प्रविष्टि तिथि:
01 JUL 2019 3:38PM by PIB Delhi
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भारत की विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए ट्रांस-विषयी अनुसंधान योजना (स्ट्राइड) नामक नई योजना की मंजूरी दी है। मोटे तौर पर स्ट्राइड उन अनुसंधान परियोजनाओं की मदद करेगी, जो सामाजिक रूप से प्रासांगिक हो, स्थानीय रूप से जरूरत आधारित हो, राष्ट्रीय रूप से प्रमुख और वैश्विक रूप से महत्वपूर्ण हों। स्ट्राइड अनुसंधान क्षमता निर्माण के साथ-साथ बुनियादी, अनुप्रयुक्त और परिवर्तनकारी कार्य अनुसंधान में मदद करेगी, जो समग्र मानव विकास पर ध्यान केन्द्रित करते हुए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में योगदान दे सकती है। यह योजना नये विचारों, अवधारणाओं और सार्वजनिक भलाई तथा नागरिक समाज के सजृन, विकास और एकीकरण में भी मदद करेगी।
केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि स्ट्राइड योजना कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अनुसंधान संस्कृति और नवाचार को मजबूत बनाने के साथ-साथ छात्रों और शिक्षकों को सामूहिक अनुसंधान की सहायता से भारत की विकासशील अर्थव्यवस्था में योगदान देने में मदद करेगी। मानविकी और मानव विज्ञानों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए यह योजना भारतीय भाषाओं और ज्ञान प्रणालियों पर गुणवत्ता युक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने में भी सहायता प्रदान करेगी।
ट्रांस-विषयी अनुसंधान विभिन्न विषयों के अन्वेषकों का सामूहिक प्रयास है, जो सामान्य समस्या से निपटने के लिए विषय-निर्दिष्ट दृष्टिकोण को एकीकृत और स्थानांतरित करता है। ट्रांस-विषयी अनुसंधान ज्ञान के उत्पादन से भी आगे जाकर शैक्षणिक प्रयासों से बाहर ज्ञान के व्यावहारिक उपयोग का विस्तार करता है। ट्रांस-विषयी अनुसंधान ज्ञान परिदृश्य से अलग बौद्धिक ढांचे की एकता का सृजन करता है और विभिन्न हितधारकों को शामिल करके विषयों की सीमा से आगे जाकर समस्याओं के बारे में अनुसंधान करता है।
स्ट्राइड के उद्देश्य :
स्ट्राइड के उद्देश्यों में युवा प्रतिभा की पहचान, अनुसंधान संस्कृति को मजबूत बनाना, क्षमता निर्माण, नवाचार को बढ़ावा और भारत की विकासशील अर्थव्यवस्था तथा राष्ट्रीय विकास के लिए ट्रांस-विषयी अनुसंधान में मदद करना शामिल है। इसके अलावा मानविकी और मानव विज्ञानों के बहुसंस्थागत नेटवर्क, उच्च प्रभाव अनुसंधान परियोजनाओं को धन उपलब्ध कराना है।
स्ट्राइड के घटक:
स्ट्राइड के घटकों में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अनुसंधान और नवाचार की योग्यता के आधार पर प्रेरित युवा प्रतिभाओं की पहचान करना है। स्थानीय, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और वैश्विक समस्याओं के नवाचार समाधानों के लिए परामर्श, पोषण और मदद द्वारा युवा प्रतिभाओं के लिए विविध विषयों में अनुसंधान क्षमता निर्माण उपलब्ध कराना है। मुख्य रूप से सामाजिक नवाचार और कार्य अनुसंधान की मदद से समस्या समाधान कौशल को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों की भलाई में सुधार के साथ-साथ भारत की विकासशील अर्थव्यवस्था में योगदान प्राप्त होगा। विश्वविद्यालयों, सरकार, स्वैच्छिक संगठनों और उद्योगों में इस योजना के तहत सहयोग को प्रोत्साहन मिलेगा।
स्ट्राइड योजना प्रमुख संस्थानों से प्रख्यात वैज्ञानिकों के राष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से मानविकी और मानव विज्ञान के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करने में उच्च प्रभाव अनुसंधान परियोजनाओं की पहचान करने के लिए धन उपलब्ध कराएगी। योजना के घटकों के तहत दर्शन, इतिहास, पुरातत्व, भाषा विज्ञान, कला, भारतीय भाषा और संस्कृति, भारतीय ज्ञान प्रणालियां, कानूनी शिक्षा, पत्रकारिता, जनसंचार, वाणिज्य, प्रबंधन, पर्यावरण और सतत विकास जैसे विषय धन प्राप्त करने के पात्र हैं। मानविकी में गुणवत्ता युक्त उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए विशेषज्ञों की पहचान करने का प्रावधान है, जिन्हें प्रस्ताव को विकसित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
यूजीसी ने उपाध्यक्ष प्रोफेसर भूषण पटवर्धन की अध्यक्षता में एक सलाहकार समिति गठित की है। इस समिति को इस योजना की पूरी देखरेख करनी है। योजना का विवरण यूजीसी की वेबसाइट पर 08 जुलाई, 2019 से उपलब्ध होगा। अनुदान का अवार्ड परियोजना प्रस्ताव की योग्यता पर आधारित होगा। स्ट्राइड योजना प्रस्तावों का सावधानीपूर्वक विशेषज्ञ समितियों द्वारा आकलन किया जाएगा। अंतिम रूप से छांटे गए आवेदकों को प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव श्री आर. सुब्रह्मण्यम ने बताया कि राष्ट्रीय नवाचार प्रतिष्ठान के पास 608 जिलों के 3 लाख से अधिक तकनीकी विचारों का एक डेटाबेस है। स्ट्राइड योजना छात्रों और शिक्षकों को भारत की विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए ज्ञान संसाधनों का पता लगाने के लिए सहयोगी अनुसंधान करने में मदद करेगी। यूजीसी के अध्यक्ष प्रोफेसर डी.पी. सिंह ने कहा कि स्ट्राइड अभिनव अनुसंधान परियोजनाओं को सहायता प्रदान करेगा जो सामाजिक रूप से प्रासंगिक हैं, स्थानीय रूप से आवश्यकता आधारित हैं, राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख और वैश्विक रूप से महत्वपूर्ण हैं। यूजीसी के वाइस चेयरमैन प्रोफेसर भूषण पटवर्धन ने कहा कि स्ट्राइड के सभी घटक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ट्रांस-विषयी अनुसंधान संस्कृति को मजबूत करने में मदद करेंगे।
****
आर.के.मीणा/आरएनएम/एएम/आईपीएस/वाईबी