सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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व्यावसायिक जोखिमों से सुरक्षित आजीविका की ओर


नमस्ते योजना के माध्यम से गरिमापूर्ण स्वच्छता कार्य की दिशा में एक यात्रा

प्रविष्टि तिथि: 06 NOV 2026 8:50PM by PIB Delhi

श्री रमेश कुमार (बदला हुआ नाम) के लिए नमस्ते योजना केवल सुरक्षा उपकरणों का एक सेट उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रही है। इसने अधिक सुरक्षा और गरिमा के साथ काम करने की उनकी क्षमता को मजबूत किया है। उनका अनुभव उन स्वच्छता कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा, सुरक्षा संबंधी जागरूकता और सहायता उपलब्ध कराने के महत्व को दर्शाता है, जिनकी सेवाएं सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

60 वर्ष की आयु में, पुडुचेरी के अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले स्वच्छता कर्मी श्री रमेश कुमार ने यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्रवाई (नमस्ते) योजना के माध्यम से अपनी कार्य परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव का अनुभव किया है। उनकी यात्रा स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य और गरिमा को सुनिश्चित करने में व्यावसायिक सुरक्षा, सुरक्षात्मक उपकरणों और जागरूकता के महत्व को रेखांकित करती है।

पुडुचेरी नगर पालिका में 15 वर्षों से अधिक समय से सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई का कार्य करने वाले श्री रमेश कुमार ने पर्याप्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के बिना खतरनाक परिस्थितियों में वर्षों तक काम किया था।

खतरनाक कचरे के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण उन्हें बार-बार त्वचा संक्रमण और सांस लेने में परेशानी होती थी। इससे लगातार काम करने की उनकी क्षमता प्रभावित हुई और चिकित्सा खर्च भी बढ़ गया। पांचवीं कक्षा तक पढ़े श्री रमेश चार सदस्यों के परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण काम में रुकावट और चिकित्सा खर्चों ने परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाला।

वर्ष 2025 में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की नमस्ते योजना के तहत सहायता मिलने से उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आया। उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की एक संपूर्ण किट प्रदान की गई, जिसमें सुरक्षात्मक ओवरऑल, मजबूत दस्ताने, गमबूट, फेस मास्क और सुरक्षा हेलमेट शामिल थे। उन्हें सुरक्षित स्वच्छता कार्यप्रणालियों और व्यावसायिक स्वास्थ्य जोखिमों की रोकथाम के संबंध में जागरूकता प्रशिक्षण भी दिया गया।

 

इस सहायता से उनके रोजमर्रा के कामकाज में सकारात्मक बदलाव आया। सुरक्षात्मक उपकरणों की उपलब्धता और सुरक्षा संबंधी कार्यप्रणालियों के प्रति बेहतर जागरूकता के कारण वे अधिक सुरक्षा और आत्मविश्वास के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में सक्षम हुए। उनके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ, काम से अनुपस्थित रहने की अवधि कम हुई और चिकित्सा खर्चों में भी कमी आई।

स्वास्थ्य और काम में नियमितता में सुधार से उनकी आर्थिक स्थिरता भी बेहतर हुई। सहायता मिलने से पहले उनकी मासिक आय लगभग 12,000 रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 16,000 से 18,000 रुपये हो गई है। इससे उन्हें घरेलू खर्चों को पूरा करने और अपने परिवार का भरण-पोषण जारी रखने में मदद मिली है।

 

 

पीके/केसी/आरटी/एके


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