कोयला मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

कोयला मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने 'विशेष स्वच्छता अभियान 6' के तहत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं; 130.16 लाख वर्ग फुट क्षेत्र की सफाई की गई और कबाड़ (स्क्रैप) के निपटान से 53.94 करोड़ रुपये की कमाई हुई

प्रविष्टि तिथि: 26 OCT 2026 4:35PM by PIB Delhi

स्वच्छता और ई-कचरा (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) प्रबंधन को संस्थागत रूप देने के लिए देशव्यापी स्तर पर एक बड़ा अभियान चलाते हुए, कोयला मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सीपीएसईएस (केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों) ने 'विशेष स्वच्छता अभियान 6' के अंतर्गत उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए हैं। इस पहल से कार्यालय में काफी जगह खाली हुई है, कचरा प्रबंधन के जरिए अच्छी कमाई हुई है, और रिकॉर्ड रखने के तरीकों को बेहतर बनाया गया है, जिससे काम की जगह अधिक स्वच्छ और उत्पादक बनी है।

31 अक्टूबर तक चले इस अभियान के दौरान, सीपीएसईएस ने 1,565 स्थानों की सफाई का लक्ष्य रखा था, लेकिन इस दौरान 1,696 स्थानों की सफाई पूरी की गई। इसमें कुल 130.16 लाख वर्ग फुट का बड़ा क्षेत्र शामिल है, जो 101.80 लाख वर्ग फुट के निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक है।

कार्यस्थल के वातावरण को बदलने के अलावा, कचरा प्रबंधन के जरिए इस अभियान से आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ भी हुए हैं। कुल 16,158 मीट्रिक टन कबाड़ का निपटान किया गया, जो 10,909 मीट्रिक टन के अनुमानित लक्ष्य से अधिक है। इस बड़े पैमाने पर कबाड़ के निपटान से सरकारी खजाने में 53,94,62,602.45 रुपये (लगभग 53.94 करोड़ रुपये) की कमाई हुई।

इसके अलावा, रिकॉर्ड प्रबंधन और डिजिटलीकरण के प्रयासों से प्रशासनिक कार्यक्षमता में काफी सुधार हुआ है। अधिकारियों ने 59,593 फाइलों के लक्ष्य के मुकाबले 78,635 फिजिकल और ई-फाइलों की समीक्षा की। इनमें से कुल 70,093 फाइलों को हटा दिया गया या समाप्त कर दिया गया, जो कामकाज और कार्यालय प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

स्वच्छता और टिकाऊ प्रशासनिक कार्यप्रणाली को संस्थागत रूप देने के अपने संकल्प को मजबूत करते हुए, कोयला मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सीपीएसईएस स्वच्छता संबंधी नई पहलों और जगह के प्रभावी प्रबंधन के जरिए नए मानक स्थापित कर रहे हैं। इस अभियान के दौरान अपनाई गई कुछ प्रमुख बेहतरीन कार्यप्रणालियाँ इस प्रकार हैं:

  1. एसईसीएल मुख्यालय में रीसाइकल किए गए कबाड़ का इस्तेमाल करके ई-कचरे को इकट्ठा करने के लिए एक कचरा पेटी बनाई गई है। इलेक्ट्रॉनिक कचरे को व्यवस्थित तरीके से इकट्ठा करने और अलग-अलग करने के लिए रखे गए इस कचरा पेटी से, ई-कचरे के "प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान" के अभियान उद्देश्य के अनुरूप, कचरे का सही ढंग से निपटान करने में सहायता मिलती है।

 

  1. सीआईएल मुख्यालय कैंटीन का आधुनिकीकरण: लगभग 10 वर्षों तक चले व्यापक नवीनीकरण के बाद, इसका नाम बदलकर 'सिलेंट्रो' रखा गया। इसका 05.10.2026 को उद्घाटन किया गया। इस परियोजना के अंतर्गत कैंटीन के बुनियादी ढांचे और वातावरण को बेहतर बनाया गया, ताकि कर्मचारियों के लिए एक स्वच्छ, आरामदायक और अनुकूल भोजन परिवेश सुनिश्चित किया जा सके।

 

  1. डब्ल्यूसीएल द्वारा जनजातीय लड़कियों के लिए शैक्षिक सहायता: माता सबरी बालिका आवासीय शिक्षा परिसर (परासिया, छिंदवाड़ा) में, डब्ल्यूसीएल ने 160 से अधिक छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए शैक्षिक और बुनियादी सुविधाओं में सहायता प्रदान की। ये छात्राएं मुख्य रूप से जनजातीय और खनन क्षेत्रों के समुदायों से आती हैं।

 

  1. डब्ल्यूसीएल द्वारा बच्चों के लिए 'कचरे से चमत्कार' कार्यशालाएं: रचनात्मक पुन:उपयोग को प्रोत्साहित करने, कचरे को कंचन में बदलने और प्रारंभिक पर्यावरणीय दायित्व की भावना पैदा करने के लिए बच्चों के लिए वार्तालाप की कार्यशालाएं आयोजित की गईं।

 कार्यस्थल पर मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देना: सीआईएल मुख्यालय में सैनिटरी नैपकिन बिक्री मशीनें लगाई गई हैं, ताकि महिला कर्मचारियों और आगंतुकों को मासिक धर्म स्वच्छता उत्पाद आसानी से प्राप्त हो सकें। इससे एक समावेशी और महिलाओं के अनुकूल कार्य-वातावरण को बढ़ावा मिलता है।

 

***

पीके/केसी/आरटी/एमकेएस/

 


(रिलीज़ आईडी: 2328598) आगंतुक पटल : 59
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Tamil