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सीसीपीए ने भ्रामक विज्ञापनों और वॉकी-टॉकी की गैर-अनुपालन बिक्री के खिलाफ कार्रवाई तेज की  


सीसीपीए ने वॉकी-टॉकी के भ्रामक विज्ञापनों के लिए होगर टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशन एलएलपी पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 16,970 से अधिक गैर-अनुपालन प्रविष्टियों की पहचान हुई; 13 ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस जारी किए गए

विज्ञापनों में परिचालन आवृत्ति, लाइसेंस आवश्यकताएं और अन्य आवश्यक नियमावली की जानकारी स्पष्ट रूप से बताना जरूरी है, ताकि उपभोक्ता सही निर्णय ले सकें

सीसीपीए ने 12 संस्थाओं के खिलाफ अंतिम आदेश पारित किए हैं, वॉकी-टॉकी से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए कुल 58 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया

प्रविष्टि तिथि: 25 OCT 2026 4:28PM by PIB Delhi

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने 'होगर टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशन एलएलपी' पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने वॉकी-टॉकी के भ्रामक विज्ञापन दिए और ऐसी उत्पाद प्रविष्टि की, जिनमें परिचालन आवृत्ति, लाइसेंस आवश्यकता जैसी जरूरी नियामक जानकारी नहीं दी गई थी। यह आदेश सीसीपीए ने 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019' के तहत जारी किया है, जिसकी अध्यक्षता मुख्य आयुक्त श्रीमती निधि खरे और आयुक्त श्री अनुपम मिश्रा कर रहे थे।

यह कार्रवाई सीसीपीए द्वारा उन भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ की जा रही है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों पर वॉकी-टॉकी (व्यक्तिगत मोबाइल रेडियो) की प्रविष्टि, विज्ञापन और बिक्री से जुड़े हैं।

सीसीपीए ने पाया कि नियामक जरूरतों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी

अपने हाल के आदेश में, सीसीपीए ने 'होगर टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशन एलएलपी' की वेबसाइट पर मौजूद विभिन्न वॉकी-टॉकी मॉडल के विज्ञापनों और उत्पाद प्रविष्टि की जांच की। प्राधिकरण ने पाया कि इन प्रविष्टियों में उपकरण की परिचालन आवृत्ति, लाइसेंस की जरूरतें और जरूरी नियामक मंजूरियों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। ऐसी जानकारी छिपाने से उपभोक्ता गुमराह हो सकते हैं और उन्हें लग सकता है कि इन उपकरण को बिना किसी अपेक्षित सरकारी मंजूरी के कानूनी रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।

‘लो पावर और वैरी लो पावर वाले शॉर्ट-रेंज रेडियो आवृति उपकरण (लाइसेंस की आवश्यकता से छूट) नियम, 2018' के तहत, 446.0–446.2 मीहर्ट्ज़ की निर्धारित आवृति सीमा में काम करने वाले व्यक्तिगत मोबाइल रेडियो को, कुछ शर्तों के साथ, लाइसेंस लेने की आवश्यकता से छूट दिया गया है। इस छूट वाली आवृति सीमा के बाहर काम करने वाले अन्य वायरलेस रेडियो आवृति उपकरण पर संबंधित नियामक नियम लागू होते हैं।

कार्रवाई के दौरान, कंपनी ने बताया कि उसके पास एक वैध 'डीलर पजेसिंग लाइसेंस' (डीपीएल) है और उसके उपकरण 'उपकरण प्रकार मंजूरी’ (ईटीए) प्रमाणन के दायरे में आते हैं। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि उसकी वेबसाइट मुख्य रूप से जानकारी देने और संभावित ग्राहकों को जुटाने के लिए है और इस पर सीधे ऑनलाइन लेन-देन की सुविधा नहीं है।

कंपनी के तर्कों, जांच के नतीजों और रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद, सीसीपीए ने कहा कि नियामक मंजूरियां होने का मतलब यह नहीं है कि विज्ञापन देने वाला व्यक्ति उपभोक्ताओं को खरीदारी से पहले सटीक, पूरी और महत्वपूर्ण जानकारी देने की अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाता है।

वेबसाइट के जरिए उत्पादों का प्रचार भी उपभोक्ता संरक्षण नियमों के दायरे में आता है

