रक्षा मंत्रालय
भारी बर्फबारी के चलते लेह और लाहौल घाटी में फंसे पर्यटकों को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) मानवीय सहायता प्रदान कर रहा है
प्रविष्टि तिथि:
26 SEP 2018 2:53PM by PIB Delhi
हिमाचल प्रदेश में 22 से 24 सितम्बर के बीच हुई भारी बारिश और ऊंचाई वाले जगहों पर समय से पहले हुए हिमपात तथा बादल फटने के कारण राज्य के अधिकतर हिस्से तबाह हो गये हैं। कुल्लू जिला तथा लाहौल स्पीति सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। रोहतांग दर्रा, लाहौल तथा स्पीति घाटी में हुई भारी बर्फबारी के कारण इसका संपर्क अन्य हिस्सों से टूट गया है जिस कारण बड़ी संख्या में लेह तथा लाहौल घाटी में गये पर्यटक बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। ये पर्यटक कई जगहों पर फंसे हुए हैं।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने विभिन्न मार्गों को साफ करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है। आज प्रोजेक्ट रोहतांग सुरंग से मेजर शशि चौहान तथा कैप्टन आशीष सिंह लाल के नेतृत्व में बचाव दल को तैनात किया गया है ताकि शिशु और लाहौल घाटी के कोकसर तक सड़कों को साफ किया जा सके। इसके लिए 38बीआरटीएफ की 70 आरआरसी भी लगातार प्रयास कर रही है। शाम तक रोहतांग सुरंग के जरिए शिशु और कोकसर से 300 लोगों को सुरक्षित निकालकर लाहौल घाटी से मनाली के सोलंग तक पहुंचाया गया। सुरक्षित निकाले गये लोगों में आईआईटी मंडी, आईआईटी रूडकी, गुवाहाटी और मुम्बई के शिक्षक और छात्र सहित ट्रेकिंग पर आये कुछ विदेशियों के अलावा हिमाचल प्रदेश के स्थानीय नागरिक भी शामिल हैं।
रोहतांग सुरंग में सुरक्षित निकाले गये लोगों को बीआरओ द्वारा चिकित्सीय सहायता मुहैया कराने के अलावा जलपान भी प्रदान कराया गया। बचाये गये लोगों को मनाली और उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जा चुका है।
फंसे हुए पर्यटकों को लाहौल घाटी से लेकर मनाली तक सुरक्षित पहुंचाने में बीआरओ द्वारा तैयार की गई रोहतांग सुरंग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अगले कुछ दिनों तक बचाव प्रयास तब तक जारी रहेगा जब तक फंसे हुए सभी लोगों को लाहौल और स्पीति घाटी से सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता है।
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वीके/आर.के.मीणा /एएम/केजे/एस-10366
(रिलीज़ आईडी: 1547350)
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