ग्रामीण विकास मंत्रालय
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ग्रामीण विकास मंत्रालय पहली बार दिल्ली-एनसीआर से बाहर विजयवाड़ा में आयोजित कर रहा राष्ट्रीय सरस मेला 2026


आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से 13 से 31 अक्टूबर तक आयोजित हो रहा राष्ट्रीय सरस मेला,  30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 1,500 से अधिक महिला उद्यमी लेंगी भाग

माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 15 अक्टूबर को राष्ट्रीय सरस मेले का उद्घाटन करेंगी

प्रविष्टि तिथि: 12 OCT 2026 7:33PM by PIB Delhi

ग्रामीण विकास मंत्रालय, आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से पहली बार दिल्ली-एनसीआर से बाहर विजयवाड़ा में राष्ट्रीय सरस मेला 2026 का आयोजन कर रहा है। यह मेला 13 से 31 अक्टूबर 2026 तक विजयवाड़ा के पुन्नमी घाट पर आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी 1,500 से अधिक महिला उद्यमी भाग लेंगी। भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 15 अक्टूबर को मेले का उद्घाटन करेंगी।

इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल श्री एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री कोनिडेला पवन कल्याण, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राम मोहन नायडू, ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान और भारी उद्योग एवं इस्पात राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।

आंध्र प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), एसईआरपी तथा एनआरआई सशक्तीकरण एवं संबंध मंत्री श्री कोंडापल्ली श्रीनिवास, स्वास्थ्य मंत्री श्री सत्य कुमार यादव, सांसद श्री केसिनेनी शिवनाथ और ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री रोहित कंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस आयोजन में शामिल होंगे।

ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर

राष्ट्रीय सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन, बिक्री और विपणन के अवसर उपलब्ध कराना है।

यह आयोजन दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के उद्देश्यों के अनुरूप है। यह प्रधानमंत्री के वर्ष 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के प्रयासों को भी बढ़ावा देगा।

मेले में सरस आजीविका गैलरी के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही ई-सरस (eSARAS) डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन उत्पादों को ऑनलाइन बाजार से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।

देश के विभिन्न राज्यों की कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पाद होंगे आकर्षण

मेले में देश के विभिन्न हिस्सों की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वस्त्र और स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें पंजाब की फुलकारी, जम्मू-कश्मीर की पश्मीना, तेलंगाना के इकत और तेलिया वस्त्र तथा मिजोरम की पुआनचई जैसी पारंपरिक कलाएं शामिल होंगी।

इसके अलावा मीनाकारी, डोकरा कला, पीतल के सामान, लकड़ी की कलाकृतियां, चित्रकला और विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे। मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों के क्षेत्रीय व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए 50 फूड स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

महिला उद्यमियों के लिए विशेष मंडप

मेले में महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बाजार और व्यवसाय से जोड़ने के उद्देश्य से कई विशेष मंडप बनाए जाएंगे।

लखपति दीदी मंडप: इस मंडप में लखपति दीदी पहल और ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता से जुड़ी गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

ज्ञान मंडप: यहां ब्रांडिंग, मार्केटिंग, पैकेजिंग, व्यवसाय विकास और बाजार विस्तार से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि महिला उद्यमी अपने उत्पादों को बेहतर तरीके से बाजार तक पहुंचा सकें।

समन्वय मंडप: इस मंडप के माध्यम से महिला उद्यमियों को विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

डेमो मंडप: यहां पारंपरिक हस्तशिल्प और अन्य उत्पाद बनाने की प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इससे आगंतुकों को कारीगरों के कौशल और उनकी कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा।

‘शक्ति – द स्पिरिट ऑफ लखपति दीदी’ होगी विशेष आकर्षण

मेले में 16 फुट ऊंची विशेष कलाकृति ‘शक्ति – द स्पिरिट ऑफ लखपति दीदी’ भी प्रदर्शित की जाएगी। यह कलाकृति ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास, उद्यमिता और आर्थिक सशक्तीकरण की भावना को दर्शाएगी।

मेले के आयोजन में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) तथा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) का भी सहयोग रहेगा।

ग्रामीण उत्पादों को बाजार से जोड़ने की पहल

राष्ट्रीय सरस मेला 2026 का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के कौशल को व्यवसाय में बदलने, उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आजीविका को मजबूत बनाने के प्रयासों को बढ़ावा देना है। यह मेला देश के विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और विविधता को भी एक मंच पर लाएगा।

इस आयोजन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने, नए खरीदारों तक पहुंचने और अपने व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर मिलेगा।

प्रभात उपाध्याय

 

 


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