रक्षा मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

भारत-दक्षिण कोरिया द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास में भाग लेने के लिए आईएनएस सह्याद्रि बुसान पहुंचा

प्रविष्टि तिथि: 28 OCT 2026 4:58PM by PIB Delhi

भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित- निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस- सह्याद्रि 26 अक्टूबर, 2026 को भारत-दक्षिण कोरिया नौसेना (आईएन-आरओकेएन) द्विपक्षीय अभ्यास में भाग लेने के लिए दक्षिण कोरिया के बुसान नौसैनिक बंदरगाह पहुंचा। यह यात्रा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग को मजबूत करने और दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

दक्षिण कोरिया की नौसेना (आरओकेएन) ने आईएनएस सह्याद्रि का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह स्वागत भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते सहयोग तथा दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।

बंदरगाह चरण के दौरान दोनों नौसेनाओं के कर्मी पेशेवर संवाद, एक-दूसरे के युद्धपोतों का दौरा, संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियों और खेल आयोजनों में भाग लेंगे। इन गतिविधियों से परिचालन संबंधी अनुभवों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान में मदद मिलेंगी। इसके साथ ही इससे आपसी समझ और पेशेवर सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा।

आईएनएस सह्याद्रि के कमांडिंग अधिकारी दक्षिण कोरियाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। बंदरगाह चरण के बाद समुद्र में समन्वित समुद्री गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें आईएनएस सह्याद्रि और दक्षिण कोरियाई नौसेना के पोत आरओकेएस मुनमु द ग्रेट भाग लेंगे। इन गतिविधियों से परिचालन समन्वय को मजबूत करने, अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाने और दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंधों को और सुदृढ़ करने के अवसर मिलेंगे।

यह अभ्यास भारत और दक्षिण कोरिया के समुद्री सहयोग को मजबूत करने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा में योगदान देने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह पेशेवर संवाद और परिचालन सहयोग के माध्यम से मित्र देशों की नौसेनाओं के साथ दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने के भारतीय नौसेना के निरंतर प्रयासों को भी दर्शाता है।

 

********

पीके/केसी/आरटी/पीसी/ओपी


(रिलीज़ आईडी: 2329618) आगंतुक पटल : 111
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Tamil