सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पी अल एफ एस) के मासिक बुलेटिन – सितंबर 2026 पर प्रेस नोट
शहरी क्षेत्रों में श्रम बल और रोजगार में भागीदारी में वृद्धि
अक्टूबर 2025 के बाद शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी उच्चतम स्तर पर पहुँची
समग्र बेरोजगारी दर साल-दर-साल गिरावट के बीच स्थिर रही
प्रविष्टि तिथि:
15 OCT 2026 4:00PM by PIB Delhi
मुख्य बिंदु (Snapshot):
सितंबर 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की समग्र श्रम बल भागीदारी दर (एल एफ पी आर) 55.5% रही। सितंबर 2025 की तुलना में इसमें 0.2 प्रतिशत बिन्दु की वृद्धि दर्ज की गई।
शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की श्रम बल भागीदारी दर अगस्त 2026 के 50.4% से बढ़कर सितंबर 2026 में 50.7% हो गई।
15 वर्ष और अधिक आयु की महिलाओं की समग्र श्रम बल भागीदारी दर सितंबर 2026 में बढ़कर 34.6% हो गई। गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में इसमें 0.5 प्रतिशत बिन्दु की वृद्धि हुई।
इसी अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में महिला श्रम बल भागीदारी दर में 1.0 प्रतिशत बिन्दु की वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर 38.9% हो गई।
सितंबर 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की समग्र श्रमिक-जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यू पी आर) बढ़कर 52.7% हो गई। सितंबर 2025 की तुलना में इसमें 0.3 प्रतिशत बिन्दु की वृद्धि हुई।
सितंबर 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की समग्र बेरोजगारी दर (यू आर) 5.0% पर स्थिर रही। इसमें सितंबर 2025 की तुलना में 0.2 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज की गई।
ग्रामीण महिलाओं की बेरोजगारी दर सितंबर 2026 में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 0.4 प्रतिशत बिन्दु की गिरावट के साथ घटकर 3.9% रह गई, जो वर्ष 2026 में अब तक का सबसे न्यूनतम स्तर है।
(अ) प्रस्तावना
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एम ओ एस पी आई) के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एन एस ओ) द्वारा संचालित आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पी एल एफ एस), श्रम बल में भागीदारी तथा रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति से संबंधित आँकड़ों का प्रमुख स्रोत है। देश में श्रम बल से जुड़े प्रमुख संकेतकों के मासिक और त्रैमासिक अनुमान उपलब्ध कराने के लिए जनवरी 2025 से इस सर्वेक्षण की पद्धति में बदलाव किए गए हैं।
आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पी एल एफ एस) के मासिक परिणाम मासिक बुलेटिन के रूप में जारी किए जाते हैं। इन बुलेटिनों में अखिल भारतीय स्तर पर, श्रम बल भागीदारी दर (एल एफ पी आर), श्रमिक-जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यू पी आर) और बेरोजगारी दर (यू आर) जैसे प्रमुख श्रम बाजार संकेतकों के अनुमान प्रस्तुत किए जाते हैं। ये अनुमान वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सी डब्ल्यू एस) पद्धति पर आधारित होते हैं।
अप्रैल 2025 से अगस्त 2026 तक के मासिक बुलेटिन पहले ही जारी किए जा चुके हैं। सितंबर 2026 का वर्तमान मासिक बुलेटिन इस श्रृंखला का अठारहवाँ बुलेटिन है।
वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सी डब्ल्यू एस) के अनुसार 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों से संबंधित प्रमुख निष्कर्ष:
- शहरी क्षेत्रों में श्रम बल भागीदारी दर (एल एफ पी आर) में वृद्धि
15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की समग्र श्रम बल भागीदारी दर (एल एफ पी आर) सितंबर 2026 में 55.5% के साथ मुख्यतः स्थिर रही। अगस्त 2026 में भी यह दर 55.6% के साथ लगभग समान स्तर पर रही। ग्रामीण क्षेत्रों में श्रम बल भागीदारी दर अगस्त 2026 के 58.2% से घटकर सितंबर 2026 में 58.0% दर्ज की गई। वहीं, शहरी क्षेत्रों में इसमें 0.3 प्रतिशत बिन्दु की वृद्धि दर्ज हुई और यह अगस्त 2026 के 50.4% से बढ़कर सितंबर 2026 में 50.7% हो गई।
पिछले एक वर्ष के दौरान समग्र श्रम बल भागीदारी दर में 0.2 प्रतिशत बिन्दु की वृद्धि दर्ज की गई। यह सितंबर 2025 के 55.3% से बढ़कर सितंबर 2026 में 55.5% हो गई। इसी अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों की श्रम बल भागीदारी दर 57.4% से बढ़कर 58.0% हो गई, जो 0.6 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्शाती है। इसके विपरीत, शहरी क्षेत्रों में यह दर 50.9% से मामूली रूप से घटकर 50.7% रह गई, जो 0.2 प्रतिशत अंक की गिरावट है।

