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पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान ने भारत के बुनियादी ढांचे में बदलाव के पांच वर्ष पूरे किए


पीएम गतिशक्ति 58 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करते हुए 1,800 से अधिक डेटा परतों को एकीकृत करती है

नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप ने 20.23 लाख करोड़ रुपये की 400 से अधिक आधारभूत परियोजनाओं का मूल्यांकन किया

पीएम गतिशक्ति का जिला स्तर और सामाजिक क्षेत्र की योजना तक विस्तार; एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाएगा

प्रविष्टि तिथि: 13 OCT 2026 4:59PM by PIB Delhi

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अक्टूबर 2021 में आरंभ की गई पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस एनएमपी) योजना के पांच वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह देश में एकीकृत बुनियादी ढांचा नियोजन और विकास के क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।

पीएम गतिशक्ति भू-स्थानिक डिजिटल प्लेटफॉर्म को आत्मनिर्भर भारत के तहत भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। मंत्रालयों/विभागों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच तालमेल स्थापित करने की परिकल्पना के साथ, पीएम गतिशक्ति ने भू-स्थानिक डेटा को एकीकृत करके, समन्वित निर्णय लेने की प्रक्रिया को सुगम बनाकर तथा बहु-माध्यमीय, अंतर-माध्यमीय और अंतिम छोर तक संपर्क सुविधा मजबूत करके बुनियादी ढांचे की योजना बनाने के लिए सरकार का समग्र दृष्टिकोण स्थापित किया है। पिछले पांच वर्षों में यह पहल एक एकीकृत डिजिटल नियोजन प्लेटफॉर्म से विकसित होकर व्यापक भू-स्थानिक नियोजन पारिस्थितिकी तंत्र बन गई है, जो बुनियादी ढांचे, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र के विकास में सहायक है।

पीएम गतिशक्ति डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 1,800 से अधिक डेटा लेयर को एकीकृत किया गया है, जिसमें 58 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। इस प्लेटफॉर्म ने 65 से अधिक सॉफ्टवेयर मॉड्यूल/टूल और 100 से अधिक मोबाइल और वेब एप्लिकेशन के विकास तथा एकीकरण को भी सुगम बनाया है, जिससे पूरे देश में डेटा-आधारित बुनियादी ढांचा नियोजन मजबूत हुआ है।

नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) ने पीएम गतिशक्ति के सिद्धांतों के आधार पर लगभग 20.23 लाख करोड़ रुपये की 400 से अधिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का मूल्यांकन किया। मूल्यांकन की इस रूपरेखा में बहु-माध्यमीय बुनियादी ढांचे की एकीकृत योजना और विकास, आर्थिक एवं सामाजिक केंद्रों तक अंतिम छोर की संपर्क सुविधा, अंतर-माध्यमीय संपर्क, संचालन दक्षता में सुधार तथा परियोजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन पर जोर दिया गया है। नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप ने सरकार के समग्र दृष्टिकोण को संस्थागत रूप दिया है।

पीएम गतिशक्ति का विस्तार पारंपरिक बुनियादी ढांचा नियोजन से आगे बढ़कर सामाजिक क्षेत्र के विकास और क्षेत्र-आधारित नियोजन तक हुआ है। इस पहल को क्रमिक रूप से जिला स्तर तक विस्तारित किया गया, जिससे स्थानीय सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए एकीकृत योजना बनाने में सहायता मिली। इसमें जिला स्तर पर सड़कें, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं, जल पाइपलाइन और अन्य आवश्यक सेवाएं शामिल हैं।

पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेटफॉर्म को यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस के माध्यम से सितंबर 2025 में शुरू किया गया था। इससे निजी संस्थाओं और आम जनता को डेटा विश्लेषण से जुड़ी चुनिंदा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। नॉलेज मैनेजमेंट सिस्टम, डिसेंट्रलाइज्ड डेटा अपलोडिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम और पीएमजीएस-एनएमपी डैशबोर्ड ने ज्ञान साझा करने, डेटा गवर्नेंस, विकेंद्रीकृत डेटा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की निगरानी को और मजबूत बनाया है।

वर्ष 2021-22 में आरंभ होने के बाद से, पीएम गतिशक्ति ने आधार स्थापित करने, विस्तार करने, गहनता लाने, डिजिटलीकरण करने और पहुंच बढ़ाने के क्रमिक चरणों द्वारा प्रगति की है। वर्ष 2022-23 के दौरान, बुनियादी ढांचे से जुड़े आठ प्रमुख मंत्रालयों को इस योजना में शामिल किया गया और 71 परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया। वर्ष 2023-24 में, 1,463 डेटा लेयर और सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करते हुए सामाजिक क्षेत्र का एकीकरण किया गया।

वर्ष 2024-25 के दौरान, आर्थिक क्षेत्र का एकीकरण किया गया, जिला मास्टर प्लान आरंभ किया गया और 121 परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया। वर्ष 2025-26 में, पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेटफॉर्म/यूजीआई, केएमएस, डीयूएमएस और डैशबोर्ड शुरू किए गए। फरवरी 2026 तक 352 परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया।

वर्ष 2026 में, लगभग 1,800 डेटा लेयर, 65 से अधिक टूल और 100 से अधिक एप्लिकेशन के एकीकरण के साथ ही 20.23 लाख करोड़ रुपये की 421 परियोजनाओं का मूल्यांकन किया जा चुका है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा एकीकृत परिवहन और संचालन प्राधिकरण को भी मंजूरी दी गई है।

पिछले पांच वर्षों में, पीएम गतिशक्ति ने एकीकृत राष्ट्रीय नियोजन ढांचे की स्थापना से आगे बढ़कर बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय विकास के लिए व्यापक भू-स्थानिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है। डेटा एकीकरण, संस्थागत समन्वय, परियोजनाओं के मूल्यांकन, डिजिटल टूल और जिला स्तर पर नियोजन द्वारा यह पहल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अधिक एकीकृत दृष्टिकोण को निरंतर समर्थन प्रदान कर रही है।

एकीकृत दीर्घकालिक परिवहन नियोजन के लिए पीएम गतिशक्ति की पूर्ण क्षमता का उपयोग करने के उद्देश्य से, सरकार ने परिवहन और संचालन के व्यापक क्षेत्रों में अनुसंधान, नियोजन, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को मजबूत करने के लिए एकीकृत परिवहन और संचालन प्राधिकरण (आईटीएलए) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसकी स्थापना बहु-माध्यमीय बुनियादी ढांचे की संपर्क सुविधा मजबूत करने, बुनियादी ढांचे की दक्षता में सुधार करने, संचालन लागत कम करने और भारत की वैश्विक संचालन प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विकसित भारत 2047 की दृष्टि योजना के साथ आगे बढ़ते भारत में, पीएम गतिशक्ति समन्वित बुनियादी ढांचा नियोजन, बहु-माध्यमीय संपर्क और संचालन दक्षता में सुधार का ढांचा प्रदान करती है। इससे एकीकृत, कुशल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप परिवहन एवं संचालन पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में योगदान मिल रहा है।

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पीके/केसी/आरटी/एकेवी/केएस


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