सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय

श्री नितिन गडकरी ने चमड़ा कारीगरों के बीच खादी के उपकरण किट वितरित किए

प्रविष्टि तिथि: 24 SEP 2019 7:34PM by PIB Delhi

दिल्ली और उसके पड़ोसी इलाकों से आने वाले चमड़ा कारीगरों के लिए ये किसी सपने के सच होने जैसा था जब केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री (एमएसएमई) श्री नितिन गडकरी ने उन्हें चर्म चिकित्सक कहकर पुकारा और नई दिल्ली में आज खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के तत्वावधान में आयोजित एक कार्यक्रम में करीब 150 चमड़ा कारीगरों के बीच आधुनिक चमड़ा उपकरण किट वितरित किए।

महात्मा गांधी के 150वें जन्मवर्ष के जलसे के अंतर्गत आयोजित अवसर पर बोलते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि चमड़ा उद्योग गावों के अग्रणी उद्योगों में से एक है और चमड़े के शिल्प में रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं, विशेषतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में। उन्होंने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने 'अंत्योदय' और 'स्वावलंबन' के विचारों को प्रकट किया है। इसके पीछे का विचार यह है कि चमड़े के कारीगरों को सूक्ष्म वित्तीय सहायता के साथ समर्थन दिया जाए ताकि वे बाजार की ज़रूरत के मुताबिक चमड़े के उत्पादों का उत्पादन शुरू कर सकें। श्री गडकरी ने कहा कि अब से उन्हें 'चर्म चिकित्सक' के तौर पर जाना जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत पिछले 3 सालों में अब तक 419 इकाइयां स्थापित की हैं।

श्री गडकरी ने कहा कि हमारे समाज में सामाजिक और आर्थिक समानता सिर्फ भाषणों से नहीं आएगी बल्कि असली कार्यवाही करने की वजह से आएगी। चमड़ा कारीगरों के बीच उपकरण किट वितरित करना ऐसी ही एक कार्यवाही है। यह महात्मा गांधी के विचारों की मूल भावना के प्रति वास्तविक समर्पण है। हम आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। अब 400 रेलवे स्टेशनों पर चाय के लिए कुल्हड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे कुम्हारों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने चमड़ा कारीगरों से भी अनुरोध किया कि वे अपने उत्पादन की गुणवत्ता को बेहतर करें और उन्हें आश्वस्त किया कि इस संबंध में सरकार उन्हें पूरा वित्तीय सहयोग देगी।

हाशिये पर पड़े इस समुदाय के उत्थान में खादी और ग्रामोद्योग आयोग के प्रयासों की सराहना करते हुए श्री गडकरी ने कहा कि आने वाले दिनों में चमड़ा कला और शिल्प उद्योग,खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अंतर्गत गांव के सबसे महत्वपूर्ण उद्योगों में साबित होगा और इस क्षेत्र का खोया हुआ गौरव फिर लौटेगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने चमड़ा कला और शिल्प उद्योग के समग्र विकास के लिए 25 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता दी है।

 

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष श्री विनय कुमार सक्सेना ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि महात्मा गांधी के स्वावलंबन के सिद्धांत और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समावेशी विकास के मंत्र में विश्वास रखते हुए केवीआईसी समाज के आखिरी इंसान के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। इन कार्यक्रमों से हम हाशिये पर पड़े लोगों की ज़िंदगियों में बदलाव ला सकते हैं। इससे न सिर्फ चर्म चिकित्सकों की आय कई गुना बढ़ जाएगी बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और स्वीकार्यता भी मिलेगी। उन्होंने जानकारी दी कि मौजूदा वित्त वर्ष में प्रशिक्षित चर्म चिकित्सकों के बीच खादी और ग्रामोद्योग आयोग 70,000 और चमड़ा उपकरण किट वितरित करेगा।

नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी और पूर्व राज्य सभा सांसद के. सी. त्यागी ने भी इस कार्यक्रम में अपना संबोधन दिया।

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आर के मीणा/आरएनएम/एएम/जीबी-

 


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