[सितंबर 2026 में शहरी क्षेत्रों की श्रम बल भागीदारी दर में पिछले महीने की तुलना में 0.3 प्रतिशत अंक का सुधार दर्ज किया गया और यह बढ़कर 50.7% हो गई]
- शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी में उल्लेखनीय सुधार:
सितंबर 2026 में महिलाओं की समग्र श्रम बल भागीदारी दर (एल एफ पी आर) 34.6% रही, अगस्त 2026 में यह 34.8% थी। शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर में महीने-दर-महीने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। यह अगस्त 2026 के 25.4% से 0.5 प्रतिशत बिन्दु बढ़कर सितंबर 2026 में 25.9% हो गई। यह अक्टूबर 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर अगस्त 2026 के 39.4% से घटकर सितंबर 2026 में 38.9% दर्ज की गई।
पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में सितंबर 2026 में महिलाओं की समग्र श्रम बल भागीदारी दर में 0.5 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई। यह सितंबर 2025 के 34.1% से बढ़कर सितंबर 2026 में 34.6% हो गई। इसी अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर में 1.0 प्रतिशत बिन्दु की वृद्धि दर्ज की गई। यह सितंबर 2025 के 37.9% से बढ़कर सितंबर 2026 में 38.9% हो गई। दूसरी ओर, शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर लगभग 26% के आसपास स्थिर रही। सितंबर 2025 में यह 26.1% थी, जो सितंबर 2026 में मामूली रूप से घटकर 25.9% रह गई।

[ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1.0 प्रतिशत बिन्दु की वृद्धि दर्ज की गई। सितंबर 2026 में यह दर बढ़कर 38.9% हो गई]
- शहरी क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं, दोनों की रोजगार में भागीदारी बढ़ी
समग्र श्रमिक-जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यू पी आर) सितंबर 2026 में 52.7% रहा, जो अगस्त 2026 के 52.8% का लगभग समान स्तर है। शहरी क्षेत्रों में श्रमिक-जनसंख्या अनुपात अक्टूबर 2025 के बाद के उच्चतम स्तर 47.2% पर पहुँच गया। इस सुधार का प्रभाव पुरुषों और महिलाओं, दोनों में देखने को मिला। शहरी पुरुषों का श्रमिक-जनसंख्या अनुपात अगस्त 2026 के 70.7% से बढ़कर सितंबर 2026 में 71.0% हो गया। इसी अवधि में शहरी महिलाओं का यह अनुपात 23.2% से बढ़कर 23.5% हो गया। इसके विपरीत, ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिक-जनसंख्या अनुपात में महीने-दर-महीने मामूली गिरावट दर्ज की गई। यह अगस्त 2026 के 55.8% से सितंबर 2026 में घटकर 55.5% दर्ज किया गया।
समग्र श्रमिक-जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यू पी आर) में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 0.3 प्रतिशत बिन्दु की वृद्धि दर्ज की गई। यह सितंबर 2025 के 52.4% से बढ़कर सितंबर 2026 में 52.7% हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिक-जनसंख्या अनुपात 0.7 प्रतिशत अंक बढ़कर 54.8% से 55.5% हो गया, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह लगभग 47% के आसपास स्थिर रहा। इसी अवधि में अखिल भारतीय स्तर पर पुरुषों का श्रमिक-जनसंख्या अनुपात 0.4 प्रतिशत बिन्दु बढ़कर 73.6% हो गया। वहीं, महिलाओं के श्रमिक-जनसंख्या अनुपात में 0.5 प्रतिशत बिन्दु की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 32.8% हो गया।



