रेल मंत्रालय
भारतीय रेलवे अपनी संपत्तियों की निगरानी, रखरखाव और प्रबंधन के लिए जीआईएस पोर्टल का उपयोग करने की योजना बना रहा है
परस्पर सहयोग के लिए रेल मंत्रालय और इसरो के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए
सैटेलाइट की मदद से रेलवे सभी स्टेशनों के आसपास नए अतिक्रमण की पहचान करेगा
जीआईएस प्लेटफार्म पर भारतीय रेल की संपत्ति की जीपीएस आधारित जानकारी दिसंबर, 2018 तक पूरा होने की उम्मीद
प्रविष्टि तिथि:
22 MAR 2018 11:44AM by PIB Delhi
भारतीय रेलवे के पास में काफी संपत्ति है जिसमें भू-संपत्ति भी शामिल है और इसकी प्रभावी ढंग से निगरानी तथा प्रबंधन किया जाना बेहद जरूरी है। चूंकि रेलवे के संचालन में अंतरिक्ष-संबंधी कवरेज काफी व्यापक है, इसलिए जीआईएस मैपिंग का उपयोग भारतीय रेलवे की संपत्ति के बेहतर प्रबंधन के लिए किया जा सकता है।
भारतीय रेलवे की सभी परिसंपत्तियों का खाका तैयार किया जाना है और इसका प्रयोग बाद में भारतीय रेलवे के जीआईएस पोर्टल विकसित करने के लिए किया जाएगा। भारतीय रेलवे की परिसंपत्तियों का जीपीएस आधारित खाका तैयार करने का कार्य प्रगति पर है जिसमें जीआईएस प्लेटफॉर्म पर भू-संपत्ति भी शामिल है और दिसंबर 2018 तक इसके पूरे होने की उम्मीद है। इसके लिए रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं और सीआरआईएस इस एप्लीकेशन को विकसित कर रहा है।
इस एप्लीकेशन में भारतीय रेलवे की भूमि संबधित योजनाओं को सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए देखा जा सकता है। इसरो के भूवन प्लेटफार्म से सैटेलाइट तस्वीरों को लिया जा रहा है। रेलवे और इसरो के बीच विभिन्न चरणों में आपसी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। जीआईएस पोर्टल को विकसित करने के बाद, सैटेलाइट तस्वीरों की तुलना करके स्टेशन के चारों ओर नए अतिक्रमण की पहचान की जा सकती है जिसे इसरो द्वारा नियमित अंतराल के बाद अपडेट किया जा रहा है।
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वीएल/एएम/केजे/डीए –7166
(रिलीज़ आईडी: 1525797)
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