सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
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एनएचएआई ने धूल-नियंत्रण के कड़े उपाय और राष्ट्रीय राजमार्गों को तेजी से जाम-मुक्त बनाकर समूचे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपाय मजबूत किए

प्रविष्टि तिथि: 22 OCT 2026 4:47PM by PIB Delhi

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने शीत ऋतु के आगमन से पहले दिल्ली-एनसीआर (राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर वायु प्रदूषण नियंत्रण मजबूत बनाने के लिए धूल नियंत्रण उपायों के लिए लगभग 60 वाटर स्प्रिंकलर (जल छिड़काव) और टैंकर, 14 एंटी-स्मॉग गन (प्रदूषण नियंत्रण उपकरण जिसका उपयोग हवा में मौजूद धूल और हानिकारक कणों को बैठने और हवा को साफ करने के लिए किया जाता है), 23 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें, दो ट्रैक्टर-माउंटेड ब्रूमर और 900 से अधिक श्रमिक तैनात किए हैं। इसके अतिरिक्त, दिल्ली एनसीआर के भीतर 157 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्सों पर 13 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन (आधुनिक यांत्रिक वाहन उपकरण जिसका उपयोग धूल, मिट्टी, कंकड़ और कचरा साफ करने के लिए किया जाता है संचालित हो रहे हैं।

एनएचएआई के तकनीकी सदस्य श्री आलोक दीपांकर ने प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा की और मैदानी टीमों को उपकरणों, श्रमिकों और पानी के छिड़काव की पूर्ण तैनाती, एंटी-स्मॉग गन के नियमित संचालन और दैनिक मैकेनिकल स्वीपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा स्थापित मानदंडों के सख्त अनुपालन पर भी जोर दिया, जिसमें निर्माण सामग्री को ढकना, धूल मुक्त सड़क सतहों का रखरखाव और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना) के अनुसार कड़े उपाय  करना शामिल हैं। एनएचएआई के अधिकारियों को दैनिक गतिविधियों की निगरानी करने और भौगोलिक स्थिति अंकित तस्वीरों के साथ प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

एनएचएआई ने पर्यावरणीय पहल के रूप में, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 9.52 लाख के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 9.80 लाख पौधे लगाए हैं, जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक की उत्तरजीविता दर रही है। इसके अलावा, दिल्ली के लैंडफिल स्थलों से लगभग 13.58 लाख टन अक्रिय सामग्री का उपयोग यूईआर-II और डीएनडी-सोहना कॉरिडोर के तटबंध निर्माण में किया गया है, जो संवहनीय अपशिष्ट उपयोग दर्शाता है।

समीक्षा में शहरी विस्तार सड़क-II, द्वारका एक्सप्रेसवे, डीएनडी-सोहना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे सहित प्रमुख यातायात सुगमीकरण परियोजनाओं को भी शामिल किया गया, जो दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यातायात भीड़-भाड़ और वाहन उत्सर्जन कम करने में मदद कर रही हैं। प्रस्तावित यातायात सुगमता परियोजनाएं की त्वरित प्रगति और ग्रीन दिल्ली ऐप तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्राप्त सार्वजनिक शिकायतों के त्वरित निवारण पर भी जोर दिया गया।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण धूल प्रदूषण कम करने, वायु गुणवत्ता में सुधार लाने और सुगम यातायात सुविधा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

एंटी-स्मॉग गन संचालन

यांत्रिक सड़क सफाई

वृक्षारोपण

निष्क्रिय सामग्री से बनाया गया तटबंध

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पीके/केसी/आरटी/एकेवी/एमपी


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