[सितंबर 2026 में शहरी क्षेत्रों में रोजगार में भागीदारी मजबूत हुई। अगस्त 2026 की तुलना में पुरुषों और महिलाओं, दोनों के श्रमिक-जनसंख्या अनुपात में 0.3 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई]
- समग्र बेरोजगारी दर स्थिर रही:
15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की समग्र बेरोजगारी दर (यू आर) सितंबर 2026 में, अगस्त 2026 के समान 5.0% पर स्थिर रही। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर अगस्त 2026 के 4.1% से मामूली बढ़कर सितंबर 2026 में 4.2% हो गई। वहीं, शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 6.8% से बढ़कर 6.9% दर्ज की गई।
सितंबर 2025 की तुलना में सितंबर 2026 में समग्र बेरोजगारी दर (यू आर) में 0.2 प्रतिशत बिन्दु की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 5.0% रह गई। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर सितंबर 2025 के 4.6% से घटकर सितंबर 2026 में 4.2% हो गई। इसमें 0.4 प्रतिशत बिन्दु की गिरावट आई। वहीं, शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर लगभग स्थिर रही। यह सितंबर 2025 के 6.8% से मामूली बढ़कर सितंबर 2026 में 6.9% हो गई।

[ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 0.4 प्रतिशत बिन्दु की गिरावट दर्ज की गई और यह सितंबर 2026 में 4.2% रही]
- पुरुषों और महिलाओं, दोनों की बेरोजगारी दर में वार्षिक गिरावट दर्ज की गई:
15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों की समग्र बेरोजगारी दर सितंबर 2026 में 4.9% पर स्थिर रही। यह अगस्त 2026 के समान स्तर पर रही। जून 2026 से पुरुषों की बेरोजगारी दर में लगातार गिरावट या स्थिरता का रुझान बना हुआ है। शहरी क्षेत्रों में पुरुषों की बेरोजगारी दर अगस्त 2026 के 6.1% से घटकर सितंबर 2026 में 6.0% हो गई। महिलाओं की समग्र बेरोजगारी दर भी सितंबर 2026 में लगभग स्थिर रही। अगस्त 2026 में यह 5.1% थी, जो सितंबर 2026 में मामूली बढ़कर 5.2% हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की बेरोजगारी दर सितंबर 2026 में 3.9% रही, जो वर्ष 2026 में अब तक का सबसे न्यूनतम स्तर है। इसके विपरीत, शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की बेरोजगारी दर अगस्त 2026 के 8.9% से मामूली बढ़कर सितंबर 2026 में 9.2% हो गई।
पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना से यह पता चलता है कि सितंबर 2026 में पुरुषों की समग्र बेरोजगारी दर में 0.2 प्रतिशत बिन्दु की गिरावट आई है और यह घटकर 4.9% रह गई। इसी अवधि में महिलाओं की समग्र बेरोजगारी दर में 0.3 प्रतिशत बिन्दु की गिरावट दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में यह गिरावट विशेष रूप से देखने को मिली। जहां पुरुषों की बेरोजगारी दर सितंबर 2025 के 4.7% से घटकर सितंबर 2026 में 4.4% हो गई। वहीं, महिलाओं की बेरोजगारी दर 4.3% से घटकर 3.9% रह गई।


[इस प्रकार, ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं, दोनों की बेरोजगारी दर में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में गिरावट दर्ज की गई]
पुरुषों और महिलाओं, दोनों की बेरोजगारी दर में पिछले वर्ष की तुलना में कमी आई। ग्रामीण महिलाओं की बेरोजगारी दर सितंबर 2026 में 3.9% रही, जो वर्ष 2026 में अब तक का सबसे निचला स्तर है।
यह सर्वेक्षण सितंबर 2026 के मासिक अनुमान, अखिल भारतीय स्तर पर कुल 3,70,513 व्यक्तियों से प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वेक्षित व्यक्तियों की संख्या: 2,11,333
शहरी क्षेत्रों में सर्वेक्षित व्यक्तियों की संख्या: 1,59,180
सितंबर 2026 का मासिक बुलेटिन मंत्रालय की वेबसाइट https://www.mospi.gov.in पर उपलब्ध है।
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पीके/केसी/आरटी
(रिलीज़ आईडी: 2324050)
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