी पूर्वानुमान दो प्रमुख मानक हैं। भावी प्रौद्योगिकी इस बात से तय होगी कि उसे कौन आगे बढ़ा रहा है। जो इस क्षेत्र में पहले बढ़त हासिल करेगा, उसे ही आगे चलकर लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि युवा वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं को एकांकी होकर काम नहीं करना चाहिए। उन्हें संबंधित क्षेत्रों के अनुसंधानकर्ताओं के साथ मिलकर काम करना चाहिए और उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव ने कहा कि जब हम ईको-सिस्टम की बात करते हैं, तो हमें केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके मद्देनजर हमें युवा वैज्ञानिकों को काम करने की आजादी देनी चाहिए, ताकि वे बिना किसी बोझ के आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि नई प्रौद्योगिकियों के विकास और उनके उपयोग से संतुष्ट होकर बैठना ठीक नहीं है। हमें इस क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करना है। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन वैज्ञानिकों ने जो प्रस्तुतिकरण दिया है, उससे स्पष्ट होता है कि ये युवा वैज्ञानिक डीआरडीओ की अनुसंधान और विकास गतिविधियों को नई ऊंचाइयां प्रदान करेंगे।
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आर.के.मीणा/आरएनएम/एएम/एकेपी/सीएस-3652
(रिलीज़ आईडी: 1588364)
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