संचार मंत्रालय
केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने तीसरी अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी संगोष्ठी 2026 का उद्घाटन किया
भारत 6जी अलायंस ने 6जी टेक्नोलॉजी पर 5 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए और 9 व्हाइट पेपर जारी किए
नई दिल्ली 6जी घोषणापत्र की प्रगति पर संयुक्त रिपोर्ट भी जारी की गई
प्रविष्टि तिथि:
08 OCT 2026 9:32PM by PIB Delhi
आज केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने नई दिल्ली के द्वारका में स्थित यशोभूमि भारत 6जी एलायंस (बी6जीए) की ओर से आयोजित की जा रही तीसरी अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी संगोष्ठी 2026 का उद्घाटन किया।

यह संगोष्ठी अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकियों और भारत की 6जी महत्वाकांक्षाओं के विकास की दिशा में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नीति निर्माताओं, वैश्विक प्रौद्योगिकी सहयोग, दूरसंचार ऑपरेटरों, उद्योग जगत के दिग्गजों, शिक्षाविदों, अनुसंधान संस्थानों और दुनिया भर के अन्य हितधारकों को एक साथ लाती है।
यह उद्घाटन वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, स्वदेशी और विश्वसनीय 6जी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक अहम पड़ाव है। इस दौरान भारत 6जी एलायंस ने पांच नए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के आदान-प्रदान किया और नौ वर्किंग ग्रुप व्हाइट पेपर जारी किए।
वैश्विक और उद्योग जगत सहयोग को मजबूत करने के लिए पांच नए समझौता ज्ञापन
उद्घाटन समारोह के दौरान भारत 6जी अलायंस ने निम्नलिखित के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान कियाः
1.जीएसएमए
2. वन6जी एसोसिएशन
3. जीटीआई एलायंस लिमिटेड
4. 6जी इंडस्ट्री फोरम (6जीआईएफ)
5. वॉइस (आवाज)
ये सहयोग अग्रणी वैश्विक और उद्योग जगत के हितधारकों के साथ भारत 6जी अलायंस के जुड़ाव को और सुदृढ़ करते हैं। साथ ही ये अगली पीढ़ी के नेटवर्क के लिए अनुसंधान, नवाचार, मानक, प्रौद्योगिकी विकास और उसे लागू करने के मामले में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
इन नए सहयोगों के साथ भारत 6जी अलायंस अपनी मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और घरेलू साझेदारियों को और आगे बढ़ा रहा है। अलायंस के पास पहले से ही 10 वैश्विक और 2 घरेलू एमओयू/एमओआई सहयोगीं हैं, जो इसके व्यापक साझेदारी नेटवर्क को 17 नए सहयोगियों तक ले जाते हैं।

नौ नए श्वेत पत्र जारी
भारत 6जी अलायंस ने नौ कार्य समूह श्वेत पत्र भी जारी किए, जो इसके उद्योग जगत, शिक्षाविदों, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के सामूहिक तकनीकी योगदान को दर्शाते हैं।
- भारत में अनुसंधान एवं विकास, प्लैटफार्मों और परीक्षणों के लिए 6जी प्रौद्योगिकी परिदृश्य सर्वेक्षण और रोडमैप
- 6जी के लिए इंटीग्रेटेड सेंसिंग और कम्युनिकेशन (आईएसएसी): टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, एप्लीकेशन और भविष्य की दिशाएं
- फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस: 5जी से 6जी तक भारत का ब्रॉडबैंड बैकबोन
- 6जी के लिए ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी की भूमिका
- 2030 और उसके बाद के लिए आईएमटी स्पेक्ट्रम की तैयारी पर एक नजर
- सस्टेनेबल 6जी: कार्बन नेट जीरो भविष्य के लिए नेटवर्क डिजाइन करना
- सेलुलर और वाईफाई सिनर्जीः समावेशी कनेक्टिविटी के लिए वैश्विक मार्ग
- कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क (सीएनपीएन)
- 6जी के लिए सुरक्षा
ये प्रकाशन भारत की 6जी यात्रा के महत्वपूर्ण तकनीकी और नीतिगत आयामों पर बात करते हैं, जिसमें प्रौद्योगिकी विकास और परीक्षण, स्पेक्ट्रम तैयारी, सेंसिंग और कम्युनिकेशन, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, ऑप्टिकल प्रौद्योगिकियां, सस्टेनेबिलिटी, एंटरप्राइज़ नेटवर्क, वाई-फाई-सेलुलर कन्वर्जेंस और सुरक्षा शामिल हैं।

