प्रविष्टि तिथि:
01 NOV 2026 7:21PM by PIB Delhi
इस नई पीढ़ी की स्लीपर ट्रेन की शुरुआत से यात्रियों को बेंगलुरु और मुंबई के बीच यात्रा के लिए एक अतिरिक्त आधुनिक, आरामदायक और कुशल विकल्प उपलब्ध होगा। इस सेवा से पेशेवरों, उद्यमियों, व्यावसायिक यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यह कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण क्षेत्रीय केन्द्रों के बीच रेल संपर्क को भी मजबूत करेगी।

जनवरी 2026 में हावड़ा-गुवाहाटी कॉरिडोर पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेवाओं की शुरुआत और कल वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाए जाने के बाद, बेंगलुरु-मुंबई सेवा आधुनिक रात्रिकालीन रेल यात्रा के नेटवर्क का और विस्तार करती है तथा यात्री-केंद्रित परिवहन के प्रति भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को और भी मजबूती प्रदान करती है।

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि यह सेवा देश की आईटी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु को उसकी वित्तीय राजधानी मुंबई से जोड़ेगी। यह ट्रेन आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और गुंतकल; कर्नाटक के रायचूर, यादगीर और कलबुर्गी तथा महाराष्ट्र के सोलापुर, पुणे और कल्याण से होकर गुजरेगी। इससे उत्तर कर्नाटक के कई क्षेत्रों को बेहतर रात्रिकालीन रेल संपर्क उपलब्ध होगा, जिन्हें पहले प्रीमियम और विश्वस्तरीय रेल सेवाओं की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कर्नाटक के लिए अगली वंदे भारत स्लीपर सेवा बेंगलुरु से शुरू होगी। यह ट्रेन राज्य के उत्तरी हिस्सों को हुबली क्षेत्र से जोड़ते हुए पुणे और मुंबई की ओर जाएगी।
केन्द्रीय मंत्री ने आगे घोषणा की कि मार्ग पर विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने और सफल परीक्षण के बाद अगले कुछ सप्ताह में बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। इस सेवा से बेंगलुरु और तटीय कर्नाटक के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह नई सेवा क्षेत्र को तेज, अधिक आरामदायक और विश्वस्तरीय रेल संपर्क उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कर्नाटक में यात्रियों की आवाजाही को बेहतर बनाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में आधुनिक रेलवे बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों तथा उच्च गति वाली रेल सेवाओं के विस्तार के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कर्नाटक में उच्च गति वाली रेल कनेक्टिविटी के विस्तार और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने तथा आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए नए रेल कॉरिडोर के विकास के बारे में बताया। यात्रा के समय में होने वाली संभावित कमी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेंगलुरु-चेन्नई की यात्रा में केवल 73 मिनट लगेंगे, जबकि बेंगलुरु-हैदराबाद के बीच की यात्रा लगभग 2 घंटे 10 मिनट में पूरी होगी।
केन्द्रीय मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने कर्नाटक, विशेष रूप से उत्तर कर्नाटक में रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए रेल मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने रेलवे बुनियादी ढ़ांचे के विकास के लिए धनराशि के आवंटन में हुई वृद्धि के बारे में बताया और कर्नाटक में रेलवे विकास कार्यों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की सराहना की। श्री जोशी ने जोर देकर कहा कि इस व्यापक निवेश से न सिर्फ अवसंरचना का विस्तार हुआ है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि कवच सुरक्षा प्रणाली लागू किए जाने के बाद रेल दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है और यह 135 से घटकर 16 रह गई है। उन्होंने दुर्घटनाओं की संख्या शून्य तक लाने के स्पष्ट संस्थागत लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने नई वंदे भारत सेवाओं की शुरुआत और अतिरिक्त उच्च गति वाले रेल कॉरिडोर की घोषणा का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से यात्रियों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा और पूरे कर्नाटक में आधुनिक रेल सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी।
केन्द्रीय मंत्री श्री एच. डी. कुमारस्वामी ने बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सेवा की शुरुआत, बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच प्रस्तावित वंदे भारत रेल संपर्क तथा बेंगलुरु को पुणे से जोड़ने वाली नियोजित रेल सेवा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न सिर्फ कर्नाटक के लोगों को, बल्कि बेंगलुरु में रहने वाले पश्चिम बंगाल, असम और बिहार जैसे राज्यों के बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों को भी लाभ होगा। साथ ही, इनसे यात्रियों की सुविधा और क्षेत्रीय रेल संपर्क में सुधार होगा।
रेल राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने कर्नाटक में रेलवे के बुनियादी ढ़ांचे में हुए महत्वपूर्ण बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य में काफी समय से लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने, रेल संपर्क को मजबूत करने और यात्री सुविधाओं में सुधार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग ₹52,000 करोड़ की रेलवे बुनियादी ढ़ांचे विकास संबंधी परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उन्होंने रेल मंत्री द्वारा रेल सेवाओं को बहाल करने, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण में तेजी लाने तथा बेंगलुरु, जिला मुख्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण केन्द्रों में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

दो प्रमुख आर्थिक और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ना
नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन सूचना प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा और उद्यमिता के प्रमुख केंद्र बेंगलुरु और देश की वित्तीय तथा वाणिज्यिक राजधानी मुंबई के बीच एक महत्वपूर्ण रात्रिकालीन रेल संपर्क स्थापित करेगी।
दोनों महानगरीय केंद्रों के बीच पेशेवरों, उद्यमियों, छात्रों, व्यावसायिक यात्रियों और परिवारों का बड़े पैमाने पर आवागमन होता है। यह नई सेवा यात्रियों को यात्रा का एक अतिरिक्त सुविधाजनक विकल्प प्रदान करेगी, जिससे वे रातभर में लंबी दूरी की यात्रा कर अगले दिन अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
यह ट्रेन अपने मार्ग पर अनंतपुर, गुंतकल, रायचूर, यादगीर, वाडी, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण सहित महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों को जोड़ेगी। इससे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा तथा महत्वपूर्ण वाणिज्यिक, शैक्षणिक और क्षेत्रीय केंद्रों तक पहुंच बेहतर होगी।
यह ट्रेन एसएमवीटी बेंगलुरु से 19:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन 11:55 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई पहुंचेगी। वापसी में यह सीएसएमटी से 20:10 बजे रवाना होगी और अगले दिन 12:00 बजे एसएमवीटी बेंगलुरु पहुंचेगी। यह सेवा सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। बेंगलुरु से चलने वाली ट्रेन सोमवार को और मुंबई से चलने वाली ट्रेन मंगलवार को संचालित नहीं होगी।
रात्रिकालीन समय-सारणी से यात्रियों को दोनों महानगरीय केंद्रों के बीच आरामदायक यात्रा करते हुए अपने दिन के समय का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करने में मदद मिलेगी। मार्ग में पड़ने वाले शहरों और कस्बों के यात्रियों को भी आधुनिक रेल यात्रा का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा।
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाया जाना आधुनिक अवसंरचना, उन्नत प्रौद्योगिकी और बेहतर रेल संपर्क के माध्यम से यात्री परिवहन में बदलाव लाने के भारतीय रेलवे के निरंतर प्रयासों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारतीय रेलवे एक आधुनिक, कुशल, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित परिवहन नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देने के साथ-साथ महानगरीय केंद्रों को उभरते क्षेत्रीय केंद्रों से जोड़े।
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पीके/केसी/आरटी/पीकेपी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2331353)
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