सीसीपीए ने आगे कहा कि अगर किसी वेबसाइट पर ऑनलाइन पेमेंट गेटवे या शॉपिंग कार्ट की सुविधा नहीं है, तो भी वहां किए गए प्रचार 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019' के तहत 'भ्रामक विज्ञापनों' के दायरे में आ सकते हैं। विज्ञापनों और उत्पादों की प्रविष्टि में लागू नियामक नियमों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए, चाहे उत्पाद अंततः किसी भी तरीके से बेचे जाएं।

प्राधिकरण ने गौर किया कि परिचालन आवृति और लाइसेंस नियमों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी न देने से उपभोक्ता उन शर्तों को लेकर गुमराह हो सकते हैं, जिनके तहत विज्ञापित उपकरण को कानूनी रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसी जानकारी छिपाने से उपभोक्ताओं को कानूनी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, और वे सही जानकारी के आधार पर खरीदारी का फैसला नहीं ले पाएंगे।

इस आधार पर, सीसीपीए ने पाया कि मेसर्स होगर टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशन एलएलपी का आचरण 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019' के उन प्रावधानों का उल्लंघन है, जो भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं से संबंधित हैं।

वॉकी-टॉकी की ऑनलाइन प्रविष्टि के खिलाफ सीसीपीए की कार्रवाई

सीसीपीए ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर वॉकी-टॉकी की बड़े पैमाने पर प्रविष्टि और बिक्री का स्वतः संज्ञान लिया था, जिसमें जरूरी विनियामक जानकारी नहीं दी गई थी। जांच के दौरान, विभिन्न प्लेटफॉर्म पर 16,970 से अधिक ऐसी प्रविष्टियां मिलीं, जो नियमों का पालन नहीं कर रही थीं। इसके बाद, अमेज़न, फ्लिपकार्ट, मीशो, मेटा (फेसबुक मार्केटप्लेस), जियोमार्ट, इंडियामार्ट और ट्रेडइंडिया समेत 13 ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस जारी किए गए।

प्राधिकरण ने अब तक 12 कंपनियों के खिलाफ अंतिम आदेश जारी किए हैं। वॉकी-टॉकी से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए इन पर कुल 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें अमेज़न सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड, मीशो प्राइवेट लिमिटेड, मेटा प्लेटफॉर्म्स और ट्रेडइंडिया (इन्फोकॉम नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड) में से प्रत्येक पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है। इसके अलावा, जियोमार्ट (रिलायंस रिटेल लिमिटेड), चिमिया, मास्कमैन टॉयज, टॉक प्रो (आइकॉनेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड), संचार वायरलेस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, अंतरिक्ष टेक्नोसिस प्राइवेट लिमिटेड और होगर टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशन एलएलपी में से प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

कुछ कंपनियों ने सीसीपीए के आदेशों और शुरू की गई कार्यवाही को न्यायिक पीठों में चुनौती दी है। अमेज़न सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड ने प्राधिकरण के आदेशों को चुनौती देते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। मेटा प्लेटफॉर्म्स और ट्रेडइंडिया (इन्फोकॉम नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड) ने 10-10 लाख रुपये के जुर्माने वाले आदेशों के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) में अपील की है। ट्रेडइंडिया के मामले में, एनसीडीआरसी ने कंपनी को जुर्माने की रकम जमा करने का निर्देश दिया है। इंडियामार्ट इंटरमेश लिमिटेड ने भी सीसीपीए की कार्यवाही को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है, जबकि यह मामला अभी भी प्राधिकरण के पास विचाराधीन है।

सीसीपीए ने पारदर्शी विनियामक जानकारी देने के महत्व पर जोर दिया

सीसीपीए ने फिर दोहराया कि वॉकी-टॉकी के विज्ञापनों और उत्पाद प्रविष्टि में परिचालन आवृति, अपेक्षित लाइसेंस आवश्यकताओं और अन्य महत्वपूर्ण विनियामक जानकारियों का स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए, ताकि उपभोक्ता सही जानकारी के आधार पर अपना फैसला ले सकें। इस तरह का खुलासा उन उत्पादों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिनके कानूनी उपयोग के लिए कुछ विशिष्ट विनियामक शर्तें लागू होती हैं।

प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने, भ्रामक विज्ञापनों को रोकने और अनुचित व्यापार प्रथाओं से निपटने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह विशेष रूप से उन उत्पादों के संदर्भ में है, जिनमें विनियामक अनुपालन और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े पहलू शामिल होते हैं।

अंतिम आदेश सीसीपीए की वेबसाइट https://ccpa.doca.gov.in/ पर उपलब्ध है।

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पीके / केसी / आरटी / जेके       


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