नई दिल्ली घोषणापत्र पर एक साल की प्रगति
उद्घाटन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण संयुक्त रिपोर्ट का विमोचन थाः 'नई दिल्ली घोषणा के 6जी सिद्धांतों की दिशा में प्रगतिः कार्रवाई, परिणाम और दृष्टिकोण-पहला संस्करण, अक्टूबर 2026'।
यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी संगोष्ठी 2025 में नई दिल्ली घोषणा को मंजूरी मिलने के बाद एक साल पूरा होने का प्रतीक है। साथ ही, यह रिपोर्ट घोषणा में व्यक्त सिद्धांतों को आगे बढ़ाने की दिशा में भाग लेने वाले समझौता ज्ञापन भागीदारों की गई प्रगति, उठाए गए कदमों और परिणामों को दर्शाती है।
नई दिल्ली घोषणा पत्र अनुसंधान, नवाचार और मानकीकरण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर देने के साथ 6जी को एक सुरक्षित, अनुकूल, खुला, अंतरसंचालनीय, समावेशी और स्थायी प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में आगे बढ़ाने के लिए एक साझा ढांचा प्रदान करता है।
प्रगति रिपोर्ट प्रतिभागी भागीदारों के सामूहिक प्रयासों का जायजा लेने और इन सिद्धांतों को साकार करने की दिशा में आगे भी सहयोग बनाए रखने की संभावनाओं की पहचान करने के लिए एक महत्वपूर्ण जरिया है।
वैश्विक 6जी पारिस्थितिकी तंत्र में भारत की बढ़ती भूमिका
संगोष्ठी में घोषित पहलें 6जी के तकनीकी, मानकों और पारिस्थितिकी तंत्र आयामों को आकार देने के लिए भारतीय और अंतरराष्ट्रीय हितधारकों को एक मंच के रूप में लाने के लिए भारत 6जी गठबंधन की भूमिका की पुष्टि करती हैं।
यह अलायंस वैश्विक मानकीकरण, प्रौद्योगिकी विकास, परीक्षणों, बौद्धिक संपदा निर्माण और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी में भारत की भागीदारी का समर्थन करते हुए उद्योग जगत, शिक्षाविदों, अनुसंधान संस्थानों और सरकारी हितधारकों में सहयोग की सुविधा प्रदान करना जारी रखता है।
श्वेत पत्रों का विमोचन, एमओयू नेटवर्क का विस्तार और नई दिल्ली घोषणा पर एक साल की प्रगति रिपोर्ट सामूहिक रूप से वैश्विक 6जी पारिस्थितिकी तंत्र के साथ भारत के जुड़ाव की बढ़ती गति को दर्शाती है।
नई दिल्ली के द्वारका में यशोभूमि में 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी संगोष्ठी 2026 में ग्लोबल 6जी विजन, स्टैंडर्ड्स और टेक्नोलॉजी लीडरशिप, ट्रायल्स और टेस्टबेड्स, एआई-नेटिव और सस्टेनेबल नेटवर्क, स्पेक्ट्रम, इंडस्ट्री एप्लीकेशन और इंटरनैशनल सहयोग पर चर्चा होगी।
भारत 6जी अलायंस अपने सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर एक सुरक्षित, समावेशी, स्थायी और वैश्विक स्तर पर इंटरऑपरेबल 6जी इकोसिस्टम बनाने की दिशा में काम करना जारी रखेगा, जिससे अगली पीढ़ी के टेलीकम्युनिकेशन के वैश्विक विकास में भारत का योगदान और सुदृढ़ होगा।
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(रिलीज़ आईडी: 2321129)
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