स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने एम्स, नई दिल्ली में विशेष अभियान 6 के अंतर्गत स्वच्छता पहलकदमियों की समीक्षा की; रोगियों और तीमारदारों के लिए नवनिर्मित आश्रय का निरीक्षण किया
श्री नड्डा ने स्वच्छता अभियान के अंतर्गत एम्स की स्वच्छता, साफसफाई और कचरा प्रबंधन पहलकदमियों की समीक्षा की
एम्स, नई दिल्ली में नवनिर्मित ‘आश्रय’ 897 रोगियों और तीमारदारों को ठहरने के लिए सुरक्षित और गरिमापूर्ण स्थल उपलब्ध कराने के अलावा उन्हें मौसमों की कठिनाइयों से बचाएगा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वच्छता कर्मियों से संवाद किया; स्वच्छ और स्वास्थ्यकर स्वास्थ्यसेवा सुविधाओं को बनाए रखने में उनके योगदान को सराहा
प्रविष्टि तिथि:
29 OCT 2026 5:58PM by PIB Delhi
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली का दौरा किया। उन्होंने संस्थान में विशेष अभियान 6 के अंतर्गत चलाई गई स्वच्छता, साफसफाई और कचरा प्रबंधन पहलकदमियों की समीक्षा की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने अपने इस दौरे में एम्स ट्रॉमा सेंटर विस्तार परिसर में नवनिर्मित रोगी प्रतीक्षा लाउंज का निरीक्षण भी किया। इस लाउंज को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), गाजियाबाद ने अपनी कॉरपोरेट सामाजिक जवाबदेही (सीएसआर) पहलकदमी के अंतर्गत विकसित किया है। इसे रोगियों और उनके परिचारकों के लिए आश्रय के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। श्री नड्डा ने संस्थान में स्चछता कर्मियों के साथ संवाद भी किया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को 'स्वच्छता अभियान' के तहत 'एम्स' द्वारा की गई पहलों के बारे में जानकारी दी गई। इसमें मुख्य रूप से साफ-सफाई, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और संस्थान परिसर के रखरखाव पर ध्यान केंद्रित किया गया।

विशेष अभियान 6 के अंतर्गत स्वच्छता और संवहनीय तरीकों को सुदृढ़ करना
नई दिल्ली के 'एम्स' ने स्वच्छता और साफ-सफाई को बेहतर बनाने के लिए कई बेहतरीन तरीके अपनाए हैं। इनमें 'गैंग वॉशिंग', इमरजेंसी और ओपीडी शौचालयों के लिए समर्पित सफाई कर्मचारी, दिन के अंत में ओपीडी की सफाई, सफाई कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण, समय पर वेतन का भुगतान तथा सफाई सामग्री और मशीनीकृत सफाई उपकरणों की निगरानी शामिल है।
संस्थान ने जल और ऊर्जा संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यहाँ 11 अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र हैं, जिनमें ऑनलाइन निगरानी और स्मार्ट मीटरिंग की सुविधा है। यहाँ उपचारित अपशिष्ट जल का लगभग 19.6 लाख लीटर हिस्सा रोज़ाना बागवानी के लिए फिर से इस्तेमाल किया जाता है। ऊर्जा संरक्षण के उपायों, जिनमें वातानुकूलन (एयर-कंडीशनिंग) का इष्टतम उपयोग और आवश्यकता न होने पर उपकरणों को बंद करना शामिल है, इसके परिणामस्वरूप बिजली की खपत में 7.68 लाख कि.वा.घंटा की कमी दर्ज की गई है, जो 10.5 प्रतिशत की गिरावट दिखाता है। 2024 की इसी अवधि की तुलना में, जनवरी-अक्टूबर 2025 के दौरान बिजली के खर्च में लगभग 1.98 करोड़ रुपये की कमी आई है।

संवहनीय गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए, 'एम्स' मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए परिसर के भीतर 40 मुफ्त इलेक्ट्रिक वाहन शटल सेवाएं चलाता है। परिसर में स्मार्ट निगरानी सिस्टम द्वारा संचालित 30 ईवी चार्जर और चार स्थानों पर 114 समर्पित पावर प्वाइंट भी उपलब्ध हैं।
ये पहलें 'विशेष अभियान 6' के अंतर्गत स्वच्छता को संस्थागत बनाने, संसाधनों की कार्यक्षमता में सुधार करने तथा एक स्वच्छ, संवहनीय और मरीजों के अनुकूल स्वास्थ्य सेवा परिवेश बनाए रखने के प्रति 'एम्स' की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
'आश्रय' सुविधा का निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद, श्री नड्डा ने मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए तैयार की गई अवसंरचना और सुविधाओं का निरीक्षण करने के लिए 'एम्स ट्रॉमा सेंटर एक्सटेंशन कैंपस' में नए निर्मित रोगी प्रतीक्षालय का दौरा किया। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), गाजियाबाद ने अपनी सीएसआर पहल के तहत इस सुविधा का निर्माण किया है। इसका कुल निर्मित क्षेत्र 2,970 वर्ग मीटर है और इसमें 897 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इस इमारत में प्राथमिक और द्वितीयक प्रतीक्षा क्षेत्र, प्रवेश और निकास द्वार, रैंप, शौचालय और अन्य सहायक सुविधाएं मौजूद हैं।

इस तैयार सुविधा को 'आश्रय शेल्टर' के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव है, ताकि इलाज के लिए एम्स आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों और उनके तीमारदारों को सुरक्षित, गरिमापूर्ण और मौसम से सुरक्षित अस्थायी आवास प्रदान किया जा सके। इसके प्रस्तावित उपयोग से अस्थायी तंबू वाले शेल्टरों के स्थान पर एक स्थाई और ढका हुआ विकल्प मिलेगा। इससे आराम और स्वच्छता में सुधार होगा। साथ ही, इससे मरीजों और उनके साथ आने वाले लोगों को अस्पताल के आसपास खुली जगहों पर रुकने की जरूरत भी कम हो जाएगी।
एम्स वर्तमान में 'आश्रय' को 24 घंटे चलने वाली एक मानवीय आश्रय सुविधा के रूप में संचालित करता है, जो मुख्य रूप से दिल्ली के बाहर से आने वाले मरीजों और उनके साथ आए लोगों की मदद करती है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने नई दिल्ली स्थित 'एम्स' में सफाई कर्मचारियों से बातचीत की और अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने में उनकी भूमिका को सराहा। इस बातचीत ने फ्रंटलाइन सफाई कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने के महत्व को रेखांकित किया, जिनके प्रयास एक स्वच्छ, सुरक्षित और स्वच्छ स्वास्थ्य सेवा वातावरण सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

इस दौरे ने सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में निरंतर स्वच्छता प्रयासों, प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाओं के महत्व को फिर से रेखांकित किया। 'विशेष अभियान 6' के माध्यम से, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय इस बात पर जोर दे रहा है कि स्वच्छता को एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया के रूप में संस्थागत रूप दिया जाना चाहिए। इसमें कुशल प्रबंधन, सामूहिक जिम्मेदारी और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में मरीजों की जरूरतों को केंद्र में रखने वाला दृष्टिकोण शामिल है।
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पीके/केसी/आरटी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2330201)
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